लड़ रहा हूं विचारधारा की लड़ाई : यशवंत सिन्हा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 28 जून 2022

लड़ रहा हूं विचारधारा की लड़ाई : यशवंत सिन्हा

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नयी दिल्ली, 27 जून, राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा है कि राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के तौर पर वह विचारधारा की लड़ाई लड़ रहे हैं और उन्हें खुशी है कि देश में लोकतंत्र को बचाने के लिए पूरा विपक्ष एकजुट होकर उनका समर्थन कर रहा है। श्री सिन्हा ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए नामांकन पत्र भरने के बाद यहां संवाददाता सम्मेलन में भारतीय जनता पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि उनकी विचारधारा हमारे देश तथा लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है जबकि विपक्षी दलों की विचारधारा देश में आजादी का माहौल बनाए रखकर लोकतंत्र को मजबूत करने की है। भाजपा की विचारधारा सत्ता के लिए देश को तोड़ने वाली और झूठ पर आधारित है जबकि विपक्षी दलों की विचारधारा संतुलित होकर देश को जोड़ने वाली तथा सत्य पर आधारित है। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि लोकतंत्र को बचाने की इस लड़ाई में ज्यादातर विपक्षी दल एकसाथ आये हैं और अब सभी दल लोकतंत्र को बचाने की इस लड़ाई में एक साथ रहेंगे। विपक्षी दलों का इस तरह से एक साथ आने को उन्होंने शुभ संकेत बताया और कहा कि उनकी ताकत को कम करके नहीं आंकना चाहिए। उनका कहना था कि वे सत्य की लड़ाई लड़ रहे हैं और गलत कदम का साथ नहीं दे रहे हैं इसलिए जीत उनकी होगी। भाजपा के आदिवासी महिला को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर विपक्षी दलों के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ने कहा कि इसमें कुछ भी नया नहीं है और भाजपा इस तरह के कदम सांकेतिक रूप से उठा रही है। भाजपा आदिवासियों या अनुसूचित जाति के हितों की बात सिर्फ सांकेतिक रूप से करती है। उनका कहना था कि आदिवासियों की बात करने वाली भाजपा को बताना चाहिए कि उसने आठ साल में इस समुदाय के लिए क्या किया है। इस संबंध में उसका रिकार्ड देखेंगे तो उसके रिकार्ड में कुछ नहीं मिलेगा। अर्थव्यस्था को लेकर उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि नोटबंदी से कालाधन वापस नहीं आया बल्कि इसके जरिए उसे सफेद करने का अवसर मिला है। पहले देश की अर्थव्यवस्था आठ प्रतिशत की विकास दर से बढ रही थी लेकिन कोरोना से पहले तक यह चार प्रतिशत पर आ गई और उसके बाद इसका संकट और बढ गया। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में श्री नरेंद्र मोदी जिस जीएसटी का विरोध करते थे प्रधानमंत्री बनने के बाद उसी जीएसटी को आधी रात को संसद बुलाकर लागू किया गया है।

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