निशाना साधते समय शांत रहने वाली युवा तीरंदाज कुमकुम मोहोद जब अपना धनुष नीचे रखकर आइसक्रीम या गणित को लेकर अपने प्यार के बारे में बात करती है तो उनके भीतर का बच्चा हावी हो जाता है । महाराष्ट्र की 17 वर्ष की कुमकुम ने एशियाई खेलों में व्यक्तिगत रिकर्व और टीम वर्ग का स्वर्ण जीतकर इतिहास रचा है ।उन्होंने फाइनल में पूर्व ओलंपिक चैम्पियन और अपनी आदर्श कोरिया की कांग चाएयंग को हराया । कुमकुम ने जीत के बाद कहा ,‘‘ मुझे आइसक्रीम खाना पसंद है । बटरस्कॉच मेरा पसंदीदा फ्लेवर है । लेकिन 11 सितंबर को यहां आने के बाद से मैने आइसक्रीम नहीं खाई है क्योंकि लक्ष्य पर निशाना था ।’’ उन्होंने कहा ,‘मेरी मां ने तीरंदाजी से मेरा परिचय कराया । मैं पढाई में बहुत अच्छी थी और हमेशा 90 प्रतिशत अंक लाती थी । मेरा पसंदीदा विषय गणित था लेकिन अब पढाई पीछे रह गई है ।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ मैं अपना फोन भी इस्तेमाल नहीं कर रही । सिर्फ परिवार, कोचों और टीम से बात करती हूं ।’’ कुमकुम ने कहा ,‘‘ बचपन से मेरा सपना बड़ा था । जूनियर स्तर हो या सीनियर । मेरा लक्ष्य अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था । मैने ओलंपिक खेलने का सपना देखा है । राष्ट्रीय टीम में आने का सपना सच हुआ और अब अगला लक्ष्य लॉस एंजिलिस ओलंपिक है ।’’
शनिवार, 3 अक्टूबर 2026
एशियाई खेलों के लिये आइसक्रीम और गणित दोनों से किनारा किया था कुमकुम ने
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