प्रतापगढ़ : मानवाधिकार दिवस पर विधिक सेवा शिविर आयोजन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 10 दिसंबर 2021

प्रतापगढ़ : मानवाधिकार दिवस पर विधिक सेवा शिविर आयोजन

  • मानवाधिकार दिवस एवं जनोपयोगी सेवाओं के संबंध में अपर जिला न्यायाधीश तम्बोली ने शिविर आयोजन किया

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प्रतापगढ़, रालसा द्वारा जारी एक्शन प्लान के तहत आज प्रतापगढ़ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के श्री सचिव शिवप्रसाद तम्बोली ने ग्राम आमलीखेड़ा में आम जन के समक्ष शिविर का आयोजन किया। श्री शिवप्रसाद तम्बोली सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) प्रतापगढ़ ने आज ग्राम आमलीखेड़ा में जागरूकता शिविर का आयोजन किया। जिसमें सार्वजनिक स्थान पर आम जन को एकत्र करते हुए विभिन्न कानूनी जानकारियों से अवगत कराया गया। उपस्थित आम जन को सर्व प्रथम आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक 11.12.2021 में अपने लंबित मामलांे को कोर्ट के माध्यम रेफर करने हेतु समझाया गया। ताकि राजीनामे से प्रकरणों का निस्तारण हो सके। कानूनी जानकारियों में बाल विवाह निषेध कानून, मृत्यु भोज निषेध कानून, कन्या भू्रण हत्या निषेध कानून, डाकन प्रथा निषेध कानून, जन्म मृत्यु रजिस्ट्रीकरण, मोटरवाहन अधिनियम आदि की जानकारी दी। इसी के साथ जिला मुख्यालय पर संचालित बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान द्वारा संचालित अगरबत्ती निर्माण, सिलाई आदि का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है, इस बारे में भी बताया।  साथ ही स्थाई लोक अदालत जनोपयोगी सेवाओं को प्रदान करने वाले संस्थान बैंक, बीमा, रोड़वेज, पोस्ट ऑफीस, नगर परिषद, पंचायत, चिकित्सालय, जयदाय विभाग, आवासन मंडल, एलपीजी सुविधा प्रदान करने वाले संस्थान, फाईनेंस कम्पनियों से कोई समस्या, शिकायत होने पर आवेदन पेश किया जाता है। तो स्थाई लोक अदालत द्वारा 60 से 90 दिवस मंे मामले का निस्तारण किया जाता है। स्थाई लोक अदालत का निर्णय सिविल न्यायालय के डिक्री के समान ही प्रभावी होता है, और इस निर्णय के खिलाफ अपील का कोई प्रावधान नहीं, केवल माननीय उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की जा सकती है। इसके अलावा प्राधिकरण सचिव ने खेती में रासायनिक खाद व रासायनिक कीटनाशक के स्थान पर जैविक खाद व देशी कीटनाशक के प्रयोग पर जोर दिया। सचिव ने किस प्रकार देशी कीटनाशक नीम की पत्तियों, निम्बोली, फीटकरी, व देशी गाय के मुत्र से बनाया जा जा सकता है यह भी बताया और और बीजोपचार देशी गाय के मूत्र से किया जा सकता है, इस बारे में बताया गया। जल संचय के महत्व को बताया गया और सरकार द्वारा इस संबंध में चलाई जा रही योजनाओं के बारे में बताया।

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