- साहित्य अकादेमी और गाम घर के संयुक्त आयोजन में छह मैथिली कवि रचनापाठ करेंगे, ग्रामीण अंचल में साहित्यिक संवाद की नई पहल
कार्यक्रम की अध्यक्षता गाम घर के संरक्षक गोविन्द कुमार करेंगे। वहीं आयोजन के समन्वय में गाम घर के समन्वयक सह फ़िल्मकार एन. मंडल की भूमिका रहेगी। कार्यक्रम के समापन पर एन. मंडल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया जाएगा। ‘ग्रामलोक’ की खास बात यह है कि साहित्यिक आयोजन को बड़े शहरों और पारंपरिक साहित्यिक केंद्रों से बाहर ग्रामीण क्षेत्र तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। शिवाजीनगर जैसे प्रखंड मुख्यालय में मैथिली साहित्य से जुड़े आयोजन का होना स्थानीय साहित्यप्रेमियों और युवा रचनाकारों के लिए भी संवाद का अवसर तैयार करता है। मैथिली बिहार और मिथिला की महत्वपूर्ण साहित्यिक भाषाओं में शामिल है। कविता, कहानी और लोक-संस्कृति के माध्यम से इस भाषा की समृद्ध परंपरा लगातार आगे बढ़ रही है। ऐसे आयोजनों के जरिए स्थानीय समाज और नई पीढ़ी को अपनी भाषा-संस्कृति से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। आयोजन को लेकर क्षेत्र के साहित्यप्रेमियों में उत्सुकता है। उम्मीद है कि कार्यक्रम में स्थानीय पाठक, युवा, साहित्यकार और संस्कृति से जुड़े लोग शामिल होंगे। ‘ग्रामलोक’ के जरिए शिवाजीनगर की धरती पर मैथिली कविता की आवाज गूंजेगी और ग्रामीण समाज में साहित्य को लेकर एक जीवंत संवाद का माहौल बनेगा।

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