यह संवाद 20 नवंबर को नयी दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। एससीओ एक यूरेशियाई क्षेत्रीय समूह है, जो अपने सदस्य देशों के बीच राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग पर केंद्रित है। इसके 10 सदस्य देश हैं: चीन, भारत, रूस, पाकिस्तान, कज़ाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय द्वारा साझा किए गए साक्षात्कार के फुटेज के अनुसार, डिमरी ने कहा कि एससीओ ने एक ऐसा मंच प्रदान किया जहां यूरेशिया और एशियाई भूभाग के देश एक साथ आए थे और “हमने अपनी भलाई, समृद्धि और कल्याण के लिए एक एजेंडा तैयार किया है”। उन्होंने कहा, “कनेक्टिविटी एक महत्वपूर्ण बिंदु है। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, व्यापार, पारगमन... महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर चर्चा की गई है और प्रगति भी हो रही है।” एससीओ राष्ट्राध्यक्ष परिषद की पाकिस्तान की 2026-27 अध्यक्षता के तहत आयोजित बैठक का उद्देश्य संगठन की गतिविधि से जुड़े कार्यक्रमों, आगामी बैठकों की तैयारियों और इसके एजेंडे में शामिल अन्य मामलों पर चर्चा करना है। बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी पिछले साल दोनों देशों के बीच हुए संक्षिप्त संघर्ष के बाद पाकिस्तान की पहली ऐसी उच्च-स्तरीय यात्रा है।
भारत के एससीओ राष्ट्रीय समन्वयक आलोक ए. डिमरी ने मंगलवार को कहा कि क्षेत्रीय संपर्क, व्यापार और पारगमन शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के बीच चर्चा के प्रमुख मुद्दे हैं। इस्लामाबाद में तीन दिवसीय शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) राष्ट्रीय समन्वयकों की बैठक के इतर पीटीवी न्यूज से बात करते हुए, डिमरी ने यह भी कहा कि सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सभ्यतागत संवाद के आह्वान पर सहमति जताई है।

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