पात्रा ने कहा, ‘‘जंतर-मंतर पर जो हो रहा है और टीवी तथा विभिन्न सोशल मीडिया मंच पर जो दिखाया जा रहा है, वह भारत की वास्तविक तस्वीर नहीं है। भारत शांतिपूर्ण है और सुशासन के साथ आगे बढ़ रहा है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के जरिए राष्ट्रीय राजधानी और पूरे देश को बंधक बनाने की कोशिश की गई। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘यहां हिंसा भड़काने, हाथापाई करने और सड़कों पर संघर्ष कराने की कोशिशें की गईं। लेकिन यह प्रदर्शन पूरी तरह विफल रहा। भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत हुई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज दिल्ली में जिस तरह लोकतंत्र की ताकत सामने आई है और पूरी स्थिति नियंत्रण में है, उसे देखते हुए मैं फिर कहना चाहता हूं कि अराजकता फैलाने वालों की कोशिशें नाकाम रही हैं और उनका प्रदर्शन विफल रहा।’’ मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन को रोकने के लिए शनिवार को मध्य दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया गया और हजारों सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया। ज्ञानेश कुमार पर आरोप है कि उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में मतदाता सूची में हेरफेर किया और मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले अहम दस्तावेज फॉर्म-6 में बदलाव करने के लिए अपने दोनों सहयोगियों को दरकिनार किया।
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता संबित पात्रा ने शनिवार को कहा कि दिल्ली को ‘‘बंधक’’ बनाने के इरादे से किया गया प्रदर्शन पूरी तरह विफल रहा। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों के साथ मिलकर अराजकता फैलाने का आरोप भी लगाया। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे सैकड़ों युवाओं और कई नेताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद पात्रा ने कहा कि यह ‘‘भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत’’ है। भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में पात्रा ने राहुल गांधी को ‘‘नालायक’’ नेता कहा। उन्होंने शुक्रवार को दिए गए गांधी के उस बयान की निंदा की, जिसमें उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक मुलाकात में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के ‘‘वोट चोरी’’ के आरोप का खंडन नहीं किया।

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