- गौ सेवा, ब्राह्मण भोजन, पितृ भागवत और पौधारोपण का पितृपक्ष में विशेष महत्व, इस बार 15 दिवस का रहेगा पितृपक्ष
पितृ पक्ष में गौ सेवा, ब्राह्मण भोजन पौधारोपण का विशेष महत्व पंडित सुनील शर्मा के अनुसार, पितृपक्ष की इस अवधि में श्रद्धालु l मां नर्मदा, पार्वती तट, सिवन घाट सहित जिले में प्रवाहमान नदियों पर व अपने घर पर व्यवस्था अनुसार पितरों को जो, तिल, कुशा के माध्यम से जल अर्पित कर तर्पण करते हैं और उनके निमित्त ब्राह्मण भोजन, अन्नदान, वस्त्रदान, गौसेवा और जरूरतमंद लोगों की सहायता करना करना चाहिए l पूर्वजों की आत्मा की शांति और सद्गति के लिए श्रीमद्भागवत कथा पितृ भागवत व पितृ सूक्त का पाठ करवाना चाहिए। पितरों की स्मृति में पीपल, बरगद व फलदार पौधों का रोपण करना चाहिए। वर्ष 2026 में पितृ पक्ष श्राद्ध पक्ष 26 सितंबर 2026 भाद्रपद मास पूर्णिमा तिथि शनिवार 26 सितंबर 2026 से शुरू होकर आश्विन मास सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या शनिवार 10 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस 15 दिवसीय पितृपक्ष श्राद्ध पक्ष की तिथिवार और दिनांनुसार इस प्रकार है दिनांक दिन श्राद्ध की तिथि 26 सितंबर 2026 शनिवार पूर्णिमा श्राद्ध 27 सितंबर 2026 रविवार प्रतिपदा श्राद्ध 28 सितंबर 2026 सोमवार द्वितीया श्राद्ध 29 सितंबर 2026 मंगलवार तृतीया श्राद्ध 30 सितंबर 2026 बुधवार चतुर्थी श्राद्ध 01 अक्टूबर 2026 गुरुवार पंचमी श्राद्ध , महाभरणी 02 अक्टूबर 2026 शुक्रवार षष्ठी श्राद्ध 03 अक्टूबर 2026 शनिवार सप्तमी श्राद्ध 04 अक्टूबर 2026 रविवार अष्टमी श्राद्ध एवं नवमी श्राद्ध मातृ नवमी 05 अक्टूबर 2026 सोमवार दशमी श्राद्ध 06 अक्टूबर 2026 मंगलवार एकादशी श्राद्ध 07 अक्टूबर 2026 बुधवार द्वादशी श्राद्ध संन्यासी श्राद्ध 08 अक्टूबर 2026 गुरुवार त्रयोदशी श्राद्ध 09 अक्टूबर 2026 शुक्रवार चतुर्दशी श्राद्ध 10 अक्टूबर 2026 शनिवार सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या l

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