पुरस्कार से संबंधित प्रदर्शित प्रमाण-पत्र में मात्स्यिकी महाविद्यालय (कॉलेज ऑफ़ फिशरीज), किशनगंज को वर्ष 2025 के लिए उत्कृष्ट संस्थान के रूप में मान्यता दी गई है। महाविद्यालय की उपलब्धियों में व्यक्तिगत स्तर पर कुछ और भी उल्लेखनीय सम्मान शामिल हैं जैसे महाविद्यालय के प्राद्यापक श्री आशुतोष कुमार सिंह को युवा वैज्ञानिक पुरस्कार तथा महाविद्यालय के छात्र श्री अनिल कुमार को सवश्रेष्ट छात्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इन सम्मानों ने महाविद्यालय के शिक्षकों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों की प्रतिभा और उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। इस अवसर पर बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के माननीय कुलपति डॉ. इंद्रजीत सिंह ने मात्स्यिकी महाविद्यालय (कॉलेज ऑफ फिशरीज), किशनगंज की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने महाविद्यालय की अकादमिक उत्कृष्टता को विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय बताया।
मात्स्यिकी महाविद्यालय (कॉलेज ऑफ फिशरीज), किशनगंज के अधिष्ठाता सह डीन डॉ. वी. पी. सैनी ने भी महाविद्यालय के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के राष्ट्रीय कृषि शिक्षा प्रत्यायन बोर्ड की मान्यता, irri द्वारा प्रदत्त सर्वोत्कृस्ट संस्थान पुरस्कार तथा शिक्षक एवं छात्र को प्राप्त व्यक्तिगत सम्मान पूरी महाविद्यालयीन टीम की मेहनत, समर्पण एवं सामूहिक प्रयासों का परिणाम हैं। महाविद्यालय में मत्स्य विज्ञान स्नातक के साथ-साथ जलीय कृषि (एक्वाकल्चर), मत्स्य संसाधन प्रबंधन, मछली प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी,मछली पोषण एवं आहार प्रौद्योगिकी, मछली शरीर क्रिया-विज्ञान और जैव-रसायन, मात्स्यिकी जैव प्रौद्योगिकी, जलीय जीव स्वास्थ्य प्रबंधन एवं जलीय पर्यावरण प्रबंधन जैसे स्नातकोत्तर कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। महाविद्यालय की इन उपलब्धियों से किशनगंज एवं सीमांचल क्षेत्र में उच्चस्तरीय मात्स्यिकी शिक्षा, अनुसंधान, कौशल विकास एवं उद्यमिता को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। संस्थान की यह उपलब्धि बिहार में मात्स्यिकी शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उभरती संभावनाओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित करती है।

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