केंद्र-राज्य सहयोग से होगी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा , झंडा ऊँचा रहे हमारा। देश की आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने पर सभी देशवासियों को अनेकानेक शुभकामनाएं व बधाई। 'लाइव आर्यावर्त' परिवार आज़ादी के उन तमाम वीर शहीदों और सेनानियों को कृतज्ञता पूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए नमन करता है। आइए , मिल कर एक समृद्ध भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। भारत माता की जय। जय हिन्द।

बुधवार, 7 सितंबर 2022

केंद्र-राज्य सहयोग से होगी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित

quality-healthcare-will-be-ensured-with-centre-state-cooperation
नयी दिल्ली 07 सितंबर, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने आशा कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य सेवा सुविधाओं का आधार करार देते हुए बुधवार को कहा कि केंद्र और राज्य सहयोग से गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित करना संभव है। श्री मांडविया ने यहां राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालन समूह की सातवीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि भारत दुनिया में एकमात्र देश है, जिसमें चार-स्तरीय स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच कुशल समन्वय बेहतर स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों के कुशल और प्रभावी कार्यान्वयन में वित्तीय और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराकर राज्यों का सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ भारती प्रवीण पवार, और नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य डॉ वीके पॉल मौजूद थे और आयुष, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास, महिला एवं बाल विकास, पेयजल और स्वच्छता, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, शहरी विकास, उच्च शिक्षा विभाग, सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। बैठक को संबोधित करते हुए श्री मांडविया ने कहा कि भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां जमीनी स्तर पर 10 लाख मजबूत आशा कार्यबल के साथ चार- स्तरीय स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा है। उन्होंने कहा कि समाज के साथ काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के प्रोत्साहन को मजबूत करने से विभिन्न कार्यक्रमों को गति मिल सकती है। उन्होंने कालाजार, लेप्टोस्पायरोसिस आदि जैसी बीमारियों के समय पर उन्मूलन पर ध्यान देने के साथ आगे बढ़ने पर जोर दिया, क्योंकि ये बीमारियां देश के सबसे गरीब परिवारों और समुदायों को बड़े पैमाने पर प्रभावित करती हैं। बैठक में एनएचएम की उपलब्धियों पर प्रस्तुति दी गई और आदिवासियों के बीच सिकल सेल रोग सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई। सिकल सेल स्क्रीनिंग कार्यक्रम को मिशन मोड में लागू करने का निर्णय लिया गया। राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम पर जोर दिया गया और यह निर्णय लिया गया कि वर्ष 2025 तक टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवाओं और मोबाइल चिकित्सा इकाइयों के लिए लागत मानदंड, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के विभिन्न आईटी पोर्टलों में आभा आईडी के निर्माण और सीडिंग के लिए आशा को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, बच्चों में कुपोषण, जागरूकता और सर्पदंश की रोकथाम और नियंत्रण की क्षमता पर चर्चा की गई और प्रधान मंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम की स्थिति की समीक्षा की गई।

कोई टिप्पणी नहीं: