बिहार : पटना की रेशमा प्रसाद राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद की सदस्य बनी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 23 अगस्त 2020

बिहार : पटना की रेशमा प्रसाद राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद की सदस्य बनी

reshm-ntional-trans-gender-presidentपटना, 23 अगस्त. पटना की रेशमा प्रसाद राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद की सदस्य बनी है. राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद का गठन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से संसद द्वारा पारित एक्ट के अंतर्गत हुआ है।.परिषद की सदस्यता में देश भर से 9 लोगों का चयन हुआ है. इसमें पटना की समाजसेवी रेशमा प्रसाद को भी मौका दिया गया है.राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद का गठन  सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत नामित सदस्यों का नाम है लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, मीरा परीदा, गोपी शंकर, साना माचा,आर्यन पाशा, रेशमा प्रसाद,विहान पितांबर,पटेल चंदुभाई गणेश दास (गैर किन्नर)है. रेशमा पिछले 8 साल से ट्रांसजेंडर मुद्दों पर काम कर रही हैं. सुप्रीम कोर्ट से ट्रांसजेंडर को अधिकार दिलाने और बिहार में किन्नर महोत्सव कराने का श्रेय रेशमा को ही दिया जाता है.


3 साल पहले बिहार के उद्योग विभाग में पटना की ट्रांसजेंडर रेशमा प्रसाद के एनजीओ 'दोस्ताना सफर' को 'नाच बाजा डॉट कॉम' नाम से अपना स्टार्टअप चलाने के लिए 10 लाख का अनुदान भी दिया था. इस वेबसाइट के माध्यम से देशभर के लोग अपने यहां शादी-विवाह, जन्मदिन, गोद भराई जैसे घरेलू उत्सवों के लिए ट्रांसजेंडर समुदाय से सीधे संपर्क कर लेते हैं. लोग अपने कार्यक्रमों की ऐप के जरिए ऑनलाइन बुकिंग कर लेते हैं. प्रोग्राम से मिलने वाली राशि में से 100 रुपये 'नाच बाजा डॉट कॉम' चलाने के लिए दे दिए जाते हैं. 2 साल पहले दिल्ली में आयोजित स्टार्टअप एक्सपो के 400 स्टाल के बीच रेशमा के इस स्टार्टअप ने निवेशकों को हैरत में डाल दिया था. रेशमा का दावा है कि यह देश का पहला यूनिक ट्रांसजेंडर स्टार्टअप है. रेशमा के अनुसार यूनिक बिजनेस मॉडल वाला यह 'नाच बाजा डॉट कॉम' ट्रांसजेंडर समुदाय को अपनी कलाओं के प्रदर्शन के माध्यम से सम्मानजनक जीवन में सहायक बना रहा है. रेशमा इस स्टार्टअप के माध्यम से विदेशों तक अपने समुदायों के लोगों के साथ इस तरह के बिजनेस अनुभव साझा करना चाहती हैं. इस समय इस स्टार्टअप के माध्यम से बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित दक्षिणी राज्यों के अच्छे शास्त्रीय गायक,नृत्यांगना से लेकर वाद्य यंत्र बजाने वाले हजारों कुशल ट्रांसजेंडर जुड़ चुके हैं. इसके माध्यम से उन्हें सैकड़ों उत्सवों तक सीधे पहुंच जाने का अवसर मिल रहा है. दोस्ताना सफर की सचिव रेशमा प्रसाद ने सीएम नीतीश कुमार से आग्रह किया है कि थर्ड जेंडर का भी सही ढंग से सर्वे कराने को कहा है.रेशमा प्रसाद ने किन्नरों के लिए दो फीसदी आरक्षण तथा टोला सेवकों की तरह अनुमंडल स्तर पर नियुक्ति की भी मांग की. कैसे गठित होता है राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद ट्रांसजेनिक व्यक्तियों और विधान संबंधी सरकार को परामर्श देने के लिए एक राष्ट्रीय ट्रांसजेनिक परिषद बनाती है राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद

•  परिषद के अध्यक्ष केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री होते है
•  सामाजिक न्याय राज्यमंत्री इसके अध्यक्ष है
•  इसके सदस्यों में सामाजिक न्याय मंत्रालय की सचिव
•  स्वास्थ्य,  गृह मंत्रालयो,  आवास
•  मानव संसाधन विकास से संबंधित मंत्रालयों के प्रतिनिधि भी शामिल होते है
•  राज्य सरकारों को भी प्रतिनिधित्व दिया जाता है
•  परिषद में ट्रांसजेंडर समुदाय के 5 सदस्य और  गैर सरकारी सदस्य के पांच विशेषज्ञ भी शामिल होते
•  यह परिषद ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के संबंध में नीतियां, विधान और योजनाएं बनाने और उनका निरीक्षण करने के लिए केंद्र सरकार को सलाह देती
•  यह ट्रांसजेंडर लोगों की शिकायतों का निवारण भी करती है

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