निर्वाचन आयोग जब सांसदों के साथ बैठक के प्रस्ताव पर विचार कर रहा था, तब दिल्ली पुलिस ने उसे बताया कि प्रतिनिधिमंडल में 240 सांसद शामिल हैं और प्रस्तावित बैठक स्थल संसद भवन सौध है। आयोग ने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग ने इस अनुरोध को असामान्य माना और इसलिए इसे स्वीकार नहीं किया जा सका, क्योंकि निर्वाचन आयोग के प्रोटोकॉल के अनुसार ऐसी बैठकें केवल भारत निर्वाचन आयोग के परिसर में ही आयोजित की जाती हैं।’’ आयोग ने कहा कि उसने ज्ञापन लेने के लिए ड्यूटी पर तैनात सबसे अपने वरिष्ठ अधिकारी को बैठक स्थल पर भेजने का प्रस्ताव दिया था, जो अपने आप में एक अभूतपूर्व कदम होता, लेकिन सांसदों ने यह प्रस्ताव भी ठुकरा दिया। निर्वाचन आयोग ने कहा कि वह संसदीय और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के साथ-साथ अपने प्रोटोकॉल और परंपराओं का भी सम्मान करता है, जो उसके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। आयोग ने कहा, ‘‘कोई भी राजनीतिक दल किसी भी समय निर्वाचन आयोग से बैठक के लिए अनुरोध कर सकता है और आयोग समय की उपयुक्तता को ध्यान में रखते हुए बैठक के लिए तारीख और समय तय करता है। यह एक नियमित प्रक्रिया है।’’ इससे पहले, विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन से निर्वाचन सदन के लिए मार्च निकाला था। पुलिस ने विपक्षी दलों के सांसदों को संसद मार्ग पर नीति आयोग और आकाशवाणी भवन के सामने रोक दिया। इसके बाद विपक्षी दलों के सांसद सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद पुलिस ने कई विपक्षी सांसदों को हिरासत में ले लिया, हालांकि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और कांग्रेस तथा सहयोगी दलों के कुछ नेता आकाशवाणी भवन परिसर में एक बरगद के पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए।
नई दिल्ली। विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों के निर्वाचन आयोग की तरफ मार्च करने और विरोध-प्रदर्शन करने के कुछ घंटों बाद, निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को कहा कि शाम चार बजे तक किसी भी राजनीतिक दल ने अपने अधिकृत प्रतिनिधियों के जरिए उसके साथ बैठक के लिए समय नहीं मांगा था। आयोग ने कहा कि बाद में दिल्ली पुलिस ने उसे सूचित किया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल निर्वाचन आयोग से मिलकर ज्ञापन सौंपना चाहता है। आयोग ने कहा कि उसे मीडिया के माध्यम से पता चला कि कुछ राजनीतिक दलों के निर्वाचन आयोग मुख्यालय की ओर मार्च के दौरान कुछ सांसद अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ निर्वाचन आयोग से मिलना चाहते थे। आयोग ने एक बयान में कहा, ‘‘शाम चार बजे तक किसी भी राजनीतिक दल ने अपने प्रतिनिधियों के जरिए निर्वाचन आयोग से मुलाकात के लिए समय नहीं मांगा था।’’ करीब चार बजे आयोग को दिल्ली पुलिस से सूचना मिली कि गांधी के नेतृत्व में सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल उससे मिलकर ज्ञापन सौंपना चाहता है। निर्वाचन आयोग ने कहा कि उसने 2025 में राजनीतिक दलों के साथ बैठक के लिए एक प्रक्रिया तय की थी, जिसके तहत किसी राजनीतिक दल का प्रतिनिधिमंडल या कई दलों का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल अपने विधिवत अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए बैठक के लिए समय मांगता है। निर्वाचन आयोग ने कहा, ‘‘इसके बाद बैठक दोनों पक्षों की आपसी सहमति से तय समय पर होती है।’’

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