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रविवार, 30 अगस्त 2020

शिवराज ने कहा - हम सभी को सुरक्षित निकालेंगे

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भोपाल, 30 अगस्त, कोरोना संकट के बीच मध्यप्रदेश में बाढ़ की स्थिति ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। राज्य के 52 में से कम से कम एक दर्जन जिले प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट के माध्यम से कहा कि वे और उनका पूरा प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में लगे हुए हैं। राहत एवं बचाव कार्य रात्रि में भी जारी रहा। यह राहत की बात है कि बाढ़ प्रभावित 12 जिलों के 411 गांवों में हमने एक भी जान का नुकसान नहीं होने दिया। आठ हजार लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। श्री चौहान ने कहा कि आज सुबह उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा कर पूरी स्थिति की जानकारी दी है। उनका स्नेहपूर्ण समर्थन, सहयोग और आशीर्वाद मिल रहा है। 



श्री चौहान के अनुसार रात को उन्होंने सेना के पांच हेलिकॉप्टर मांगे थे, तीन सुबह पहुंच चुके हैं और दो और पहुंच रहे हैं। इससे बचाव कार्य में तेजी आयेगी। उन्होंने बताया कि सीहोर जिले के सोमालवाड़ा से फंसे सभी भाई-बहनों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। एयरलिफ्ट करने का ऑपरेशन रायसेन जिले के भौंती गांव से प्रारम्भ हो गया है। रायसेन के विभिन्न क्षेत्रों में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सेना के दक्ष जवानों को भेजा गया है और हम सभी को सुरक्षित निकाल लेंगे। मध्यप्रदेश में पिछले दो तीन दिनों से जारी लगातार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण कम से कम एक दर्जन जिलों में बाढ़ की स्थिति बन गयी है। हालाकि अभी तक बाढ के कारण एक भी जनहानि नहीं हुयी है। हालाकि हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हालाकि संपत्ति को नुकसान अवश्य हुआ है। सरकार की प्राथमिकता फिलहाल जनहानि रोकना है। राज्य स्तर पर नियंत्रण कक्ष मुख्यमंत्री निवास पर भी बनाया गया है और श्री चौहान स्वयं रात्रि में राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी करते रहे। वे अधिकारियों को लगातार आवश्यक दिशानिर्देश दे रहे हैं। इसके पहले इस तरह की बाढ़ राज्य में वर्ष 1999 में आयी थी। उस समय भी नर्मदा नदी के किनारे बसे गांवों और कस्बों में बाढ़ ने जमकर कहर ढाया था।

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