- 11वीं राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर आयुर्वेद के महत्व पर परिचर्चा आयोजित
- जिला आयुष समिति द्वारा जिले में 19 आयुष्मान स्वास्थ्य योजनाओं का आयोजन, करीब एक हजार लोगों ने लिया लाभ

मधुबनी, 23 सितम्बर, (रजनीश के झा) । 11वीं राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर जिला आयुष समिति, मधुबनी के तत्वावधान में आयुर्वेद के महत्व विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इस अवसर पर आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पूजन कर उन्हें नमन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला स्वदेशी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रेमलता शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की समग्र जीवनशैली है। आयुर्वेद में खान-पान, दिनचर्या एवं प्राकृतिक जीवनशैली को विशेष महत्व दिया गया है। आज के समय में बच्चों एवं युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपने दैनिक जीवन में स्वास्थ्यवर्धक आदतों को अपनाने तथा आयुर्वेद के प्रति जागरूक रहने की अपील की। छात्र छात्राओंपरिचर्चा में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस दौरान आयुर्वेद के महत्व, स्वस्थ जीवनशैली तथा दैनिक जीवन में आयुर्वेद को अपनाने के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की गई।
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर जिला आयुष समिति द्वारा जिले में कुल 19 आयुष्मान स्वास्थ्य योजनाओं का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग एक हजार लोगों ने लाभ प्राप्त किया। इन आयोजनों के माध्यम से लोगों को आयुष चिकित्सा पद्धति एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया गया। इसके साथ ही बच्चों को आयुष एवं आयुर्वेद के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया गया। अभियान के दौरान बच्चों को सही जीवनशैली, स्वस्थ खान-पान एवं स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की जानकारी दी गई। छात्र-छात्राओं को आयुर्वेद की उपयोगिता तथा स्वस्थ जीवन के लिए इसके महत्व से भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम के माध्यम से आयुर्वेद की प्राचीन एवं समृद्ध चिकित्सा परंपरा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने तथा स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संदेश दिया गया।
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