पूर्णिया : जी.डी. गोयनका स्कूल में डांडिया नाइट का भव्य आयोजन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 17 अक्टूबर 2026

पूर्णिया : जी.डी. गोयनका स्कूल में डांडिया नाइट का भव्य आयोजन

  • भक्ति, संस्कृति और उमंग के रंग में रंगा विद्यालय परिसर; कटिहार के जिलाधिकारी श्री आशुतोष द्विवेदी ने किया पुरस्कार वितरण

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पूर्णिया, 16 अक्टूबर (संवाददाता)। नवरात्रि के पावन अवसर पर जी.डी. गोयनका स्कूल, पूर्णिया में शुक्रवार की शाम भव्य डांडिया नाइट सेलिब्रेशन का आयोजन किया गया। विद्यालय के क्रिकेट ग्राउंड में शाम 5 बजे से आयोजित इस समारोह में प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यालय प्रबंधन, गणमान्य अतिथियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रंग-बिरंगी रोशनी, पारंपरिक सजावट और भक्तिमय संगीत से पूरा परिसर उत्सवमय हो उठा। समारोह में कटिहार के जिलाधिकारी श्री आशुतोष द्विवेदी, पूर्णिया की सहायक समाहर्ता सुश्री कुमुद मिश्रा (आईएएस) तथा पूर्णिया के एडीएम (विधि-व्यवस्था) श्री राजकुमार गुप्ता सहित कटिहार के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) एवं पूर्णिया और कटिहार के अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। विद्यालय प्रबंधन की ओर से अध्यक्ष डॉ. पीयूष अग्रवाल, उपाध्यक्ष श्री शैलेन्द्र गुप्ता, निदेशक श्री राजेश अग्रवाल, निदेशक श्री अशोक शराफ, ट्रस्टी श्री हरीश अग्रवाल, निदेशक (ऑपरेशंस) श्री सुजीत प्रसाद तथा निदेशक प्राचार्या सुश्री पुलोमा नंदी सहित विद्यालय प्रबंधन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी एवं ट्रस्टीगण उपस्थित रहे। विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। सम्मान और स्नेह के प्रतीक स्वरूप सभी अतिथियों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।


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विद्यालय की निदेशक प्राचार्या सुश्री पुलोमा नंदी ने अपने स्वागत संबोधन में सभी अतिथियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का हार्दिक अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि नवरात्रि शक्ति, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व है। इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय परंपराओं, संस्कारों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा, आत्मविश्वास एवं रचनात्मकता को भी निखारते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनमें नैतिक मूल्यों, अनुशासन, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। विद्यालय भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ड्रमजैम टीम की शानदार प्रस्तुति रही। ढोल और ताल की गूंज ने पूरे परिसर में उत्साह का संचार कर दिया। टीम की ऊर्जावान प्रस्तुति पर उपस्थित अतिथियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। समारोह के दौरान पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कटिहार के जिलाधिकारी श्री आशुतोष द्विवेदी ने विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए। पुरस्कार प्राप्त कर विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा का संचार किया।


कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा विद्यार्थियों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। प्रत्येक प्रस्तुति में भारतीय संस्कृति, भक्ति और कला का सुंदर समन्वय देखने को मिला।

गणेश वंदना एवं स्वागत नृत्य: कार्यक्रम की शुरुआत भगवान गणेश की वंदना पर आधारित नृत्य से हुई। विद्यार्थियों ने अपनी भाव-भंगिमाओं और लयबद्ध नृत्य के माध्यम से मंगलाचरण प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

शास्त्रीय गायन: विद्यार्थियों ने सुमधुर स्वरों में शास्त्रीय गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी सुरीली आवाज और सधी हुई प्रस्तुति को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।

खाटू श्याम बाबा की महिमा: 'हारे के सहारे' बाबा खाटू श्याम की महिमा पर आधारित भावपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे परिसर को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। प्रस्तुति ने दर्शकों के मन में श्रद्धा और भक्ति की भावना जागृत की। 

महिषासुर मर्दिनी नृत्य-नाटिका: देवी दुर्गा के शक्ति स्वरूप पर आधारित इस प्रभावशाली प्रस्तुति ने बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया। आकर्षक वेशभूषा, मंच सज्जा, संगीत और विद्यार्थियों के शानदार अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।


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सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बाद पेशेवर कलाकारों ने अपनी ऊर्जावान प्रस्तुतियों से समारोह में चार चांद लगा दिए। इसके पश्चात डांडिया और गरबा का उत्सव शुरू हुआ। पारंपरिक परिधानों में सजे विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक संगीत की लय पर थिरकते नजर आए। डांडिया की खनक, गरबा की मनमोहक लय और उत्साह से भरे चेहरों ने पूरे परिसर को उल्लास से भर दिया। सभी ने मिलकर नवरात्रि के इस पावन पर्व का आनंद लिया। कार्यक्रम ने भारतीय लोक संस्कृति, सामूहिक सहभागिता और सामाजिक सौहार्द का सुंदर संदेश दिया। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के उप-प्राचार्य श्री आर.के. दास, मध्य विभाग की शैक्षणिक समन्वयक सुश्री रीचा आनंद सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं, प्रशासनिक कर्मचारियों एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम की योजना, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की तैयारी, मंच संचालन, अतिथि सत्कार, सुरक्षा, साज-सज्जा और अन्य व्यवस्थाओं में विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने समर्पण एवं टीम भावना के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। सभी के सामूहिक प्रयासों से समारोह सुव्यवस्थित एवं यादगार बना।


कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। विद्यालय प्रबंधन ने जिलाधिकारी कटिहार श्री आशुतोष द्विवेदी, सहायक समाहर्ता सुश्री कुमुद मिश्रा, एडीएम (विधि-व्यवस्था) श्री राजकुमार गुप्ता, कटिहार के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, अन्य गणमान्य अतिथियों, अभिभावकों, विद्यार्थियों, कलाकारों तथा विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं, प्रशासनिक एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। डांडिया नाइट का यह आयोजन केवल मनोरंजन और सांस्कृतिक उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने शिक्षा, संस्कार, भारतीय परंपराओं और सामूहिक सहभागिता के महत्व को भी रेखांकित किया। जी.डी. गोयनका स्कूल, पूर्णिया का यह प्रयास विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के प्रति विद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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