एशियाई खेलों के लिये आइसक्रीम और गणित दोनों से किनारा किया था कुमकुम ने - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शनिवार, 3 अक्टूबर 2026

एशियाई खेलों के लिये आइसक्रीम और गणित दोनों से किनारा किया था कुमकुम ने

Asiad-gold-medalist-kumkum
निशाना साधते समय शांत रहने वाली युवा तीरंदाज कुमकुम मोहोद जब अपना धनुष नीचे रखकर आइसक्रीम या गणित को लेकर अपने प्यार के बारे में बात करती है तो उनके भीतर का बच्चा हावी हो जाता है । महाराष्ट्र की 17 वर्ष की कुमकुम ने एशियाई खेलों में व्यक्तिगत रिकर्व और टीम वर्ग का स्वर्ण जीतकर इतिहास रचा है ।उन्होंने फाइनल में पूर्व ओलंपिक चैम्पियन और अपनी आदर्श कोरिया की कांग चाएयंग को हराया । कुमकुम ने जीत के बाद कहा ,‘‘ मुझे आइसक्रीम खाना पसंद है । बटरस्कॉच मेरा पसंदीदा फ्लेवर है । लेकिन 11 सितंबर को यहां आने के बाद से मैने आइसक्रीम नहीं खाई है क्योंकि लक्ष्य पर निशाना था ।’’ उन्होंने कहा ,‘मेरी मां ने तीरंदाजी से मेरा परिचय कराया । मैं पढाई में बहुत अच्छी थी और हमेशा 90 प्रतिशत अंक लाती थी । मेरा पसंदीदा विषय गणित था लेकिन अब पढाई पीछे रह गई है ।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ मैं अपना फोन भी इस्तेमाल नहीं कर रही । सिर्फ परिवार, कोचों और टीम से बात करती हूं ।’’ कुमकुम ने कहा ,‘‘ बचपन से मेरा सपना बड़ा था । जूनियर स्तर हो या सीनियर । मेरा लक्ष्य अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था । मैने ओलंपिक खेलने का सपना देखा है । राष्ट्रीय टीम में आने का सपना सच हुआ और अब अगला लक्ष्य लॉस एंजिलिस ओलंपिक है ।’’

कोई टिप्पणी नहीं: