दरभंगा : DCE में ‘अभ्युदय 2026’ के तहत नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए विशेष विशेषज्ञ सत्र आयोजित - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 13 अगस्त 2026

दरभंगा : DCE में ‘अभ्युदय 2026’ के तहत नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए विशेष विशेषज्ञ सत्र आयोजित

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दरभंगा, 13 अगस्त (रजनीश के झा) । दरभंगा अभियंत्रण महाविद्यालय, दरभंगा में नवप्रवेशित बी.टेक. सत्र 2026 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित ‘अभ्युदय 2026 – इंडक्शन-कम-ओरिएंटेशन प्रोग्राम’ के अंतर्गत आज विभिन्न विषयों पर विशेष एक्सपर्ट टॉक सेशन आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, करियर, नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में सही दिशा और मार्गदर्शन प्रदान करना है। कार्यक्रम के दौरान “फ्रॉम कैंपस टू करियर: बिल्डिंग द राइट माइंडसेट फॉर सक्सेस” विषय पर मिथिला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के प्राचार्य डॉ. करुणाकर झा ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, अनुशासन, निरंतरता, प्रभावी संवाद, लक्ष्य निर्धारण तथा सकारात्मक सोच के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसी समय भविष्य के करियर और व्यक्तित्व की मजबूत नींव तैयार होती है।


स्टार्टअप एवं उद्यमिता के क्षेत्र में विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से “फ्रॉम स्टार्टअप बिहार टू सक्सेस: अपॉर्च्युनिटीज, स्कीम्स एंड सपोर्ट फॉर स्टूडेंट एंटरप्रेन्योर्स” विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में दरभंगा अभियंत्रण महाविद्यालय के डिस्ट्रिक्ट स्टार्टअप कोऑर्डिनेटर, दरभंगा – सूर्या प्रकाश ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने स्टार्टअप बिहार की विभिन्न योजनाओं, वित्तीय सहायता, मार्गदर्शन, इनक्यूबेशन, मेंटरशिप तथा विद्यार्थियों के नवीन विचारों को सफल एवं टिकाऊ स्टार्टअप में परिवर्तित करने की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसी क्रम में आईआईटी पटना इनक्यूबेशन सेंटर एक्सटेंशन सेंटर, दरभंगा के एग्जीक्यूटिव इनक्यूबेशन अधिकारी नवीन कुमार ने भी विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों तथा इनक्यूबेशन के माध्यम से विद्यार्थियों को मिलने वाले सहयोग के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में दरभंगा अभियंत्रण महाविद्यालय के पूर्ववर्ती छात्र रवि ने भी विद्यार्थियों के साथ अपना अनुभव साझा किया। एंटरप्रेन्योर, एजुकेटर एवं मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में उन्होंने अपने जीवन एवं उद्यमिता के सफर, चुनौतियों और उनसे मिली सीख के बारे में बताते हुए विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।


इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य चंदन कुमार ने कहा कि नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए महाविद्यालय में केवल शैक्षणिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, नवाचार, उद्यमिता और करियर निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के नवाचारक, उद्यमी और राष्ट्र निर्माता हैं। यदि उन्हें सही समय पर सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे अपने विचारों को रोजगार सृजन करने वाले सफल उद्यम में बदल सकते हैं। प्राचार्य चंदन कुमार ने कहा कि ‘अभ्युदय 2026’ जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें भविष्य की संभावनाओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से विशेषज्ञों के अनुभवों से सीख लेने तथा अपने महाविद्यालयीन जीवन का सदुपयोग ज्ञान, कौशल और नवाचार के विकास में करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को बिल्डिंग द राइट माइंडसेट, डिसिप्लिन एंड कंसिस्टेंसी, कम्युनिकेशन स्किल्स, गोल सेटिंग एंड फोकस, करियर रेडीनेस एंड अपॉर्च्युनिटीज, स्टार्टअप बिहार, फंडिंग, इनक्यूबेशन एवं मेंटरशिप जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। दरभंगा अभियंत्रण महाविद्यालय का उद्देश्य ‘अभ्युदय 2026’ के माध्यम से नवप्रवेशित विद्यार्थियों को एक ऐसे शैक्षणिक एवं नवाचारपूर्ण वातावरण से जोड़ना है, जहाँ वे अपनी प्रतिभा को पहचान सकें, नए विचार विकसित कर सकें और भविष्य में सफल पेशेवर एवं उद्यमी के रूप में आगे बढ़ सकें।

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