पटना : सरकारी अस्पतालों में मरीज सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण उपचार को सर्वोच्च प्राथमिकता - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 16 सितंबर 2026

पटना : सरकारी अस्पतालों में मरीज सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण उपचार को सर्वोच्च प्राथमिकता

  • डिजिटल स्वास्थ्य, सर्जरी, रेफरल व्यवस्था एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गई समीक्षा

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पटना, 16 सितंबर (रजनीश के झा)। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बापू टावर, पटना में स्वास्थ्य सचिव श्री कुमार रवि की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में डिजिटल ओपीडी एवं EHR, सर्जरी, रेफरल व्यवस्था, FRU की क्रियाशिलता, NQAS( National Quality Standard) नियमित टीकाकरण, दवाओं की उपलब्धता तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।


रेफरल व्यवस्था की लगातार निगरानी के निर्देश

समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सचिव श्री कुमार रवि ने रेफरल व्यवस्था की लगातार निगरानी करने तथा अनावश्यक रेफरल पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिला अस्पतालों में उपलब्ध विशेषज्ञ सेवाओं एवं जांच सुविधाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने और आवश्यकता के अनुसार मरीजों को समय पर उपयुक्त स्वास्थ्य संस्थान में उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में जच्चा और बच्चा की मृत्यु रोकने के लिए हर स्तर पर गंभीरता से कार्य करना होगा। मातृ एवं शिशु मृत्यु के मामलों की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ऐसे मामलों में लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आशा कार्यकर्ताओं का चयन लक्ष्य के अनुरुप किया जाए।


सात निश्चय-3 के तहत अस्पतालों को किया जाएगा सुदृढ़

बैठक में सात निश्चय-3 के तहत जिला अस्पतालों को अतिविशिष्ट चिकित्सा केंद्र तथा  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशिष्ट चिकित्सा से युक्त अस्पताल के रूप में विकसित करने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। FRU की क्रियाशीलता, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता तथा आवश्यक जांच एवं उपचार सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्वास्थ्य संस्थानों को NQAS( National Quality Standard) के मानक के मुताबिक जिला अस्पतालों व अन्य अस्पतालों को जोड़ दिया जाए।


एक्सपायर्ड दवाओं के सुरक्षित निस्तारण के निर्देश

सभी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध दवाओं के स्टॉक की नियमित जांच करने तथा एक्सपायर्ड दवाओं को नियमानुसार तत्काल डिस्पोजल करने का निर्देश दिया गया। दवाओं की उपलब्धता एवं आपूर्ति व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।


टीबी एवं एनीमिया मुक्त बिहार अभियान पर जोर

टीबी मरीजों की नियमित जांच, उपचार की निगरानी एवं फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही एनीमिया मुक्त बिहार अभियान के तहत नियमित स्क्रीनिंग एवं आवश्यक उपचार की व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। गैर-संचारी रोगों (NCD) की स्क्रीनिंग एवं फॉलोअप को भी और मजबूत करने के निर्देश दिए गए।


डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने पर जोर

बैठक में 100 प्रतिशत डिजिटल OPD पंजीकरण, ABHA आधारित पंजीकरण, EHR निर्माण, ऑनलाइन परामर्श तथा चिकित्सकों की ऑनलाइन उपस्थिति की निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। IPD में भर्ती सभी मरीजों का BHAVYA पोर्टल पर पंजीकरण एवं EHR निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


जिला अस्पतालों में सर्जरी में उल्लेखनीय वृद्धि

जिला अस्पतालों में सर्जरी सेवाओं की समीक्षा के दौरान जून 2026 में 2,428, जुलाई में 5,650 तथा अगस्त में 8,209 सर्जरी किए जाने की जानकारी दी गई। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत इसी अवधि में क्रमशः 1,000, 1,331 एवं 1,626 सर्जरी के दावे दर्ज किए गए। स्वास्थ्य सेवाओं की रियल टाइम निगरानी के लिए स्टेट कमांड कंट्रोल सेंटर एवं जिला कमांड कंट्रोल सेंटर तथा डेटा एनालिटिक्स व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।


31 अक्टूबर तक कायाकल्प एवं मरीज सुविधाओं के कार्य पूरे करने का लक्ष्य

जिला अस्पताल एवं अनुमंडल अस्पताल सहित विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में रंग-रोगन, लघु मरम्मत, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, प्रतीक्षालय, नर्सिंग डेस्क एवं मरीज सुविधाओं से जुड़े कार्य कराए जा रहे हैं। 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक इन कार्यों की विशेष निगरानी एवं समीक्षा करते हुए सभी निर्धारित कार्य 31 अक्टूबर 2026 तक पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। इसके तहत 36 जिला अस्पताल, 56 अनुमंडलीय अस्पताल, 49 रेफरल अस्पताल, 332 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 110 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 147 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 844 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 147 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आवश्यक कार्य कराए जा रहे हैं। इस अवसर पर श्री सुब्रत कुमार सेन, प्रबंध निदेशक बीएमएसआईसीएल, श्री अरविंद वर्मा, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, बीएसएसएस, श्री अमित कुमार पाण्डेय, कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, श्री स्पर्श गुप्ता, अपर कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, डॉ. अनुपमा सिंह, अपर कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति सहित स्वास्थ्य विभाग एवं राज्य स्वास्थ्य समिति के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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