बिहार : जब दूल्हा को नाव पर सवार होकर जाना पड़ा - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 18 जून 2021

बिहार : जब दूल्हा को नाव पर सवार होकर जाना पड़ा

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बगहा. बिहार ( bihar) और नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि हो रही है. कई इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. गंडक के जलस्तर में भारी वृद्धि हुई है. डिस्चार्ज लेवल ढाई लाख के पार हो गया है. मानसून की दस्तक की वजह से लगातार हो रही बारिश कई इलाकों के लिए खतरे की घंटी है. गंडक नदी समेत पहाड़ी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. वहीं वाल्मीकिनगर गंडक बराज से गंडक नदी में डिस्चार्ज 2 लाख 64 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया है. पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने आपात बैठक बुलाकर अधिकारियों को अलर्ट किया है. डीएम ने  निर्देश दिया है कि निचले इलाकों से सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा जाए. अभियंताओं को बांधों और तटबंध पर मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है. नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण गंडक नदी का जलस्तर बढ़ रहा है. पहाड़ी नदियां मसान, मनोर और भपसा कई इलाकों में कहर बरपा रही है. जिलाधिकारी द्वारा सभी अंचलाधिकारियों को निदेश दिया गया कि संबंधित क्षेत्रों में पंचायत प्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर माईकिंग के माध्यम से आमजन को भारी बारिश, तेज आंधी, वज्रपात से बचाव हेतु जागरूक करेंगे. किसानों एवं तटवर्ती इलाकों में निवास करने वाले लोगों को सुरक्षित स्थलों पर निवास करने, घरों में रहने के संबंध में माइकिंग के माध्यम से जागरूक करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही सभी आश्रय स्थलों पर सभी व्यवस्थाएं अपडेट रखने हेतु निदेशित किया गया है. जिला आपदा प्रभारी को निर्देशित किया कि मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी निर्देश तथा संभावित बाढ़ के मद्देनजर एसडीआरएफ की टीम को सभी आवश्यक संसाधनों के साथ पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखें. साथ ही सभी अंचलाधिकारियों को नाव, नाविकों आदि की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया है. जिलाधिकारी ने कहा कि बिजली चमकने या गडग़ड़ाहट की आवाज सुनाई देने के बाद किसान तथा नागरिक पक्के घर में शरण लें. तटवर्ती इलाकों में निवास करने वाले व्यक्ति इस दौरान सुरक्षित स्थलों पर चले जाएं. बारिश-तूफान के दौरान अपने बच्चों को घरों में रखें. किसान अपने मवेशियों को खुले में नहीं बांधे, सुरक्षित स्थलों पर रखें.


जब दूल्हा को नाव पर सवार होकर जाना पड़ा

गनौली-डुमरा पंचायत के परोरहा निवासी अखिलेश मिश्र के इंजीनियर पुत्र अरविंद मिश्र बारात संग नाव से निकले. 10 किलोमीटर नाव की सवारी करने के बाद वे बाराती संग मुख्य सड़क पहुंचे. हुआ यूं कि अरविंद की बरात सिरकहिया के चटकल से गनौली के रास्ते बहुअरवा जानी थी. लेकिन गांव में चारों तरफ सिकरहना का पानी फैल गया था.कमर तक पानी लगने के कारण किसी भी वाहन का वहां पहुंचना नामुकिन था.बुधवार को शादी की तिथि तय होने व सारी तैयारी के बाद रुकना संभव नहीं था. ऐसे में परिजनों और ग्रामीणों ने चार नाव की व्यवस्था की. इसी नाव से अरविंद 20 बारातियों के संग शादी करने निकले.10 किलोमीटर नाव की यात्रा करने बाद वे इंग्लिशिया में मुख्य सड़क पर निकलें.यहां भी उनकी मुसीबतें कम नहीं हुई.लौरिया-नरकटियागंज मार्ग में अशोक स्तंभ के पास डायवर्सन ध्वस्त था.इसके बाद रामनगर के रास्ते नरकटियागंज होते हुए गोबरौरा आदि गांवों के रास्ते बहुअरवा पांडेय टोला बारात लेकर पहुंचे.इधर दूल्हे के नाव पर बैठकर शादी के लिए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.इस बावत दूल्हा के भाई विकास मिश्र, चाचा अमीन भूपेंद्र मिश्र ने बताया कि बाढ़ से हमलोगों को बहुत परेशानी हुई है. शादी का मुहूर्त था.हमारी स्थिति खराब हो गई थी. बारात लौटते समय चनपटिया के रास्ते आना पड़ेगा. उस रास्ते में भी सतवरिया लचका के पास सड़क पर पानी बह रहा है. यदि स्थिति ठीक नहीं रही तो सामान्य होने पर दूल्हा-दुल्हन घर आएंगे.

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