मधुबनी : जीवछ नदी पुनर्जीवन महाअभियान और स्वच्छता चैलेंज प्रतियोगिता का आयोजन रहेगा जारी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026

मधुबनी : जीवछ नदी पुनर्जीवन महाअभियान और स्वच्छता चैलेंज प्रतियोगिता का आयोजन रहेगा जारी

  • स्वच्छता ही सेवा अभियान का हुआ समापन, अब विशेष स्वच्छता अभियान के माध्यम से जारी रहेगा स्वच्छता का संकल्प
  • 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक जिले में चला स्वच्छता एवं जनजागरूकता का व्यापक अभियान, विभिन्न विभागों के समन्वय से आयोजित हुए अनेक कार्यक्रम


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मधुबनी, 02 अक्टूबर, (रजनीश के झा) । जिले में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक संचालित स्वच्छता ही सेवा अभियान का आज समापन हो गया। इस अवधि में जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जलस्रोतों के संरक्षण तथा जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों एवं जागरूकता अभियानों का आयोजन किया गया। अभियान के दौरान स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों, युवा क्लबों एवं आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत जिले में नुक्कड़ नाटक, गंगा आरती, स्वच्छता अभियान, श्रमदान, निबंध, स्लोगन, पेंटिंग, कबाड़ से जुगाड़ एवं रंगोली प्रतियोगिता, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य जांच शिविर, विशेष ग्राम सभा, रैली, मशाल जुलूस सहित अनेक रचनात्मक एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त जीवछ नदी पुनर्जीवन महाअभियान, नदियों एवं अन्य जलस्रोतों की सफाई, फैंसी क्रिकेट मैच तथा जिलेवासियों के लिए स्वच्छता चैलेंज प्रतियोगिता जैसे विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया। इस व्यापक अभियान को सफल बनाने में नगर निगम, जिला गंगा समिति नमामि गंगे, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, सभी नगर निकायों, वीबी-जी राम जी, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जीविका सहित विभिन्न विभागों एवं संगठनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी विभागों के आपसी समन्वय एवं सामूहिक प्रयासों से जिले में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिकाधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया गया।


विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जनभागीदारी को मिला बढ़ावा

स्वच्छता ही सेवा अभियान के दौरान जिले में स्वच्छता को केवल सफाई तक सीमित न रखते हुए इसे जनभागीदारी एवं सामुदायिक जिम्मेदारी से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया। शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों के बीच निबंध, स्लोगन, पेंटिंग, रंगोली एवं कबाड़ से जुगाड़ जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, कचरे के पुनः उपयोग तथा जलस्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करने का प्रयास किया गया। वहीं, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान और श्रमदान कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को अपने आसपास के सार्वजनिक स्थलों, सड़कों, नदी-तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया गया। नुक्कड़ नाटक, रैली एवं मशाल जुलूस के माध्यम से भी स्वच्छता के महत्व और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। इसके साथ ही स्वास्थ्य जांच शिविर एवं विशेष ग्राम सभाओं के आयोजन के माध्यम से स्वच्छता, स्वास्थ्य और स्वच्छ वातावरण के बीच संबंध को रेखांकित किया गया। विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से आयोजित इन कार्यक्रमों में आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।


जीवछ नदी पुनर्जीवन महाअभियान बना स्वच्छता अभियान का प्रमुख आकर्षण

स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत 24 सितंबर को प्रारंभ किया गया जीवछ नदी पुनर्जीवन महाअभियान जिले में स्वच्छता एवं जलस्रोत संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में जारी है। नगर निगम, जिला गंगा समिति नमामि गंगे, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान तथा स्थानीय नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से नदी की सफाई एवं पुनर्जीवन का कार्य किया जा रहा है। इस महाअभियान के तहत जीवछ नदी से जलकुंभी एवं कचरे को हटाने, नदी के घाटों तथा आसपास के क्षेत्रों की सफाई सहित विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अभियान में स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिल रही है। नदी की सफाई के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। नदी एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता की स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है।इस अभियान का उद्देश्य केवल नदी की सफाई करना ही नहीं, बल्कि नदी के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के प्रति नागरिकों में दीर्घकालिक जागरूकता विकसित करना भी है। इसके लिए आम नागरिकों को नदी में कचरा नहीं डालने तथा नदी एवं उसके आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। स्वच्छता ही सेवा अभियान की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बावजूद जीवछ नदी पुनर्जीवन महाअभियान जारी रहेगा। इसके माध्यम से नदी के कायाकल्प के लिए सामूहिक प्रयासों को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।


