वक्ताओं ने कहा आंदोलन के तीन प्रमुख मांगों में प्रधानमंत्री ने कहा था कि कोई भी कानूनी करने नहीं की जाएगी एवं सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे । परंतु विगत रात में भी जंतर मंतर एवं पटना में भी निर्दोष छात्रों नौजवानों को रास्ते में ,बजार में , कोचिंग से वापस आने के क्रम में पुलिस पकड़ रही है , गुमनाम स्थानों पर ले जा रही , परिवार वालों से भी बात नहीं करने दिया जा रहा है जबकि आंदोलन समाप्ति के समय वार्ता में कारवाई नहीं करते हुए एफ आई आर वापस लेने की बात हुई है । भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी केंद्र सरकार एवं बिहार सरकार के ऐसे दोहरे चरित्र वाली कारवाई की निंदा करती है तथा मांग करती है कि आंदोलन के सभी शर्तों को मानते हुए सभी आंदोलन कारियो को रिहा करें। भाकपा प्रदर्शनकारियों ने मांग किया कि आंदोलन में शायद छात्र नौजवानों के परिवार को अविलंब अधिकतम सरकारी सहायता दिया जाय। प्रदर्शनकारियों द्वारा आंदोलन के शहीदों। को श्रद्धांजलि देते हुए छात्रों। एवं नौजवानों को आंदोलन की इतनी बड़ी जीत के लिए बधाई दिया गया तथा केंद्र के नौजवान विरोधी ,किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया गया। प्रदर्शनकारियों में पार्टी जिला कार्यकारिणी सदस्य बलराम यादव , अजय कुमार वर्मा , मो साबिर , सत्यनारायण यादव , श्रीप्रसाद यादव, भोगी पासवान, सहित कई अंचलों के साथी भाग लिए ।
मधुबनी (संवाददाता) । भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राष्ट्रीय आह्वान पर मधुबनी जिला परिषद द्वारा नीट पेपर लीक आंदोलन में पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ , छात्रों एवं छात्राओं के ऊपर बर्बरतापूर्वक पेलेट गण , जंतर मंतर पर छात्राओं के साथ अमर्यादित व्यवहार,पटना , छपरा , जहानाबाद ,दरभंगा सहित बिहार के कई जिलों में आंदोलन के क्रम बीजेपी के गुंडों एवं सरकारी गुंडों के द्वारा आंदोलन को हिंसक बनाकर बदनाम करने की साजिश के खिलाफ प्रदर्शन किया गया । जिला मंत्री मिथिलेश झा, राष्ट्रीय परिषद सदस्य राजश्री किरण,राज्य परिषद सदस्य रामनारायण बनरैत, मनोज मिश्र, रामनारायण यादव, सुर्यनारायण यादव, राकेश कुमार पांडेय,सुर्यनारायण महतो,आनंद कुमार झा सहित कई जिला एवं अंचल के नेतृत्वकारी साथी कर रहे थे । भाकपा प्रदर्शनकारियों का जुलूस शहर के टाउन क्लब मैदान से रेलवे स्टेशन, थाना चौक एवं समाहरणालय के मुख्य द्वार तक निकाला गया कहां जुलूस एक नुक्कड़ सभा में तब्दील हो गया । सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्र नौजवान के आंदोलन की सबसे बड़ी जीत है । लोकतंत्र का हत्यारा एनडीए की सरकार के मुखिया प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री को आखिर झुकना पड़ा जिससे संपूर्ण देश के नौजवानों एवं छात्र छात्राओं का विश्वास दोगुना बढ़ा है । केंद्र सरकार ने आंदोलन को दबाने ,कमजोर करने एवं तोड़ने का हर संभव प्रयास किया परंतु नौजवानों एवं छात्रों के चट्टानी एकता , संघर्ष के प्रति कटिबद्धता सरकार को पीछे हटने पर मजबूर हुआ ।

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