दिल्ली : ‘हिंदू सांप्रदायिकता’ वाली टिप्पणी पर विहिप का अंसारी पर हमला - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 21 सितंबर 2026

दिल्ली : ‘हिंदू सांप्रदायिकता’ वाली टिप्पणी पर विहिप का अंसारी पर हमला

  • नेहरूवादी और कट्टरपंथी मानसिकता से बाहर आएं

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नई दिल्ली । विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने रविवार को पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी की ‘‘हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता’’ संबंधी टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और आरोप लगाया कि अंसारी के विचार उनकी ‘‘हिंदू-विरोधी, नेहरूवादी और कट्टरपंथी मानसिकता’’ को दर्शाते हैं।विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि भारत के बहुसंख्यक हिंदू समाज को ‘भारत के लिए खतरा’ बताने से पहले अंसारी को अपने सार्वजनिक जीवन पर नजर डालनी चाहिए। दरअसल, शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अंसारी ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के उस कथन का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘‘भारत के लिए असली खतरा साम्यवाद नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता है।’’


पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा कि नेहरू ने यह टिप्पणी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की एक बैठक के दौरान की थी, जिसे तत्कालीन विदेश सचिव जगत सिंह गुंडेविया ने दर्ज किया था और संवैधानिक मामलों के विशेषज्ञ ए. जी. नूरानी ने अपनी वर्ष 2019 में प्रकाशित पुस्तक ‘द आरएसएस: ए मेनेस टू इंडिया’ में इसका उल्लेख किया है। अंसारी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए बंसल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘ उपराष्ट्रपति रहते हुए पीएफआई से जुड़े कार्यक्रमों में आपकी मौजूदगी और राजदूत के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाने के कई गंभीर आरोप हैं तथा आज आप हिंदुओं के सामने सांप्रदायिकता की बात कर रहे हैं? याद रखिए, अगर हिंदू वास्तव में सांप्रदायिक होते, तो आपमें ऐसा बयान देने का साहस नहीं होता।’’ बंसल ने अंसारी द्वारा अयोध्या फैसले की आलोचना किए जाने को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि भारत में दुनिया की सबसे अधिक मस्जिदें हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आपको पता होना चाहिए कि दुनिया में सबसे अधिक संख्या में मस्जिदें भारत में हैं। आपने पहले श्री राम जन्मभूमि पर आए ऐतिहासिक फैसले की आलोचना की थी और अब हिंदू समाज के खिलाफ निराधार बयान देकर एक बार फिर अपनी कट्टरपंथी मानसिकता उजागर कर रहे हैं।’’ बंसल ने अंसारी पर ‘‘भारत-विरोधी और हिंदू-विरोधी मानसिकता’’ रखने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘नेहरूवादी, जिन्नावादी और हिंदू-विरोधी मानसिकता से बाहर आइए और उस पद, सम्मान, धन तथा प्रतिष्ठा के लिए देश के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कीजिए, जो देश ने आपको दिया। कृतघ्न मत बनिए।’’ बंसल ने कहा, ‘‘अगली बार दूसरों को उपदेश देने से पहले बेहतर होगा कि आप खुद अपने प्रतिबिंब को आईने में देखें।’’

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