- सामाजिक न्याय और समान अवसर के लिए करना होगा संघर्ष : राजेंद्र पाल गौतम

पटना 21 सितंबर (रजनीश के झा) । पटना के सदाकत आश्रम में बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री एवं स्वतंत्रता सेनानी भोला पासवान शास्त्री की जयंती समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम शामिल हुए। उन्होंने भोला पासवान शास्त्री के जीवन, संघर्ष और सामाजिक न्याय के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके सपनों को पूरा करने के लिए आज भी शिक्षा, अधिकार और समान अवसर की लड़ाई जारी रखने की जरूरत है। राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि लंबे समय तक समाज के बड़े वर्ग को संपत्ति और ज्ञान से वंचित रखा गया, जिसका असर आज भी दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा से वंचित रहने पर व्यक्ति अपने अधिकारों और अवसरों से भी दूर हो जाता है। उन्होंने सामाजिक भेदभाव और असमानता का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण की सिफारिश को लागू होने में भी कई दशक लगे। गौतम ने कहा कि भोला पासवान शास्त्री स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े रहे और उन्होंने अपने जीवन में अधिकारों तथा वंचित समाज के लिए संघर्ष किया। उन्होंने सामाजिक एकता को जरूरी बताते हुए कहा कि जातिगत विभाजन ने समाज की सामूहिक शक्ति को कमजोर किया है। राजेंद्र पाल गौतम ने शिक्षा और आर्थिक अवसरों के सवाल पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण आज भी बड़ी संख्या में बच्चे शिक्षा से वंचित हैं। उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल में स्थापित और राष्ट्रीयकृत संस्थानों का उल्लेख करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उनके आरोपों के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों और देश के संसाधनों के निजीकरण से आम लोगों के हित प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सामाजिक न्याय और समान अवसर के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाने की बात कही।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि भोला पासवान शास्त्री का पूरा जीवन दलित और वंचित समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने सामाजिक न्याय और आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व की मांग को प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम में अनुसूचित जाति विभाग के नेता रबींद्र कुमार पासवान ने भोला पासवान शास्त्री के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके कार्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शास्त्री के कार्यकाल में वृद्धावस्था पेंशन की शुरुआत और आदिवासी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति जैसे कदम उठाए गए थे। उन्होंने मांग की कि भोला पासवान शास्त्री को भारत रत्न दिया जाए, उनके नाम पर संग्रहालय बनाया जाए और प्रमुख चौराहे पर उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाए। रबींद्र पासवान ने कहा कि इन मांगों को लेकर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन भी किया जाएगा। कार्यक्रम में एमएलसी डॉ. मदन मोहन झा ने भोला पासवान शास्त्री को सादगी और शानदार व्यक्तित्व वाला नेता बताया। उन्होंने कहा कि उनके जीवन और विचारों को समाज में आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। वहीं पूर्व विधायक प्रतिमा दास ने दलित अधिकारों और उनके लिए बनाए गए कानूनों का उल्लेख करते हुए वर्तमान सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। कार्यक्रम को शशि पंडित, एसपी लवाना, पटना जिला अध्यक्ष प्रद्युम्न पासवान, सत्यनारायण, मुरारी पासवान और प्रदीप पासवान सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। समारोह में बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता और अनुसूचित जाति विभाग से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें