राजस्थान में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों तथा ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन और मार्च किया। जयपुर में पार्टी नेता शहीद स्मारक पर एकत्र हुए। इनमें राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली शामिल थे। नेताओं के संबोधन के बाद कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग कार्यालय की ओर मार्च किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस ने पानी की बौछार का भी इस्तेमाल किया। झारखंड में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रांची में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय का घेराव किया और सीईसी के इस्तीफे की मांग को लेकर राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पुराने विधानसभा परिसर के पास से मार्च शुरू किया, जो धुर्वा स्थित सीईओ कार्यालय पहुंचकर समाप्त हुआ। महाराष्ट्र में भी कांग्रेस ने एसआईआर के दौरान कथित अनियमितताओं और निर्वाचन आयोग के पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया तथा सीईसी के इस्तीफे की मांग की। कर्नाटक के कई हिस्सों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इन्हीं मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। मेंगलुरु में दक्षिण कन्नड़ जिला कांग्रेस कमेटी ने पंपवेल के महावीर सर्किल से पडिल स्थित उपायुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला और इसके बाद प्रदर्शन सभा की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारे लगाए तथा कुमार के तत्काल इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की। इसके आलावा, कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई ने कथित ‘‘वोट चोरी’’ को लेकर सोमवार को जम्मू क्षेत्र में प्रदर्शन किया और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा गिरफ्तारी की मांग की। जम्मू में जिला कांग्रेस कमेटी जम्मू शहरी और ग्रामीण ने शहीदी चौक पर प्रदर्शन किया।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने तख्तियां लेकर नारेबाजी की और फिर उपायुक्त कार्यालय की ओर मार्च करने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस ने उनके बीच मार्च को रोक दिया। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने दावा किया कि मतदाता सूची के एसआईआर के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर कांग्रेस की चिंताओं की पुष्टि हो गई है, क्योंकि दो चुनाव आयुक्तों ने इस मुद्दे को स्वीकार किया है। विक्रमार्क ने संविधान की प्रति हाथ में लेकर तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय पर सत्तारूढ़ कांग्रेस की ओर से आयोजित धरने में हिस्सा लिया। प्रदर्शन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई। मणिपुर में भी कांग्रेस के सदस्यों और समर्थकों ने निर्वाचन आयोग के कामकाज और एसआईआर को लेकर पार्टी के आरोपों के बीच ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करते हुए कई जिलों में प्रदर्शन किया। इंफाल पूर्वी जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पोरोमपत स्थित उपायुक्त कार्यालय के पास प्रदर्शन किया और कुमार के खिलाफ नारे लगाए। निर्वाचन आयोग के भीतर मतदाता सूची और एसआईआर से जुड़े कुछ फैसलों को लेकर कथित तौर पर मतभेद सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। अंग्रेजी दैनिक ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक खबर में दावा किया गया है कि पिछले 10 महीने में दो निर्वाचन आयुक्तों ने ऐसे मामलों में 14 बार आपत्तियां दर्ज कराई थीं। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने कहा है कि आंतरिक विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और सुझाव सामने आना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है तथा उसके फैसले सर्वसम्मति से और स्थापित वैधानिक प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं।

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