त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपनी निराशा और ईर्ष्या की वजह से, और साथ ही कांग्रेस को चुनावों में मिल रही हार के कारण, ऐसी मीडिया रिपोर्ट को सिर्फ ‘‘बढ़ा-चढ़ाकर’’ पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 70 साल में, भाजपा का हर दशक में उत्थान हुआ है और कांग्रेस का हर दशक में पतन हुआ है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक ऐसे नेता हैं जो जमीनी स्तर से गहराई से जुड़े हुए हैं।’’ भाजपा नेता ने तंज कसते हुए कहा, ‘‘राहुल गांधी जमीन से उड़े हुए नेता हैं।’’ त्रिवेदी ने कहा, ‘‘वह हर दूसरे महीने विदेश जाते हैं, वहां से ज्ञान प्राप्त कर लौटते हैं और बेबुनियाद तथ्य पेश करने की कोशिश करते हैं।’’ भाजपा के राज्यसभा सदस्य ने राहुल गांधी के इस बयान की भी आलोचना की कि उन्होंने कभी किसी ऐसे नेता को नहीं देखा जिसे सत्ता-विरोधी लहर का सामना न करना पड़ा हो। त्रिवेदी ने कहा कि शायद राहुल गांधी को अब भी यह एहसास नहीं है कि कांग्रेस पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में पिछले कई दशक से सत्ता से बाहर है। भाजपा नेता ने कहा कि गांधी परिवार के नेतृत्व में कांग्रेस के खिलाफ सत्ता-विरोधी लहर इतनी जबरदस्त है कि उन्हें उत्तर प्रदेश में अपनी रायबरेली और अमेठी लोकसभा सीट जीतने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के समर्थन के बिना कांग्रेस ये दो सीट नहीं जीत सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा ने केरल की वायनाड लोकसभा सीट मुस्लिम लीग के समर्थन से जीती थी। त्रिवेदी ने कहा कि सच तो यह है कि जब से राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने पार्टी की कमान संभाली है, कांग्रेस को अधिक सत्ता विरोधी लहर (एंटी-इनकम्बेंसी) का सामना करना पड़ रहा है। असल में, कांग्रेस के भीतर ही गांधी परिवार के खिलाफ 'एंटी-इनकम्बेंसी' है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें