विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 08 जुलाई - Live Aaryaavart

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सोमवार, 8 जुलाई 2019

विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 08 जुलाई

शासकीय विभागों के माध्यम से 74600 पौधों का रोपण होगा
विदिशा जिले में चहुंओर पौधरोपण कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में ऐसे कार्यालय जहां भूमि रिक्त है। उन विभागों के अधिकारियों को कार्ययोजना तय कर पौधरोपण का लक्ष्य स्वंय निर्धारित करने के निर्देश दिए गए थे।  विभागों के माध्यम से रोपित किए जाने वाले पौधो के लिए जिला पंचायत सीईओ श्री मयंक अग्रवाल के नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है पौधो की उपलब्धता वन विभाग के माध्यम से की जा रही है। जिला पंचायत सीईओ श्री अग्रवाल ने बताया कि जिले के विभिन्न विभागों के माध्यम से 74600 पौधे रोपित करने की कार्ययोजना प्राप्त हुई है। उन्हें पौधो की उपलब्धता के पहले निर्धारित साइज में गढडे खनन करने की कार्यवाही सम्पादित करने के निर्देश दिए गए है।
समिति स्तर पर शार्ट गेहूं की राशि प्रबंधकों से वसूली
कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने लंबित आवेदनों की समीक्षा बैठक के दौरान समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय करने वाले किसानो के भुगतान की जानकारी प्राप्त की। कॉ-आपरेटिव बैंक के सीईओ श्री विनय प्रकाश सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैकों के 14 खातो में भुगतान की राशि बेरिफाईड नही होने के कारण लंबित है।  इस दौरान बताया गया कि गेहूं उपार्जन के दौरान 16 किसानों की क्रय उपार्जन में शार्टआउट होने पर संबंधित समिति प्रबंधक से राशि वसूली कर संबंधित किसानों को प्रदाय की जा रही है।
नए भवन में जिला चिकित्सालय को शिफ्ट करने के निर्देश
vidisha news
कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने लंबित आवेदनों की समीक्षा बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिला चिकित्सालय के लिए नवनिर्मित 350 बिस्तरीय अस्पताल भवन में शिफ्ट करने के कार्य सम्पादित किए जाएं। ततसंबंध में वैकल्पिक व्यवस्थाएं की पूर्ति हेतु जिला पंचायत सीईओ नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।  कलेक्टर श्री सिंह ने ग्राम पठारी हवेली में बनाई जाने वाली उन्नत गौ-शाला के संबंध में अब तक हुई कार्यवाही की अद्यतन जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक को भूमि हस्तांतरित अनुबंध प्रस्ताव तैयार कराने के निर्देश दिए है।   कलेक्टर श्री सिंह ने सड़क निर्माण कार्यो को सम्पादित करने वाले विभागों के अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि वर्षाकाल के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना घटित ना हो इसके लिए विभागो के अधिकारी अपनी-अपनी सड़कों का भ्रमण अनिवार्यतः कर लें ताकि वर्षा के दौरान कहा दिक्कत हो सकती है के निदान के प्रबंध सुनिश्चित किए जा सकें इसके अलावा कहां पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से अमला तैनात करना अनिवार्य का चिन्हांकन कर लें।  कलेक्टर श्री सिंह ने बैठक के दौरान जिला मुख्यालय के साथ-साथ तहसील मुख्यालयों पर संचालित किए जा रहे बाढ़ नियंत्रण कक्षों की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम अपने स्तर पर पंचायत सचिवों के अलावा अन्य ग्राम स्तरीय अमले की बैठक आहूत कर उन्हें अभी से निर्देशित करें कि कही बाढ़ की संभावना नजर आती है तो अविलम्ब सूचित करें। उन्होंने पूर्व वर्षो के आधार पर किन-किन क्षेत्रों में वर्षारूपी जल का भराव हो जाता है। उनकी निकासी हेतु क्या प्रबंध किए जाए इसके लिए स्थलवार एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए है। कलेक्टर श्री सिंह ने अनुविभागवारवार वाट्स-एप गु्रप बनाने के निर्देश भी दिए है। उन्होंने वर्षाकाल के दौरान किसी भी प्रकार से जलहानि एवं अन्य क्षति ना हो के लिए तैयार की गई कार्ययोजना की समीक्षा एवं प्रायोग सतत करते रहें। कलेक्टर श्री सिंह ने जर्र-जर्र भवनों को रिक्त कराने, बाढ़ के दौरान पीड़ितों को ठहराने के स्थलों की जानकारी, गोताखोर, नाव, सर्च लाइट के अलावा लाइफ जैकेट के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।  इससे पहले टीएल बैठक में विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि अनुकम्पा नियुक्ति संबंधी प्रकरणों की जानकारी प्रत्येक माह प्रेषित की जानी है अतः विभागों के अधिकारी समय सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए निर्धारित प्रपत्रों में जानकारी अंकित कर जिला कार्यालय को उपलब्ध कराएं।   बैठक में आदर्श महाविद्यालय के लिए आवश्यक भूमि का ग्राम बागरी में चिन्हांकन करने के निर्देश दिए गए है इस दौरान विभिन्न विभागों में लंबित आवेदनो के निराकरण हेतु की गई कार्यवाही की अपडेट जानकारियों संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत की गई। नवीन कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में हुई उक्त बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री मयंक अग्रवाल के अलावा अपर कलेक्टर, समस्त एसडीएम, तहसीलदार एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। क्रमांक 73/अहरवाल
स्थापना संबंधी प्रकरणों के निराकरण हेतु जनसुनवाई आज
कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कर्मचारियों की स्थापना संबंधी प्रकरणों के निराकरण हेतु विशेष जनसुनवाई आयोजित करने के निर्देश प्रसारित किए है।  जिला पंचायत सीईओ श्री मयंक अग्रवाल ने बताया कि स्थापना संबंधी प्रकरणों के निराकरण हेतु विशेष जनसुनवाई शिविर नौ जुलाई को जिला पंचायत के सभागार कक्ष में दोपहर एक बजे से आयोजित किया गया है।  जिपं सीईओ श्री अग्रवाल ने जिले के समस्त कार्यालय प्रमुखों एवं उनके कार्यालय के स्थापना शाखा के लिपिक नियत समय व स्थल पर अपने-अपने कार्यालय की स्थापना संबंधी लंबित प्रकरणो की अद्यतन जानकारियों सहित उपस्थित होने के निर्देश प्रसारित किए गए है।
मुख्यमंत्री कार्यालय सूचित करेगा शिकायतकर्ता को 
जन अधिकार कार्यक्रम में चिन्हित कर शामिल की गई प्रामाणिक शिकायतों के शिकायतकर्ता को शामिल होने के संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा सूचित किया जाएगा। यह शिकायतकर्ता संबंधित जिले के कलेक्टर के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में उपस्थित रहेंगे और मुख्यमंत्री से सीधे संवाद करेंगे। चिन्हित शिकायत के प्रकरणों में आवश्यक अंतिम निराकरण तक अनुश्रवण की कार्यवाही मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा की जाएगी।
जिले के वरिष्ठ अधिकारी अधिकारी उपस्थित रहेंगे 
जन अधिकार कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सभी जिले के कलेक्टरए पुलिस अधीक्षक और जिला स्तर के विभागीय अधिकारी उपस्थित रहेंगे। राज्य स्तर पर जिन विभागों के प्रकरणों को समीक्षा में शामिल किया गया है उनके अपर मुख्य सचिवए प्रमुख सचिव एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित रहेंगे। जन.अधिकार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को समय.समय पर प्राप्त होने वाली शिकायतेंए जन शिकायत निवारण प्रकोष्ठए सीण्एमण् हेल्पलाइन एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त प्रमाणित शिकायतों मंन चिन्हित शिकायतों को समीक्षा में लिया जाएगा। इसकी जानकारी संबंधित विभागों के प्रमुख और प्रभारी अधिकारियों कार्यक्रम दिनांक को दी जाएगी। संबंधित विभागों के अधिकारियों का यह दायित्व होगा कि वे उसी दिन शाम चार बजे के पूर्व उन्हें प्राप्त शिकायतों की विस्तारित जानकारी एवं किए गए निराकरण का तथ्यात्मक प्रतिवेदनीजजचरूध्ध्बउीमसचसपदमण्उचण्हवअण्पद  पोर्टल पर ऑनलाइन फीड करें।
प्रतिमाह द्वितीय मंगलवार होगा जन.अधिकार कार्यक्रम 
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ हर माह के द्वितीय मंगलवार को जन.अधिकार कार्यक्रम में उपस्थित रहकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए लोगों की समस्या और शिकायतों के निराकरण की दिशा में की गई कार्यवाही की समीक्षा करेंगे। माह के द्वितीय मंगलवार को अवकाश रहने पर अगले कार्य.दिवस पर यह कार्यक्रम होगा।
विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई से 11 अगस्त तक मनायेंगें जनसंख्या स्थिरता माह 
विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई से 11 अगस्त तक प्रदेश में जनसंख्या स्थिरता के उद्देश्य से सभी विकासखंड मुख्यालय पर परिवार विकास मेले लगाए जाएंगे। मेले में जन.प्रतिनिधियोंए सामाजिक संगठनों और नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सुश्री छवि भारद्वाज ने जिला कलेक्टरों से कहा कि मेले के सफल आयोजन के लिये अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित करें। जनसंख्या नियंत्रण के लिये कारगर प्रयास करें। उन्होंने बताया कि मिशन द्वारा जिला स्तर पर परिवार विकास मेले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सेवाप्रदाता और प्रेंरकों को स्वतंत्रता दिवस पर प्रशस्ति.पत्र दिये जायेंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा जनसंख्या दिवस की गतिविधियों को दो हिस्सों में क्रियान्वित किया जाएगा। पहले हिस्से में 10 जुलाई तक दम्पत्ति सम्पर्क पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसमें एएनएमए आशा कार्यकर्ता और अन्य मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर.घर सम्पर्क स्थापित कर लक्ष्य दम्पत्ति सर्वे करेंगे। इसमें हितग्राहियों को चिन्हित कर उन्हें स्थाई एवं अस्थायी परिवार नियोजन के साधन अपनाने के लिये प्रेरित करेंगे। आरोग्य केन्द्र में लक्ष्य दम्पत्तियों की सूची प्रदर्शित की जाएगी। गतिविधियों के दूसरे हिस्से में 11 जुलाई से 11 अगस्त जनसंख्या स्थिरता माह के दौरान चिन्हित हितग्राहियों को परिवार नियोजन की सेवाएँ दी जाएंगी। मिशन संचालक ने बताया कि परिवार कल्याण कार्यक्रम में स्थायी साधनों को बढ़ावा देने के लिये प्रेरक और हितग्राहीए दोनों को प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। परिवार विकास वाले जिलों में मिशन द्वारा पुरूष नसबंदी पर हितग्राही को तीन हजार और प्रेरक को चार सौ रुपयेए सामान्य महिला नसबंदी पर हितग्राही को दो हजार और प्रेरक को तीन सौ रुपये तथा प्रसव के बाद सात दिन के अन्दर महिला नसबंदी पर हितग्राही को तीन हजार और प्रेरक को चार सौ रुपये दिये जायेंगे। नान मिशन परिवार विकास वाले जिलों में पुरूष नसबंदी में हितग्राही को दो हजारए प्रेरक को तीन सौए सामान्य महिला नसबंदी में हितग्राही को एक हजार चार सौए प्रेरक को दो सौ और प्रसव के बाद सात दिन के अन्दर महिला नसबंदी पर हितग्राही को दो हजार दो सौए प्रेरक को तीन सौ रुपये दिये जायेंगे। आशा कार्यकर्ता को विवाह के बाद दो वर्ष तक दम्पत्तियों को जन्म में अन्तरए पहली एवं दूसरी संतान के जन्म में तीन वर्ष का अन्तर रखवाने पर पाँच.पाँच सौ रुपये और एक या दो बच्चों वाले हितग्राहियों को स्थायी साधन अपनाने के लिये प्रेरित करने पर एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जायेगी।
योजना का लाभ लेने अब 10 जुलाई तक किसान कर सकेंगे आवेदन
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए जिले के किसान अब दस जुलाई तक संबंधित तहसील कार्यालयों में आवेदन जमा कर सकेंगे। इस योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि को 5 जुलाई से बढ़ाकर दस जुलाई कर दिया गया है।   किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड, परिवार की समग्र आईडी, आईएफएससी कोड सहित बैंक खाता की जानकारी और मोबाइल नंबर सहित निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा। योजना के लिए आवेदन का निर्धारित प्रारूप संबंधित तहसील कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। आवेदन के प्रारूप को वेबसाइट श्रंइंसचनत.दपब.पद से भी डाउनलोड किया जा सकता है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत कृषि भूमि धारित करने वाले कृषक परिवारों को दो-दो हजार रूपए की तीन बराबर किश्तों में प्रतिवर्ष छह हजार रूपए की सम्मान निधि दी जाएगी। सम्मान निधि की यह राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी।
जिला एवं ग्राम स्तर पर उपभोक्ता संरक्षण के लिये विस्तृत कार्य-योजना
उपभोक्ता संरक्षण के लिये ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण सशक्तिकरण योजना और जिला स्तर पर उपभोक्ता क्लब तथा उपभोक्ता मित्र योजना लागू की गयी है। इन योजनाओं के सार्थक क्रियान्वयन में स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जायेगा। संस्थाओं को प्रोत्साहन राशि का भुगतान भी किया जायेगा।  उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-1986 के तहत उपभोक्ता हितों की सुरक्षा, कल्याण और संवर्धन के लिये राज्य सरकार द्वारा विस्तृत कार्य-योजना तैयार की गयी है। उपभोक्ता संरक्षण गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिये वार्षिक कैलेण्डर जारी किया गया है। योजनांतर्गत सतर्कता समितियाँ गठित की जायेंगी, जो ग्राम पंचायतों, ग्राम सभाओं और हाट बाजारों में उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और हितों के संरक्षण के बारे में जागरूक करेंगी। योजना के क्रियान्वयन में सहयोगी स्वयंसेवी संस्थाएँ विभिन्न स्तरों पर उपभोक्ता जागरूकता संबंधी विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित करेंगी।
प्रशिक्षण सह अनुदान कार्यक्रम में शामिल होने 10 तक आवेदन आमंत्रित
कृषि विषय से शिक्षा प्राप्त युवाओं हेतु केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय द्वारा नाबार्ड की सहभागिता से 2 माह की अवधि के प्रशिक्षण सह अनुदान कार्यक्रम में सहभागी बनने के इच्छुक व्यक्तियों से 10 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित हैं ।  साक्षात्कार के माध्यम से चयनित आवेदकों को राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (मैनेज) द्वारा दो माह का निःशुल्क रहवासीय प्रशिक्षण दिया जायेगा । निर्धारित प्रशिक्षण पश्चात योजनांतर्गत अधिकतम 20 लाख रूपये ऋण की सुविधा तथा नाबार्ड पुनर्वित्तपोषण के माध्यम से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति को 44 प्रतिशत तथा अन्य वर्गों को 36 प्रतिशत अनुदान की पात्रता रहेगी। कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, दुग्ध उत्पादन, एग्री क्लीनिक, कस्टम हायरिंग, पॉली हाउस, पशुपालन, पोल्ट्री इत्यादि क्षेत्र में व्यवसाय स्थापना या स्टार्ट अप में रूचि रखने वाले एग्रीकल्चर विषय से हायर सेकेन्डरी अथवा बी.एस.सी, एम.एस.सी उत्तीर्ण युवा इस कार्यक्रम में आवेदन हेतु पात्र हैं। नये दिशा-निर्देशानुसार इस वर्ष से वनस्पति विज्ञान, प्राणिविज्ञान तथा रसायन विज्ञान विषय से बी.एस.सी अथवा उच्च शिक्षित युवा भी आवेदन कर सकते हैं। इस संबंध में अधिक और विस्तृत जानकारी हेतु शरद मिश्रा नोडल अधिकारी उद्यमिता विकास केन्द्र मध्यप्रदेश (सेडमैप) 16-ए अरेरा हिल्स भोपाल से कार्यालयीन समय पर दूरभाष क्रमांक 0755-2575256 या मोबाइल नंबर 9893663843 पर संपर्क करें।
पिछड़ा वर्ग पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित
पिछडा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनांतर्गत छात्रवृत्ति पोर्टल 2.0 में शैक्षणिक सत्र 2018-19 के लिए विद्यार्थियों द्वारा ऑनलाईन छात्रवृत्ति आवेदन भरने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2019 निर्धारित की गई है। पिछड़ा वर्ग कल्याण के सहायक कल्याण श्री एएस कुरैशी ने बताया कि जिन विद्यार्थियों द्वारा छात्रवृत्ति के आवेदन ऑनलाईन नहीं भरे गये है उन्हें निर्धारित समयावधि में अनिवार्य रूप से नियमानुसार एवं पात्रतानुसार ऑनलाईन आवेदन भर कर अपनी अध्ययनरत संस्था में प्रस्तुत करने कहा गया है।
प्रेक्षक श्री प्रदीप खरे नियुक्त
उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री प्रवीण प्रजापति ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा श्री प्रदीप खरे को प्रेक्षक नियुक्त किया है। श्री खरे का संपर्क मोबाइल नम्बर 9425085107 है। प्रेक्षक श्री खरे से उल्लेखित मोबाइल नम्बर कार्यालयीन दिवसों, अवधि में निर्वाचन के परिपेक्ष्य में सम्पर्क कर चर्चा की जा सकती है।
प्रेक्षक से कलेक्टर ने की सौजन्य भेंट
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त श्री प्रदीप खरे से आज कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने उप जिला निर्वाचन कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। प्रेक्षक श्री खरे ने निर्वाचन संबंधी खासकर मतदाता सूची के संबंध में सम्मिलित बिन्दुओें को टीएल बैठक में शामिल करने का सुझाव दिया है।
अचल संपत्ति से संबंधित गाइडलाईन में 20 प्रतिशत की कमी 
मध्यप्रदेश शासन वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा स्टाम्प शुल्क का युक्तयुक्तिकरण किये जाने के संबंध में विदिशा जिले की अचल संपत्ति से संबंधित मार्गदर्शक सिद्धान्त (गाईडलाईन) पर 20 प्रतिशत की कमी एवं कई प्रकार के परिवर्तन किये गये है। के आश्य का पत्र कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के द्वारा जिला स्तर पर जारी किया जा चुका है। कि जानकारी देते हुए जिला पंजीयक श्री उपेन्द्र झा ने बताया कि परिवर्तन संबंधी विस्तृत जानकारी जिला पंजीयक कार्यालय विदिशा, उप पंजीयक कार्यालय विदिशा एवं मध्यप्रदेश मुद्रांक एवं पंजीयन विभाग की बेवसाइटूूण्उचपहतण्हवअण्पद से प्राप्त कर सकते है।

नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु आज से शुरू होगा जन अधिकार कार्यक्रममुख्यमंत्री श्री कमल नाथ हर माह द्वितीय मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंस से करेंगे समीक्षा
प्रदेश की आम जनता की समस्याओं, शिकायतों के सुनिश्चित और संतोषजनक समाधान के लिए राज्य सरकार जन-अधिकार कार्यक्रम शुरू करेगी। मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ के निर्देश पर यह कार्यक्रम प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को होगा। इसमें वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों से रू-ब-रू होकर मुख्यमंत्री लोगों की दिक्कतों का समाधान करेंगे। मुख्यमंत्री इस माह के द्वितीय मंगलवार 9 जुलाई को जन-अधिकार कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने पूर्व में चल रहे समाधान ऑनलाइन, सी.एम. हेल्पलाइन एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम की समीक्षा करते हुए इनके परिणाम संतोषप्रद न होने पर ऐसा संवाद आधारित कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए थे, जिससे लोगों की समस्याओं और शिकायतों का त्वरित संतोषप्रद और सुनिश्चित निराकरण हो सके। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राज्य शासन ने सी.एम. हेल्पलाइन एवं लोकसेवा गारंटी अधिनियम के जरिए दी जाने वाली सेवाओं की समीक्षा के लिए यह कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। नये कार्यक्रम की मूल अवधारणा प्रदेश की जनता की प्रमाणिक सद्भावनापूर्ण शिकायतों और समस्याओं का निराकरण होना उनका अधिकार है। इस अधिकार के संरक्षण एवं समर्थन के लिये वर्तमान राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
प्रतिमाह द्वितीय मंगलवार होगा जन-अधिकार कार्यक्रम
मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ हर माह के द्वितीय मंगलवार को जन-अधिकार कार्यक्रम में उपस्थित रहकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए लोगों की समस्या और शिकायतों के निराकरण की दिशा में की गई कार्यवाही की समीक्षा करेंगे। माह के द्वितीय मंगलवार को अवकाश रहने पर अगले कार्य-दिवस पर यह कार्यक्रम होगा। जन-अधिकार कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सभी जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और जिला स्तर के विभागीय अधिकारी उपस्थित रहेंगे। संभागीय मुख्यालयों पर आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक और संभाग स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहेंगे। राज्य स्तर पर जिन विभागों के प्रकरणों को समीक्षा में शामिल किया गया है उनके अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित रहेंगे। जन-अधिकार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को समय-समय पर प्राप्त होने वाली शिकायतें, जन शिकायत निवारण प्रकोष्ठ, सीएम हेल्पलाइन एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त प्रमाणिक शिकायतों में चिन्हित शिकायतों को समीक्षा में लिया जाएगा। इसकी जानकारी संबंधित विभागों के प्रमुख और प्रभारी अधिकारियों को कार्यक्रम दिनांक को दी जाएगी। संबंधित विभागों के अधिकारियों का यह दायित्व होगा कि वे उसी दिन शाम 4 बजे के पूर्व उन्हें प्राप्त शिकायतों की विस्तारित जानकारी एवं किए गए निराकरण का तथ्यात्मक प्रतिवेदन ऑनलाइन फीड करें।
मुख्यमंत्री कार्यालय सूचित करेगा शिकायतकर्ता को
कार्यक्रम में चिन्हित कर शामिल की गई प्रामाणिक शिकायतों के शिकायतकर्ता को शामिल होने के संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा सूचित किया जाएगा। यह शिकायतकर्ता संबंधित जिले के कलेक्टर के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में उपस्थित रहेंगे और मुख्यमंत्री से सीधे संवाद करेंगे। चिन्हित शिकायत के प्रकरणों में आवश्यक अंतिम निराकरण तक अनुश्रवण की कार्यवाही मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा की जाएगी।
योजनाओं के क्रियान्वयन और सम-सामयिक विषयों पर भी करेंगे चर्चा मुख्यमंत्री
राज्य शासन द्वारा सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और जिला कलेक्टरों से कहा गया है कि मुख्यमंत्री जन-अधिकार कार्यक्रम में सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन और सम-सामयिक महत्व के विषयों पर भी चर्चा करेंगे। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे सभी आवश्यक जानकारी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में उपस्थित रहेंगे।
जिला स्तरीय विवेकानन्द नशामुक्ति पुरस्कार हेतु प्रविष्टियां 30 अगस्त तक आमंत्रित
