गृह मंत्री ने की बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

मंगलवार, 15 जून 2021

गृह मंत्री ने की बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा

home-minister-reviews-preparedness-to-deal-with-floods
नयी दिल्ली 15 जून, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बाढ़ प्रबंधन पर मंगलवार को यहां एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में गृह मंत्री ने भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, जलशक्ति मंत्रालय, केंद्रीय जल आयोग और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के समन्वय की नई व्यवस्था के लिए कई निर्णय लिए। साथ ही उन्होने देश में हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या को कम करने के लिए व्यापक और महत्वपूर्ण नीति बनाने के दीर्घकालिक उपायों की भी समीक्षा की। गृह मंत्री ने अधिकारियों को देश के प्रमुख कैचमेंट जोन और क्षेत्रों में बाढ़ तथा जल स्तर बढ़ने की भविष्यवाणी के लिए एक स्थाई व्यवस्था बनाने के लिए केंद्रीय और राज्यों की एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने का निर्देश दिया। श्री शाह ने जलशक्ति मंत्रालय को बड़े बांधों से मिट्टी निकालने के लिए एक व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया जिससे बांधों की क्षमता बढ़ाने और बाढ़ नियंत्रण में मदद मिल सकेगी। उन्होंने भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और केंद्रीय जल आयोग जैसी तकनीकी संस्थाओं को मौसम और बाढ़ की अधिक सटीक भविष्यवाणी के लिए अत्याधुनिक तकनीक और सेटेलाइट डाटा का प्रयोग करने की भी सलाह दी। उन्होंने बिजली गिरने संबंधी भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की चेतावनी को टेलीविजन, एफएम रेडियो, एसएमएस और अन्य माध्यमों से जनता तक शीघ्र पंहुचाने के लिए तुरंत एक मानक संचालन प्रक्रिया बनाने का निर्देश दिया। उन्होने भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मौसम भविष्यवाणी संबंधी विभिन्न मोबाइल एप जैसे ‘उमंग’, ‘रेन अलार्म’ और ‘दामिनी’ एप का अधिकतम प्रचार करने का भी निर्देश दिया ताकि इनके लाभ निर्धारित जनसंख्या तक पंहुच सकें। ‘दामिनी’ एप के माध्यम से तीन घंटे पहले बिजली गिरने संबंधी चेतावनी दी जाती है ताकि जान माल का कम से कम नुकसान हो

कोई टिप्पणी नहीं: