मुंबई : “क्या सोनू निगम भी लेते हैं ऑटो-ट्यून की मदद? सिंगर ने खुद किया बड़ा खुलासा” - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 13 अगस्त 2026

मुंबई : “क्या सोनू निगम भी लेते हैं ऑटो-ट्यून की मदद? सिंगर ने खुद किया बड़ा खुलासा”

Sonu-nigam
मुंबई (संवाददाता) । भारत के सबसे सम्मानित ट्रेड एनालिस्ट्स में से एक कोमल नाहटा अपने पॉडकास्ट गेम चेंजर्स: द म्यूज़िक सीरीज़ के नए सीज़न के साथ वापस आ गए हैं। इस सीरीज़ में मशहूर सिंगर्स, कंपोज़र्स और म्यूज़िक दिग्गज अपनी क्रिएटिव जर्नी, प्रेरणाओं और उस संगीत से जुड़े अनसुने किस्से साझा कर रहे हैं, जिसने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया है। इस सीरीज़ के लेटेस्ट एपिसोड में दिग्गज गायक सोनू निगम नजर आए। भारतीय सिनेमा के सबसे बहुमुखी और प्रतिभाशाली प्लेबैक सिंगर्स में शुमार सोनू निगम ने दशकों तक अपनी सुरीली आवाज़ और शानदार सुरों से म्यूज़िक चार्ट्स पर राज किया है। अपनी कड़ी शास्त्रीय संगीत की ट्रेनिंग और शानदार लाइव परफॉर्मेंस के लिए मशहूर सोनू निगम ने उस दौर से लेकर आज के डिजिटल युग तक म्यूज़िक इंडस्ट्री में आए बड़े बदलावों को करीब से देखा है, जब गाने लाइव ऑर्केस्ट्रा के साथ रिकॉर्ड किए जाते थे।


आज के दौर में रिकॉर्डिंग प्रोसेस में टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल पर बात करते हुए सोनू निगम ने पिच-करेक्शन सॉफ्टवेयर यानी ऑटो-ट्यून जैसे चर्चित विषय पर खुलकर अपनी राय रखी। *उन्होंने कहा,* “ऑटो-ट्यून के दौर ने निश्चित रूप से बहुत सारे बदलाव किए हैं। लोग इसके बारे में बहुत बुरा कहते हैं, लेकिन मैं कहता हूं, ‘जो भी हुआ है अच्छा हुआ है।’ पहले आपको बिना ऑटो-ट्यून के गाना पड़ता था और हम खुशकिस्मत हैं कि हमने बिना इसके ‘रियाज़’ किया है, इसलिए अब हमें इसकी जरूरत नहीं है। लेकिन फिर भी मैं कहूंगा कि मैं अपने कुछ गानों में ऑटो-ट्यून का इस्तेमाल करता हूं।” उन्होंने आगे बताया , “आज सब कुछ 440 पर है, जबकि पहले सब कुछ लाइव होता था। हमारे पास लाइव सारंगी होती थी, लाइव स्ट्रिंग्स होती थीं, इसलिए कहीं न कहीं हमारी पिच का बिल्कुल परफेक्ट होना जरूरी नहीं था। अब सब कुछ डिजिटाइज़ हो चुका है; सब कुछ एक सीधी लाइन में जा रहा है और अगर आपकी आवाज़ रॉ है, तो वह बाकी चीज़ों से अलग सुनाई देगी। पहले लाइव म्यूज़िक के साथ हम उसी के हिसाब से एडजस्ट करते थे, लेकिन अब आपका गाना अलग नजर आएगा।” ऑटो-ट्यून के सही इस्तेमाल पर अपनी बात रखते हुए सोनू ने कहा , “हालांकि, हमारी जिम्मेदारी है कि हम इन संसाधनों का इस्तेमाल उन लोगों की आवाज़ को ठीक करने के लिए न करें, जो गा ही नहीं सकते। आप अपना 99 प्रतिशत दें और ऑटो-ट्यून के जरिए उसे 100 प्रतिशत तक ले जाएं। कई एक्टर्स अपने गानों में ऑटो-ट्यून का इस्तेमाल करते हैं और अगर वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए ऐसा करते हैं, तो इसमें बिल्कुल कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन वे सिंगर्स की जगह नहीं ले सकते।” गेम चेंजर्स: द म्यूज़िक सीरीज़ के जरिए कोमल नाहटा भारतीय सिनेमा और संगीत से जुड़ी बातचीत को एक नया आयाम दे रहे हैं। गेम चेंजर्स: द म्यूज़िक सीरीज़ को YouTube चैनल पर देखा जा सकता है।

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