- जन संस्कृति मंच के बिहार राज्य सम्मेलन में देर रात तक गूंजती रहीं कविताएं और शेरो-शायरी
समस्तीपुर, 27 सितंबर (संवाददाता) । जन संस्कृति मंच के बिहार राज्य सम्मेलन के अवसर पर शनिवार की संध्या समस्तीपुर कॉलेज भवन में कवि गोष्ठी एवं मुशायरे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जसम के राज्य सह सचिव सुमन कुमार सिंह ने की। कवि गोष्ठी में एक से बढ़कर एक कविताओं और शायरी की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। कवियों की रचनाओं पर श्रोताओं ने जमकर वाह-वाह की और तालियों की गड़गड़ाहट से सभागार गूंजता रहा। मदन कश्यप की कविता "चांद क्यूं नज़्म", अनिल अंशुमन की कविता "क्यों जल रहे हैं रोज मकानात शहर में", कौशल किशोर की कविता "एक पिता का ब्यान" की तारीफ हुई।डॉ. प्रभात कुमार ने अपी कविता “बुलडोजर! बुलडोजर" का पाठ कर फासीवादी सत्ता पर करारा प्रहार किया:
इसके पहले कि तेरा घर टूटे
चोर हत्यारा तुमको लूटे
तोड़ दो इसका अंजर-पंजर
नहीं हो तुम मदारी के बंदर।
वहीं मो. सगीर के मुशायरे ने भी श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया और उनकी प्रस्तुति को खूब सराहना मिली। आयोजन में 25 से अधिक कवियों और शायरों ने अपनी-अपनी रचनाओं का पाठ किया। कविता, गजल और शेरो-शायरी की विविध प्रस्तुतियों ने सम्मेलन की सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य -प्रेमी, सांस्कृतिक कार्यकर्ता एवं सम्मेलन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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