जिला स्तरीय विवेकानन्द नशामुक्ति पुरस्कार वर्ष 2019-20 प्रदाय करने हेतु जिला स्तरीय नशामुक्ति ग्राम पंचायत, समाजसेवियों तथा स्वैच्छिक संगठन आदि के लिए प्रविष्टि समाजसेवी द्वारा स्वयं उसकी ओर से उनके सेवा कार्य से सुपरिचित व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत की जा सकेगी। यह प्रविष्टि 30 अगस्त तक प्रस्तुत कर सकेंगे। उप संचालक सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण ने बताया कि नशा मुक्ति पुरूस्कार के लिए किए जाने वाले आवेदन में नशामुक्ति के क्षेत्रों में उनके द्वारा किये गये सेवा कार्यो की विस्तृत जानकारी होना चाहिए तथा उत्कृष्ट सेवा कार्य के विषय में कहा कोई प्रतिवेदन प्रकाशित हुआ हो तो उसके विवरण सहित प्रतिवेदन की प्रतिलिपि दें। साथ ही नशामुक्ति के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य के संबंध में प्रख्यात पत्र , पत्रिकाओं तथा संस्थाओं द्वारा की गई टिप्पणियों का सत्यापित छाया प्रतिलिपियां हो तथा पूर्व में यदि कोई पुरस्कार मिला हो तो उसका विवरण तथा चयन होने की दशा में पुरस्कार स्वीकार करने की लिखित सहमति होना आवश्यक है।
‘‘आपकी सरकार आपके द्वार‘‘ योजना 1 अगस्त से शुरू होगी
प्रदेश के नागरिकों विशेष रूप से ग्रामीण रहवासियों की समस्याओं के निराकरण और विकास के सुझावों पर अमल के लिये आगामी 1 अगस्त से ‘‘आपकी सरकार आपके द्वार‘‘ की शुरूआत हो रही है। इसके अंतर्गत जिला स्तर पर कलेक्टर प्रत्येक तीन माह के लिये ग्राम भ्रमण और शिविर निर्धारित कर हर माह दो भ्रमण कार्यक्रम और शिविर लगवायेंगे, जिसकी जानकारी जिले के सभी जन-प्रतिनिधियों को दी जायेगी। शिविर के लिये विकासखण्ड मुख्यालय या विकासखण्ड के ऐसे गाँव का चयन किया जायेगा, जहाँ साप्ताहिक बाजार या हाट भरता हो।
विस्तृत दिशा-निर्देश जारी
राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, कमिश्नरों, कलेक्टरों को इस बारे में विस्तृत निर्देश भेजे हैं। निर्देशों में कहा गया है कि समय और धन के अप-व्यय को रोकने के लिये गाँव के आकस्मिक भ्रमण और एक समय-सारणी के अनुसार विकासखण्ड मुख्यालयों पर शिविर लगाये जायें। विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का निरीक्षण कर प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित की जाये। इन प्रयासों से शासन-प्रशासन को ग्रामीण नागरिकों के अधिक नजदीक ले जाने में आसानी होगी।
ग्राम भ्रमण होगा और विकासखण्ड शिविर लगेंगे
आपकी सरकार आपके द्वार के प्रथम भाग में चयनित विकासखण्ड के एक गाँव का चयन कर आम जनता से सीधे संबंध वाले विभागों के सभी जिला अधिकारी एक ही वाहन में ग्राम तक पहुँचकर शासकीय योजनाओं का जायजा लेंगे। भ्रमण वाले गाँव का नाम गोपनीय रहेगा। भ्रमण में गाँव की सभी संस्थाओं का निरीक्षण किया जायेगा। इन संस्थाओं में स्कूल, आँगनवाड़ी केन्द्र, राशन की दुकान, अस्पताल, ग्राम पंचायत का दफ्तर शामिल हैं। भ्रमण सुबह 9 से दोपहर एक बजे तक रहेगा। इसके बाद दोपहर 2 बजे से विकासखण्ड स्तरीय शिविर लगेंगे। शिविर में कलेक्टर सहित भ्रमण करने वाले जिला अधिकारी शामिल रहेंगे।
14 विभागों के जिला अधिकारी शामिल होंगे शिविरों में
जिले के मंत्रियों और विधायकों से सम्पर्क कर शिविरों की रूपरेखा तिथिवार तय की जायेगी। कलेक्टर शिविर की सभी व्यवस्थाएँ करेंगे। प्रत्येक मंत्री और विधायक एक माह में कम से कम दो विकासखण्ड शिविरों में मौजूद रहेंगे। आमजन से अधिक संबंध वाले, राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन, ऊर्जा, आदिम जाति कल्याण, अनुसूचित जाति कल्याण, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, किसान-कल्याण और कृषि विकास, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, स्कूल शिक्षा, जल-संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, सहकारिता और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभागों के जिला स्तर के अधिकारी शिविरों में आवश्यक रूप से हिस्सा लेंगे।
शिविरों में होगा समस्याओं का निराकरण
