बिहार : बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल समीक्षा की बात कह रहे हैं - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

सोमवार, 17 जनवरी 2022

बिहार : बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल समीक्षा की बात कह रहे हैं

sanjay-jaisawal-on-alcohal-ban
नालंदा. सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के गृह जिले नालंदा में जहरीली शराब पीने से हुई मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. जहां एक ओर मामले में जोनल IG ने सोहसराय थानाप्रभारी सुरेश प्रसाद को सस्पेंड कर दिया है. जबकि, उत्पाद अधीक्षक से पूछताछ जारी है. वहीं, रविवार को पुलिस और उत्पाद टीम ने लगातार छापेमारी की कार्रवाई करती रहीं. हालांकि अब तक इस मामले में 6 FIR दर्ज की गई है. वहीं, 5 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. इसके अलावा पुलिस ने पुलिस ने देशी-विदेशी शऱाब के साथ पैकिंग करने के उपकरण भी जब्त किए गए हैं. शराब कांड में करीब एक दर्जन लोग बीमार बताए जा रहे हैं और मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है. मृतकों में सोहसराय थाना क्षेत्र के छोटी पहाड़ी निवासी 55 वर्षीय भागो मिस्त्री, 55 वर्षीय मन्ना मिस्त्री, 24 वर्षीय सुनील कुमार, 50 वर्षीय धर्मेंद्र उर्फ नागेश्वर, 51 वर्षीय अर्जुन पंडित, 50 वर्षीय कालीचरण, 42 वर्षीय राजेश कुमार और रामपाल शर्मा की मौत हो गई थी. वहीं, मानपुर थाना क्षेत्र के प्रभु विगहा गांव के 45 वर्षीय रामरूप चौहान और 45 वर्षीय शिवजी चौहान, 40 वर्षीय प्रहलाद कुमार, 35 वर्षीय सिंटू कुमार और 35 वर्षीय शंकर मिस्त्री शामिल हैं.


शराबबंदी कानून पर एकबार फिर सवाल उठने लगा है. पहले बिहार में शराबंदी पर विपक्ष हमलावर था अब बिहार में शराबबंदी कानून पर नीतीश कुमार की सरकार में शामिल उनके सहयोगी दल भी सवाल उठा रहे है और शराबंदी की समीक्षा की मांग कर रहे हैं. जिसके बाद शराबबंदी कानून पर नीतीश कुमार अलग-थलग दिख रहे हैं. बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने शराबबंदी कानून पर बयान दिया है कि बिहार में शराबबंदी कानून फेल है. उन्होंने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि बिहार के कई इलाकों में शराब की बिक्री हो रही है. स्‍थानीय स्‍तर पर मिलीभगत के कारण शराब पीने-पिलाने का दौर जारी है. डॉ. जायसवाल ने कहा कि शराबबंदी को पुन: देखने की जरूरत है. उन्‍होंने शराबबंदी की समीक्षा करने की मांग की है. तो वहीं शराबबंदी कानून पर पहले भी सवाल उठा चुकी जीतनराम मांझी ने फिर इसपर हमला बोला है. हम के राष्ट्रीय प्रवक्ता दानिश रिजवान ने बयान जारी कर कहा है कि अगर कृषि कानून वापस लिए जा सकते हैं तो बिहार में शराबबंदी कानून क्यों नहीं. इससे पहले भी HAM सुप्रीमो जीतनराम मांझी कई बार शराबबंदी कानून पर सवाल उठ चुके हैं. पहले भी उन्होंने कहा था कि शराबबंदी के नाम पर गरीब लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है. जबकि बड़े लोग इसकी चपेट में नहीं आते हैं. उन्होंन कहा था कि बड़े-बड़े अधिकारी मंत्री सभी रात के 10 बजे के बाद शराब पीते हैं. मजेदार बात यह है कि शराबंबदी कानून को गलत बताने के लिए कांग्रेस बीजेपी के बयान का समर्थन कर रही है. बिहार में कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा ने कहा है कि अगर सरकार में शामिल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल शराबबंदी की समीक्षा की जरूरत बता रहे हैं तो इस पर तुरंत कदम आगे बढ़ाने की जरूरत है. अजीत शर्मा ने कहा है कि देर से ही सही लेकिन बीजेपी को यह बात समझ में आ गई है कि बिहार में लागू शराबबंदी की हकीकत क्या है. अजीत शर्मा ने यह भी कहा है कि संजय जायसवाल समीक्षा की बात कह रहे हैं उसका मैं पक्षधर हूं.

कोई टिप्पणी नहीं: