बिहार : नौजवान घर छोड़कर बाहर रहने को मजबूर - Live Aaryaavart

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शनिवार, 27 फ़रवरी 2021

बिहार : नौजवान घर छोड़कर बाहर रहने को मजबूर

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पटना. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अप्रैल 2016 से ही राज्य में शराब की बिक्री एवं उपभोग पर पाबंदी लगा रखी है.आज उन्होंने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि सूबे में शराबबंदी में किसी तरह की ढिलाई करने का सवाल ही नहीं उठता है.इसे मैंने अपने हित में थोड़े ही लागू किया है.इसको लागू करने से 90 प्रतिशत लोग खुश है.केवल 10 प्रतिशत लोग ही इधर-उधर की बात करते हैं.इससे और सख्ती से लागू और पालन करवाया जाएगा. मालूम हो कि बिहार में इन दिनों शराबबंदी को लेकर सियासत गरमायी हुई है.कैमूर,गोपालगंज,मुजफ्फरपुर और रोहतास जिले में जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत हो रही है और आंखों की रोशनी खो रहे है. बिहार में जारी शराबबंदी के बीच कैमूर में जहरीली शराब पीने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति की हालत गंभीर बनी हुई है. मृतकों में सदर थाना क्षेत्र के कुड़ासन गांव के 55 वर्षीय रामकेशी चंद्रवंशी व 20 वर्षीय लालमोहर बिंद तथा शिवपुरा गांव के 31 वर्षीय चंद्रिका पासवान शामिल हैं. हालांकि पुलिस ने तीन लोगों की मौत की पुष्टि जरूर की है, लेकिन जहरीली शराब पीने से मौत होने के मुद्दे पर उसका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही घटना का कारण स्पष्ट हो सकेगा. गोपालगंज जिले के विजयीपुर थाने के मठिया गांव में जहरीली शराब पीने से दो लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है.परिजन आनन-फानन में दोनों को इलाज के लिए लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र विजयीपुर पहुंचे.वहीं दो लोगों के आंखों की रोशनी गायब होने की सूचना मिलने के बाद फिर एक बार तीसरे दिन जिला प्रशासन की नींद उड़ गई. वरीय पदाधिकरियों के आदेश के बाद हथुआ एसडीओ, एसडीपीओ, विजयीपुर बीडीओ, सीओ व थानाध्यक्ष काफी संख्या में पुलिस बल के साथ विजयीपुर पीएचसी में पहुंचे.इसके बाद उनका बयान दर्ज किया.डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार करने के बाद उनकी हालत गंभीर देखकर बेहतर इलाज के लिए उन्हें देवरिया रेफर कर दिया. बता दें कि इससे पहले बुधवार व गुरुवार को भी विजयीपुर में झारखंड के तीन व स्थानीय दो लोगों यानि कुल पांच लोगों की संदिग्ध स्थिति में मौत हो चुकी है.इस मामले में विजयीपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार व चौकीदार अमरेश यादव को तत्काल प्रभाव से एसपी ने सस्पेंड कर दिया है. मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड के दरगाह टोला में जहरीली शराब पीने से 5 लोगों की मौत हो गई है. परिजनों ने शराब पीने की पुष्टि की है. मरने वालों में 4 लोग दलित परिवार से हैं. इससे पहले गोपालगंज में जहरीली शराब पीने से 2 लोगों की मौत होने की बात कही गई थी, जबकि दो लोगों के आंखों की जाने की खबर मिली थी. हालांकि दोनों मृतकों के शव का अंतिम संस्कार बिना पोस्टमार्टम के ही कर दिया गया. 


बिहार के रोहतास (Rohtas) के करगहर और परसथुआ इलाके में पिछले दो दिनों में चार लोगों की संदिग्ध रूप से मौत से हड़कंप मचा हुआ है. जबकि दो लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है. वहीं, अंधे हो चुके एक शख्स ने शराब पीने की बात स्वीकारी है. हालांकि किसी की मौत का प्रशासनिक रूप से स्पष्ट कारण अब तक नहीं पता चला है. वैसे इलाके में ऐसी चर्चा है कि यह जहरीली शराब (Poisonous Liquor) के सेवन से जुड़ा हुआ मामला है. शराबबंदी को लेकर विपक्ष विधानसभा के अंदर और बाहर सीएम नीतीश को घेरने के लिए कोई मौका नहीं गंवाना चाहती है.इस बीच सत्ता पक्ष की ओर से भी शराबबंदी को लेकर सीएम नीतीश को निशाना बनाया जाता रहा है. ऐसे में मुख्यमंत्री नीतीश ने शुक्रवार को स्पष्ट कहा है कि किसी के नजदीकी वाला कोई भी आदमी शराब के मामले में गड़बड़ी करता है तो उसे सीधे अंदर करें. उक्त बातें पुलिस सप्ताह के अवसर पर बीएमपी5 में आयोजित समारोहिक परेड में बतौर मुख्य अतिथि सीएम नीतीश कुमार ने कहीं.उन्होंने कहा कि शराबबंदी से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ गंभीर कार्रवाई हो रही है. अप्रैल 2016 से जनवरी 2021 तक 255111 मामले दर्ज हुए हैं.सीएम ने कहा कि शराबबंदी में शिथिलता बरतने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई हो रही है.पुलिस और मद्य निषेध के 619 कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही, 348 पर एफआईआर और 186 कर्मियों को बर्खास्त किया गया.60 पुलिस अधिकारी थानेदार बनने से वंचित हुए हैं. कहा कि शराबबंदी में मेरा कोई स्वार्थ नहीं है, लोगों के हित में मैं इसे छोड़ने वाला नहीं हूं. कुछ लोग अपने आप को बड़ा ज्ञानी समझते हैं पर लिखते गड़बड़ हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि 90% लोग अच्छे हैं महज 10% इधर से उधर में रहते हैं.सीतामढ़ी की घटना पर उन्होंने कहा कि पुलिस पहुंची तो धंधा करने वालों ने गोली चला दी.हमेशा पुलिस को टीम में भेजें, इक्का-दुक्का ना जाएं.उन्होंने कहा, शराब बीमारियों और मौत का बड़ा कारण है. बिहार विधान सभा के बाहर राजद विधायक मुकेश रौशन (Mukesh Raushan) व भाई वीरेंद्र (Bhai Virendra) ने शराबबंदी पर बिहार सरकार को घेरा. उन्होंने जहरीली शराब व पुलिस अफसर की शराब माफिया से एनकाउंटर में मौत के मामले में आवाज उठायी. आपको बता दें कि दो दिनों पूर्व रोहतास में जहां शराब पीने से दो लोगों की आंखों की रोशनी चली गयी थी. वहीं, गोपालगंज व मुजफ्फरपुर में भी 5 लोगों की मौत के पीछे जहरीली शराब का ही मामला आ रहा है. राजद विधायक मुकेश रौशन ने कहा कि शराबबंदी राज्य में पूरी तरह विफल है. लोगों के घरों में शराब की होम डिलीवरी हो रही है. सीतामढ़ी में पुलिस इंस्पेक्टर की शराब तस्करों ने हत्या कर दी. लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हो जा रही है. वहीं, भाई वीरेंद्र ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाये. उन्होंने कहा कि शराबबंदी केवल कागजों पर है. एनडीए के रसूखदार नेता की मिली भगत से शराब की सप्लाई हो रही है. लोग जहरीली शराब पीने से अंधे हो जा रहे हैं. कई लोग मर गये हैं. ऐसे में सरकार काे इस पर सख्त कानून बनाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार ने नियम बनाया था कि शराब जब्त होने पर घर का मुखिया जेल जायेगा. सूबे में लगातार शराब जब्त हो रही है. ऐसे में स्वयं सीएम नीतीश कुमार को जेल जाना चाहिए.


इस बीच पटना के दीघा पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कुर्जी बालूपर स्थित एक घर में छापेमारी कर एक शख्स को गिरफ्तार किया. पुलिस ने मौके से दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, दर्जनों कारतूस सहित सैकड़ों लीटर शराब भी बरामद की. बता दें कि दीघा थाना के प्रभारी राजेश कुमार सिन्हा को एक गुप्त सूचना मिली थी कि उनके क्षेत्र में शराब माफियाओं द्वारा हजारों लीटर देसी और विदेशी शराब की खपत कराई जा रही है. उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुर्जी बालूपर स्थित इलाके के एक घर में छापेमारी की. छापेमारी होता देख वहां हड़कंप मच गया. पुलिस को देखते ही कुछ माफिया भागने में सफल रहे. वहीं पुलिस ने एक भागते हुए शख्स को दबोच लिया. वर्तमान थाना प्रभारी राजेश कुमार सिन्हा ने अभी हाल ही में दीघा थाना ज्वाइन किया था. तबसे लेकर उन्होंने आजतक क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीकों से पेट्रोलिंग बढ़ा दी है. कुछ अपराधियों को जेल भी पहुंचाने का कार्य किया है. इसके चलते क्षेत्र में रहने वाले लोग काफी बेहतर और सुकून से रह रहे हैं. बहरहाल, गिरफ्तार शख्स को पुलिस ने जेल भेज दिया है. फरार चल रहे मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए अहम सुराग लेने में सफलता भी पाई है. जानकार लोगों का कहना है कि मखदुमपुर गंगस्थली में विदेशी शराब की बिक्री तेज है.दीघा थाना की सांठगांठ से अवैध धंधा बेरोकटोक के जारी है.मोबाइल से बात करने पर होम डिलिवरी कर दी जाती है. दूसरी ओर लोगों का कहना है कि शराब माफियाओं पर से नजर हटाने के लिए दीघा थाना पुलिस ने गरीबों को टारगेट बना डाली है.इनका कहर बढ़ जाने से गरीबों के बीच में कोहराम मच जाता है.गाड़ी से उतरते ही डंडा चलाने लगते है.बच्चे व महिलाओं को बख्सते नहीं है. एक अंडा बेचने वाली महिला कहती हैं पुलिस रोजगार भी करने नहीं देती है.चौकी और टेबुल को मारमार तोड़ डालती है.ऐसे अत्याचारी पुलिस से लोग  डर से जगह छोड़कर हट जाते हैं, तो उसका नतीजा होता है कि हाथ लपकाकर समान उठा लेते है.अभी एक सिलेंडर लेकर चल दिये है.वही पर मारूती मांझी कहता कि किसी ने झोपड़ी में शराब का बोतल खोंस दिया तो पुलिस ने तमाम समान ले गये.बक्से में दो हजार रूपये थे.वह रोड पर आ गया.दीघा थाना जाकर मारूती मांझी ने समान मांगा तो दुत्कार दिया कि हमलोग समान नहीं लाये हैं.यहां के नौजवान घर छोड़कर बाहर रहने को मजबूर हैं.इस तरह करके शराबबंदी सफल की जा रही है.

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