सरकार जिद्दी रवैया छोड़े : टिकैत - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 17 दिसंबर 2020

सरकार जिद्दी रवैया छोड़े : टिकैत

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बागपत (उप्र), 17 दिसम्बर, दिल्ली के लिए रवाना हुए भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि सरकार को अपनी जिद छोड़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार हठधर्मिता अपना रही है।टिकैत बृहस्पतिवार को गाजीपुर बॉर्डर पर होने वाली पंचायत में शामिल होने के लिए अपने काफिले के साथ निकले थे। उन्होंने दिल्ली रवाना होने से पहले बड़ौत में खाप चौधरियों के साथ बैठक की। इस मौके पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘‘आज किसानों के आंदोलन को 21 दिन हो चुके हैं, किसान सर्दी के मौसम में खुले आसमान के नीचे पड़े हैं, लेकिन सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार चाहती है कि किसानों में टकराव पैदा हो। किसान टकराव नहीं चाहते, वे अपनी समस्याओं का समाधान चाहते हैं। सरकार इस मामले को मामूली मानकर चल रही है जबकि यह गंभीर मामला है। अगर सरकार दो कदम पीछे हटे तो किसान भी आपसी सहमति पर आगे कदम बढ़ाएंगे।’’ बड़ौत में चौधरी सुरेंद्र सिंह के आवास पर देशखाप के थांबेदारों की बैठक हुई। चौधरी सिंह ने बताया कि औद्योगिक पुलिस चौकी पर आंदोलन को चौबीसी खाप छपरौली के चौधरी सुभाष और पंवार खाप के चौधरी धर्मवीर सिंह ने भी समर्थन दिया है। जिले की जनभावना को देखते हुए बड़ौत में आंदोलन शुरू करेंगे। गौरतलब है कि खाप व्यवस्था का शब्द है। देशखाप 84 गांव की है। व्यवस्था संचालन के लिए इन 84 गांवों को टुकड़ों में बांटकर उन पर एक-एक चौधरी बनाया जाता है, जिसे थांबेदार कहा जाता है। देशखाप चौरासी के थांबे किशनपुर बिराल, बावली, बिजरौल, बामनौली, हिलवाड़ी, पट्टी मेहर बड़ौत और मलकपुर हैं।

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