स्वच्छता चैलेंज प्रतियोगिता को लेकर जिलेवासियों में उत्साह

जिला प्रशासन द्वारा 22 सितंबर से प्रारंभ की गई स्वच्छता चैलेंज प्रतियोगिता को लेकर जिले के विभिन्न संगठनों, युवा क्लबों, सामाजिक समूहों एवं आम नागरिकों में उत्साह देखा जा रहा है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य जिलेवासियों को अपने आसपास के नदी, तालाब एवं अन्य जलस्रोतों की सफाई के लिए प्रेरित करना तथा स्वच्छता के कार्यों में उनकी प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित करना है। प्रतियोगिता के अंतर्गत प्रतिभागियों को अपने आसपास के जलस्रोतों एवं सार्वजनिक स्थलों की सफाई का जिम्मा लेने तथा अपने द्वारा किए गए कार्यों के फोटो एवं वीडियो साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से जिला प्रशासन का प्रयास है कि स्वच्छता अभियान में आम नागरिकों की भागीदारी बढ़े और स्वच्छता के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट प्रयासों को प्रोत्साहन मिले। उप विकास आयुक्त तुषार कुमार ने जिलेवासियों से इस प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। उन्होंने लोगों से अपने आसपास के जलस्रोतों की सफाई एवं संरक्षण के लिए आगे आने तथा स्वच्छता को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया है। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा आकर्षक पुरस्कारों की घोषणा की गई है। इसके तहत प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को 25,000 रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले को 15,000 रुपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को 10,000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। जिला पदाधिकारी द्वारा चयनित व्यक्ति, समूह एवं संगठन को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक व्यक्ति एवं संगठन निर्धारित ऑनलाइन लिंक के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।पंजीकरण लिंक: https://forms.gle/77vVyceXwRE2eiiK7स्वच्छता चैलेंज प्रतियोगिता स्वच्छता ही सेवा अभियान की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी जारी रहेगी, ताकि अधिक से अधिक नागरिकों को स्वच्छता एवं जलस्रोतों के संरक्षण से जोड़ा जा सके।


अब विशेष अभियान के तहत भी जारी रहेंगे स्वच्छता एवं जनजागरूकता कार्यक्रम

स्वच्छता ही सेवा अभियान के समापन के बाद जिले में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित गतिविधियों को निरंतर जारी रखने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत नगर निगम, जिला गंगा समिति नमामि गंगे, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, जिले के सभी नगर निकायों, वीबी-जी राम जी, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जीविका सहित विभिन्न विभागों के सहयोग से कई प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विशेष अभियान के दौरान नुक्कड़ नाटक, गंगा आरती, स्वच्छता अभियान, श्रमदान, निबंध, स्लोगन, पेंटिंग, कबाड़ से जुगाड़ एवं रंगोली प्रतियोगिता, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य जांच शिविर, विशेष ग्राम सभा, जीवछ नदी पुनर्जीवन महाअभियान, स्वच्छता चैलेंज प्रतियोगिता, नदियों एवं अन्य जलस्रोतों की सफाई, फैंसी क्रिकेट मैच, रैली तथा मशाल जुलूस सहित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता को और व्यापक बनाने, युवाओं एवं विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने तथा आम नागरिकों को स्वच्छता संबंधी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा। विशेष अभियान के दौरान जलस्रोतों की स्वच्छता, नदी संरक्षण, कचरे के उचित प्रबंधन, सार्वजनिक स्थलों की सफाई एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विभिन्न विभागों के समन्वय से आयोजित होने वाली गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।


स्वच्छ एवं सुंदर मधुबनी के निर्माण में जनभागीदारी पर जोर

स्वच्छता ही सेवा अभियान के समापन के साथ ही जिले में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को नई गति देने के लिए विशेष अभियान की शुरुआत की जा रही है। जीवछ नदी पुनर्जीवन महाअभियान एवं स्वच्छता चैलेंज प्रतियोगिता के निरंतर संचालन से स्वच्छता के प्रति नागरिकों की भागीदारी को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। जिला प्रशासन की पहल पर विभिन्न विभागों एवं संगठनों द्वारा संचालित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य स्वच्छता को केवल एक निर्धारित अवधि तक सीमित न रखकर इसे निरंतर चलने वाली सामूहिक जिम्मेदारी बनाना है। इसके लिए जिलेवासियों से अपील की जा रही है कि वे अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें, नदियों एवं अन्य जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाएं तथा स्वच्छ एवं सुंदर मधुबनी के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

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