- नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर स्वास्थ्य विभाग का जोर; खराब प्रदर्शन और मानकों की अनदेखी पर होगी सख्त कार्रवाई
INC Suitability Portal पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
बैठक में बताया गया कि भारतीय उपचर्या परिषद के दिशा-निर्देशों के अनुरूप INC Suitability Portal सीमित अवधि के लिए पुनः खोला जा रहा है। पूर्व में प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए अथवा निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतर सके संस्थानों को समयबद्ध रूप से आवेदन कर सभी आवश्यक मानकों की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य सचिव ने फैकल्टी, आधारभूत संरचना, क्लीनिकल सुविधा, प्रयोगशाला एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को INC मानकों के अनुरूप बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
व्यावहारिक एवं क्लीनिकल प्रशिक्षण को मजबूत करने के निर्देश
विद्यार्थियों की विषयगत समझ और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए नियमित आंतरिक परीक्षाएं आयोजित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आधुनिक स्किल लैब, पर्याप्त प्रयोगशाला सुविधाएं, वार्ड टीचिंग और व्यावहारिक प्रशिक्षण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। जीएनएम एवं बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रमों के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप संबद्ध अस्पतालों में वास्तविक क्लीनिकल प्रशिक्षण की व्यवस्था करने तथा इससे संबंधित आवश्यक साक्ष्य विभाग एवं विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया।
CCTV और बायोमेट्रिक से होगी रियल-टाइम निगरानी
संस्थानों में पारदर्शिता और नियमित शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी के लिए व्याख्यान कक्षों, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों एवं बायोमेट्रिक स्थलों पर IP आधारित CCTV प्रणाली स्थापित करने के निर्देश दिए गए। आवश्यकता के अनुसार इसकी रियल-टाइम एक्सेस विभाग एवं विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी। संकाय सदस्यों की नियमित उपस्थिति के लिए Facial एवं Finger Biometric Attendance System के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने और संबंधित विवरण को BNRC प्रणाली से जोड़ने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया। जिन संस्थानों में शिक्षकों की संख्या निर्धारित मानकों से कम है, उन्हें शीघ्र पर्याप्त संख्या में योग्य शिक्षकों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए।
एक माह के भीतर BNRC पोर्टल पर ऑन-बोर्डिंग
सभी मान्यता प्राप्त निजी नर्सिंग संस्थानों को निर्धारित अवधि के भीतर BNRC पोर्टल पर ऑन-बोर्डिंग प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया। भविष्य में मान्यता विस्तार, सीट वृद्धि और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी एवं डिजिटल बनाने के लिए पोर्टल आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी।
खराब परीक्षा परिणाम वाले संस्थानों पर होगी कार्रवाई
बैठक में विभिन्न नर्सिंग पाठ्यक्रमों के विश्वविद्यालय परीक्षा परिणामों की भी समीक्षा की गई। संस्थानवार उत्तीर्ण एवं अनुत्तीर्ण प्रतिशत के आधार पर कमजोर प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को अपनी शैक्षणिक व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि लगातार खराब परिणाम अथवा निर्धारित मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हर संस्थान में बनेगा Student Grievance Redressal Cell
विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी समाधान के लिए प्रत्येक निजी नर्सिंग संस्थान में नोडल अधिकारी की देखरेख में Student Grievance Redressal Cell गठित करने के निर्देश दिए गए। विश्वविद्यालय स्तर पर भी छात्र कल्याण से जुड़ी शिकायत निवारण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य बिहार में नर्सिंग शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक, पारदर्शी और रोजगारपरक बनाना है, ताकि यहां से प्रशिक्षित विद्यार्थी देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी दक्षता और क्षमता का प्रदर्शन कर सकें। बैठक में श्री मृणायक दास, अपर सचिव, स्वास्थ्य विभाग, बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) बिंदेय कुमार, कुलसचिव श्री विमलेश कुमार झा, परीक्षा नियंत्रक प्रो. (डॉ.) अनिल शांडिल्य सहित बिहार नर्सिंग से जुड़े संस्थानों एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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