सीहोर : आज निकलेगा सीहोर का सबसे बड़ा डोल, 10 घंटे तक नगर भ्रमण करेंगे भगवान श्री नृसिंह - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 21 सितंबर 2026

सीहोर : आज निकलेगा सीहोर का सबसे बड़ा डोल, 10 घंटे तक नगर भ्रमण करेंगे भगवान श्री नृसिंह

  • देवनगर कॉलोनी, कोलीपुरा, बढ़ियाखेड़ी, नदी चौराहा और कोतवाली चौराहा सहित प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगा डोल

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सीहोर। शहर के कोलीपुरा स्थित प्राचीन सिद्धपीठ श्री नृसिंह लक्ष्मी मंदिर में डोल ग्यारस का पावन पर्व मंगलवार को श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। हर वर्ष की परंपरा के अनुसार इस अवसर पर भगवान श्री नृसिंह का भव्य डोल निकाला जाएगा। मंदिर परिवार और क्षेत्रवासियों की ओर से निकाला जाने वाला यह डोल शहर के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है। दोपहर 12 बजे भगवान श्री नृसिंह आकर्षक श्रृंगार के साथ डोल में विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। करीब 10 घंटे तक चलने वाले इस नगर भ्रमण के दौरान शहर के विभिन्न मार्गों पर श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना करेंगे।डोल ग्यारस को लेकर मंदिर परिसर सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भगवान के नगर भ्रमण के दौरान भजन मंडलियां साथ चलेंगी और लगातार भजनों के माध्यम से भगवान श्री नृसिंह की महिमा का गुणगान करेंगी। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा डोल का स्वागत किया जाएगा। शाम से लेकर देर रात तक शहर में धार्मिक उत्साह का वातावरण बना रहेगा।


75 वर्षों से चली आ रही है डोल निकालने की परंपरा

मंदिर के संत माधवदास महाराज और अध्यक्ष दुर्गेश यादव ने बताया कि श्री नृसिंह लक्ष्मी मंदिर से डोल निकालने की परंपरा 75 वर्षों से अधिक समय से निरंतर चली आ रही है। वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा के प्रति शहर और आसपास के क्षेत्र के श्रद्धालुओं में विशेष आस्था है। उन्होंने बताया कि डोल ग्यारस के दिन भगवान श्री नृसिंह को विशेष रूप से सजाया जाता है। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद भगवान को डोल में विराजमान किया जाता है। इसके बाद नगर भ्रमण प्रारंभ होता है। डोल लगभग 10 घंटे तक शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण करेगा। इस दौरान श्रद्धालु रास्ते में भगवान के दर्शन कर पुष्प अर्पित करेंगे और पूजा-अर्चना करेंगे।


महामंडलेश्वर रामभूषणदास महाराज के सानिध्य में होगा महाभिषेक

डोल ग्यारस के अवसर पर मंगलवार सुबह मंदिर परिसर में भगवान का विधि-विधान से महाभिषेक किया जाएगा। महामंडलेश्वर रामभूषणदास महाराज एवं संत माधवदास महाराज के सानिध्य में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। इसके बाद भगवान का विशेष श्रृंगार किया जाएगा और दोपहर 12 बजे डोल को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया जाएगा। मंदिर परिवार के अनुसार डोल ग्यारस पर भगवान के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। डोल के नगर भ्रमण के दौरान भी अलग-अलग क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है।


इन प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगा डोल

दोपहर 12 बजे मंदिर से प्रारंभ होने वाला डोल देवनगर कॉलोनी, कोलीपुरा, बढ़ियाखेड़ी, नदी चौराहा, कोतवाली चौराहा सहित शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए पुन: प्राचीन श्री नृसिंह मंदिर पहुंचेगा। नगर भ्रमण के दौरान मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा भगवान का स्वागत किया जाएगा। जगह-जगह पुष्प वर्षा और पूजा-अर्चना का क्रम चलेगा। भगवान श्री नृसिंह के आकर्षक श्रृंगार के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मार्ग के दोनों ओर मौजूद रहने की संभावना है।


डोल के नीचे से निकलने की परंपरा में भी आस्था

डोल ग्यारस के अवसर पर वर्षों से श्रद्धालुओं में डोल के नीचे से निकलने की परंपरा चली आ रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्री नृसिंह का आशीर्वाद प्राप्त करने की भावना से डोल के नीचे से निकलते हैं। इसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था देखने को मिलती है। श्री नृसिंह लक्ष्मी मंदिर का डोल अपनी भव्यता और लंबे समय से चली आ रही धार्मिक परंपरा के कारण शहर ही नहीं, आसपास के क्षेत्र में भी विशेष पहचान रखता है। डोल ग्यारस के आयोजन का श्रद्धालुओं को पूरे वर्ष इंतजार रहता है। भगवान के डोल में विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकलते ही मार्ग में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है।


भजन मंडलों के साथ निकलेगी भव्य शोभायात्रा

इस वर्ष भी भगवान श्री नृसिंह की शोभायात्रा भजन मंडलों के साथ निकाली जाएगी। भजन मंडलियां रास्तेभर भगवान की महिमा का गुणगान करेंगी। भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालु भगवान के दर्शन करेंगे और जगह-जगह शोभायात्रा का स्वागत किया जाएगा। डोल के दौरान भगवान का आकर्षक श्रृंगार, भजन-कीर्तन और आतिशबाजी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। मंदिर परिवार और क्षेत्रवासियों की ओर से आयोजन को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। मंदिर परिवार की ओर से क्षेत्रवासियों से डोल ग्यारस के इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर भगवान श्री नृसिंह के दर्शन करने और धार्मिक आयोजन में सहभागिता करने की अपील की गई है।


आस्था और भक्ति से सराबोर होगा शहर

दोपहर 12 बजे से शुरू होने वाला भगवान श्री नृसिंह का नगर भ्रमण देर शाम तक जारी रहेगा। इसके बाद मंदिर में मध्यरात्रि तक विभिन्न भजन-कीर्तन मंडलों द्वारा धार्मिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। डोल ग्यारस के अवसर पर शहर में दिनभर धार्मिक वातावरण बना रहेगा। भजन-कीर्तन, भगवान के दर्शन, पुष्प वर्षा और श्रद्धालुओं की आस्था के बीच निकलने वाला यह भव्य डोल एक बार फिर शहर की वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा को जीवंत करेगा। डोल ग्यारस के अवसर पर सीहोर भगवान श्री नृसिंह की भक्ति में सराबोर नजर आएगा।

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