शिविर में आने वाले आवेदक समस्याओं का तत्काल निराकरण प्राप्त करेंगे। जिन आवेदनों का तुरंत निराकरण संभव नहीं होगा, उसके संबंध में आवेदक को सूचित किया जायेगा। एक समय-सीमा में निराकरण का कार्य किया जायेगा। शिविरों को दिखावे से दूर रखकर व्यवस्थित ढंग से लगाने और आमतौर पर उसी दिन समस्या हल करने को प्राथमिकता दी जायेगी। शिविर में आवेदकों के लिये सुविधाजनक प्रतीक्षालय का इंतजाम भी किया जायेगा। कलेक्टर द्वारा शिविर के संबंध में मुनादी एवं अन्य उपायों से भी ग्रामीणों तक सूचना पहुँचाने का कार्य किया जायेगा। संभागीय कमिश्नर भी शिविरों में सुविधानुसार मौजूद रहेंगे। शिविर पूर्ण हो जाने पर राज्य सरकार को विस्तृत प्रतिवेदन भेजा जायेगा।
दस्तक अभियान के सर्वे में कोई भी बच्चा छूटे नहीं  कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए निर्देश
प्रदेश में दस्तक अभियान गत 10 जून को प्रारंभ हुआ था, जो कि 20 जुलाई तक जारी रहेगा। इस अभियान के तहत आँगनवाड़ी, एएनएम और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में प्रमुख बाल्यकालीन बीमारियों की सामुदायिक स्तर पर सक्रिय पहचान कर उनका त्वरित प्रबंधन कर रही है, ताकि बाल-मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सके। दस्तक अभियान लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और महिला-बाल विकास विभाग संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में दस्तक अभियान की अब तक की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अब तक की प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया तथा कम प्रगति वाले विकासखण्ड लटेरी, सिरोंज और ग्यारसपुर के विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारियों तथा स्वास्थ्य विभाग के विकासखण्ड परियोजना प्रबंधकों को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही प्रगति में सुधार नही होगा तो उनके विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि सर्वे करके गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों तथा कुपोषित बच्चों को चिन्हित किया जाये तथा उनके समुचित उपचार की व्यवस्था की जाये।  कलेक्टर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तरीय अधिकारियों व सभी विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारियों को भी समय समय पर ग्रामीण क्षेत्र का दौरा कर दस्तक अभियान के सर्वे का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सर्वे के बाद प्राप्त जानकारी की डाटा एन्ट्री कार्य की प्रगति पर भी असंतोष व्यक्त किया तथा अतिरिक्त कम्प्यूटर व डाटा एन्ट्री ऑपरेटर्स की व्यवस्था कर इस कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारी को भी दस्तक अभियान की कम प्रगति के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर सिंह ने सभी बीएमओ से कहा कि वे दैनिक प्रगति की रिपोर्ट वॉटसअप के माध्यम से नियमित रूप से भेजे। उन्होंने डायरिया व निमोनिया जैसी बीमारियों से पीड़ित बच्चों के कम चिन्हांकन पर भी नाराजगी व्यक्त की तथा कहा कि सभी बच्चों का बारीकी से स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए उनकी बीमारियों की जानकारी प्राप्त करें तथा उसके उपचार की व्यवस्था भी की जाये।   क्रमांक 89/अहरवाल
सीएम हेल्पलाईन प्रोफाइल अपडेट करें-कलेक्टर
कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने जिले के समस्त कार्यालय प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक विभाग के अन्तर्गत एल-1 एवं एल-2 स्तर पर पदस्थ अधिकारी की पदस्थापना में कोई परिवर्तन हुआ है तो यूजर पासवर्ड से लॉगिन होकर प्रोफाइल चेंज आप्सन पर क्लिक करें। इसके उपरांत अधिकारी का नाम, मोबाईल नम्बर, ईमेल तथा फोटो प्रोफाइल अपडेट कर लें। अपडेट की सूचना सहित जानकारी की एक प्रति लोक सेवा प्रबंधन प्रकोष्ठ कलेक्टर कार्यालय को भेजें। इस कार्य में किसी प्रकार की समस्या होने की स्थिति पर श्री अमित अग्रवाल जिला प्रबंधक लोक सेवा एवं नोडल अधिकरी सीएम हेल्पलाईन से सम्पर्क कर सकते हैं।

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