- आस्था, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संगम बना बेनीपट्टी का गंगा आरती कार्यक्रम
- ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान में आस्था के साथ नदी संरक्षण का संकल्प
इस अवसर पर बेनीपट्टी विधायक विनोद नारायण झा ने कहा कि नदियां हमारी धार्मिक आस्था, संस्कृति और जीवन से गहराई से जुड़ी हुई हैं। नदी के प्रति सम्मान केवल पूजा-अर्चना तक सीमित न रहे, बल्कि उसकी स्वच्छता और संरक्षण के रूप में भी दिखाई देना चाहिए। नदियां हमारी जीवनरेखा हैं और इनके संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है। डीपीओ नमामि गंगे आनंद अंकित ने कहा कि जिला गंगा समिति, मधुबनी का प्रयास है कि नदियों एवं अन्य जलस्रोतों की स्वच्छता और संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए। गंगा आरती जैसे आयोजन धार्मिक एवं सांस्कृतिक आस्था को जलस्रोतों के संरक्षण के संकल्प से जोड़ते हैं। नदियों का ऐतिहासिक महत्व हमारी सभ्यता से जुड़ा है और उनका संरक्षण मानव जीवन के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने आमजन से जलस्रोतों को स्वच्छ रखने, उनमें कचरा नहीं डालने तथा इनके संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि जलस्रोतों की स्वच्छता केवल पर्यावरण संरक्षण का विषय नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक जिम्मेदारी और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से भी जुड़ा दायित्व है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें