पटना : बेगूसराय एवं पटना की घटनाओं पर स्वास्थ्य विभाग सख्त, दोनों जिलों में जांच के निर्देश - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 7 अगस्त 2026

पटना : बेगूसराय एवं पटना की घटनाओं पर स्वास्थ्य विभाग सख्त, दोनों जिलों में जांच के निर्देश

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पटना,06 अगस्त (रजनीश के झा) । स्वास्थ्य विभाग ने बेगूसराय एवं पटना में उपचार से संबंधित सामने आए मामलों पर गंभीरता से संज्ञान लिया है। विभाग ने दोनों मामलों की निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच सुनिश्चित करने के लिए संबंधित जिलों के जिलाधिकारी से जांच टीम गठित कर विस्तृत जांच कराने का अनुरोध किया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिला प्रशासन से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। बेगूसराय जिले के मंझौल अनुमंडलीय अस्पताल से संबंधित समाचार एवं सोशल मीडिया पर प्रसारित खबर के अनुसार सड़क दुर्घटना में घायल एक मरीज के पैर में प्लास्टर करने के बजाय कार्टून बांधकर सदर अस्पताल रेफर किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी, बेगूसराय ने उप विकास आयुक्त एवं जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। जांच टीम को 24 घंटे के भीतर मामले की विस्तृत जांच कर अपना प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। इसी प्रकार पटना में महावीर आरोग्य संस्थान में उपचार के दौरान चिकित्सीय लापरवाही से संबंधित मामले पर भी स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल संज्ञान लिया है। प्राप्त सूचना के अनुसार, शिवहर जिले की एक मरीज कान के उपचार के लिए महावीर आरोग्य संस्थान में भर्ती हुई थीं। परिजनों द्वारा आरोप लगाया गया है कि ऑपरेशन के बाद इंजेक्शन लगाने के दौरान नस के स्थान पर आर्टरी में इंजेक्शन दे दिया गया। इसके बाद मरीज द्वारा लगातार दर्द एवं असहजता की शिकायत किए जाने के बावजूद समय पर समुचित चिकित्सकीय हस्तक्षेप नहीं होने के कारण संक्रमण बढ़ गया, जिसके परिणामस्वरूप उनका हाथ काटना पड़ा।


इस मामले में जिलाधिकारी, पटना द्वारा तीन सदस्यीय चिकित्सकीय जांच टीम का गठन किया गया है। टीम में गुरु गोविंद सिंह अस्पताल के अधीक्षक, वेक्टर बॉर्न नियंत्रण रोग पदाधिकारी तथा जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी को शामिल किया गया है। जांच समिति को मामले के सभी चिकित्सकीय पहलुओं की गहन समीक्षा कर शीघ्र संयुक्त जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि मरीजों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं जवाबदेह स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही, निर्धारित मानकों की अनदेखी अथवा मरीजों की सुरक्षा से जुड़े मामलों को विभाग गंभीरता से लेता है और ऐसे मामलों में त्वरित जांच सुनिश्चित की जाती है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि दोनों जिलों से प्राप्त जांच प्रतिवेदन का परीक्षण करने के उपरांत दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक प्रशासनिक एवं विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम भी उठाए जाएंगे।

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