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शुक्रवार, 11 जनवरी 2019

एकता परिषद ने 2019 को रचना वर्ष के रूप में घोषित की

डा. रन सिंह परमार के नेतृत्व में सालभर कार्यक्रम रचने को तैयार है एकता परिषदबहुआयामी अनीस के. को राष्ट्रीय स्तर का संयोजन करने का दिया गया प्रभार
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भोपाल,11 जनवरी। एकता परिषद का मुद्दा है जल,जंगल और जमीन। एकता परिषद के संस्थापक पी.व्ही.राजगोपाल के नेतृत्व में जल,जंगल और जमीन आदि मुद्दों को लेकर कई दफे अंहिसात्मक आंदोलन हुआ है जो देश-विदेश-प्रदेश में विख्यात है। एक बार फिर जय जगत यात्रा की तैयारी जारी है। इस बीच संस्थापक पी.व्ही.राजगोपाल ने 2019 को रचना वर्ष घोषित कर राष्ट्रीय स्तर की टीम की घोषणा कर दी है। एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.रन सिंह परमार को  बनाया गया है। बिहार के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप प्रियदर्शी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया हैं। वहीं बहुआयामी राष्ट्रीय संयोजक अनीस के.हैं। इनके साथ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश शर्मा और श्रद्धा कश्यप भी हैं। राष्ट्रीय स्तर के संयोजन कार्य की जिम्मेवारी जिल कार हैरिस को सौंपा गया है। संस्थापक पी.व्ही. राजगोपाल ने कुछ नए लोगों को राष्ट्रीय टीम  में शामिल किए हैं। बिहार से मंजू डुंगडुंग, मध्य प्रदेश से कस्तूरी पटेल और शोभा तिवारी को शामिल किया गया है।

एकता परिषद के संस्थापक पी.व्ही.राजगोपाल ने कहा कि वर्ष 2018 आंदोलन का साल रहा है। डाॅ.रन सिंह परमार की अध्यक्षता वाली एकता परिषद ने 2018 में शानदार ढंग से आंदोलन वर्ष का समापन किया है। अब वर्ष 2019 में भी डाॅ. रन सिंह परमार जी की अध्यक्षता में नवगठित नयी टीम में शानदार का कार्य कर रचना वर्ष 2019 को उच्चतम मुकाम तक पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। जल्द ही प्रत्येक प्रांत में एकता परिषद की नयी टीम गठित होगी। इसकी सूचना मुख्यालय को मिल जाना चाहिए। नयी टीम के माध्यम से गत  साल का आंदोलन के दौरान मिली सफलता को लोगों के बीच में ले जाकर शेयर करना चाहिए। जल,जंगल और जमीन का मुद्दा बनाकर कार्य करने पर बल दिया। कितना जल और जमीन का लाभ मिला है उससे लोगों को अवगत करवाने की जरूरत है। 

इस बैठक में मुख्य निर्णय लिया गया कि सभी कार्यकर्ताओं को जनांदोलन एवं नए साल की शुभकामनाएं का पत्र दिया जाए। जनांदोलन के लिए एकत्रित 2 साल के अनाज का हिसाब और स्टॉक का हिसाब दी जाए। जनांदोलन के चंदे के लिये बांटी गई रसीद बुक का हिसाब। ज्ञापन की प्रतियां जो अलग अलग जिलों में दिए हैं। हस्ताक्षर अभियान की पुस्तकों का हिसाब। राजनीतिक वायदे की सूची । राज्यवार प्रतिभागियों के लक्ष्य एवं वास्तविक उपलब्धि। एकता परिषद के कार्यकर्ताओं की भागीदारी का विश्लेषण।भारत सरकार को दिए गए ज्ञापन की प्रतियां। भूमि आधारित आजीविका के लिए सूची। 150 गांव की सूची जिनको मॉडल गांव के रूप नें विकसित करना।राजनीतिक विश्लेषण।जयजगत यात्रा और आगामी 2019 लोकसभा चुनाव पर व्यापक चर्चा की गयी। 

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