मधुबनी : घोष के धुन पर भव्य पथ संचलन। - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

बुधवार, 1 जून 2022

मधुबनी : घोष के धुन पर भव्य पथ संचलन।

rss-raining-madhubani
मधुबनी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चल रहे 20 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर संघ शिक्षा वर्ग प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षणार्थियों कार्यकर्ताओं द्वारा मधुबनी नगर में पथ संचलन का आयोजन किया गया। इसका प्रारंभ स्थानीय वाटसन उच्च विद्यालय के प्रांगण से होकर थाना चौक ,स्टेशन तिलक चौक ,शंकर चौक ,महंथीलाल चौक, बाटा चौक से होते हुए पुनः वाटसन स्कूल पर समाप्त हुआ ।घोष की धुनों पर कदम से कदम मिलाकर चलते हुए स्वयंसेवकों का पथ संचलन अद्भुत एवं देखने लायक था। स्थानीय नगर के लोगों में विशेषकर माताओं बहनों में अद्भुत आनंद देखने को मिला। दर्जनों स्थानों पर पुष्प वर्षा ,रंगोली तोरण द्वारों से स्वागत किया गया ।कदम से कदम मिलाकर चल रहे स्वयंसेवकों पर अनवरत पुष्प वर्षा से माहौल सुंदर देश भक्तिमय हो गया। वर्ग के द्वितीय वर्ष के सर्वाधिकारी  सच्चिदानंद लाल  एवं प्रथम वर्ष के वर्गाधिकारी दिवाकर राय  के साथ ही दोनों वर्गों के वर्ग कार्यवाह एवं अन्य अधिकारियों के द्वारा नगर में पथ संचलन के दर्शन एवं निरीक्षण हेतु अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई थी। मध्य में भारत माता का रथ सुंदर आकर्षण एवं श्रद्धा का केंद्र बना हुआ था संघ में पथ संचलन संघ के प्रशिक्षण का एक अनिवार्य अंग है।संघ में घोष का भी अपना एक अलग इतिहास रहा है ।संघ ने भारतीय संस्कृति और संगीत पर आधारित धुन एवं रचनाएं विकसित की है और सबसे जो महत्वपूर्ण बात है वह यह है कि इसमें कोई भी बाहरी व्यावसायिक वादक नहीं होते। स्वयंसेवक ही अपना समय निकालकर सभी यह सीखते हैं और फिर वादन करते हैं।

कोई टिप्पणी नहीं: