- वडनगर से काशी पहुंची सेवा यात्रा के 500 बाइक सवार करेंगे बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक, 800 लोगों का जत्था बनेगा हिस्सा
- जगतपुर में नितिन नबीन की पहली जनसभा, 50 हजार जुटाने का लक्ष्य
22 कलश, 51 महिलाएं और बाबा के दरबार तक पैदल यात्रा
सेवा यात्रा के यात्री सुबह नौ बजे संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय पहुंचेंगे। यहां स्वागत के बाद सुबह 10 से 11 बजे तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाइव उद्बोधन एलईडी स्क्रीन पर सुना जाएगा। इसके बाद सभी मैदागिन पहुंचेंगे और वहां से काशी विश्वनाथ मंदिर तक पैदल जाएंगे। यात्रा में सबसे आगे वडनगर की नदियों के जल से भरे 11 कलश और गंगाजल के 11 कलश होंगे। इनके साथ 51 महिलाएं चलेंगी। भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, मंत्री, विधायक, एमएलसी, कार्यकर्ताओं और बाइक सेवा यात्रियों समेत करीब 800 लोगों का जत्था बाबा विश्वनाथ के दरबार पहुंचेगा। गेट नंबर चार से प्रवेश के बाद करीब एक घंटे तक पूजन-अनुष्ठान और जलाभिषेक होगा।
बाबा के बाद जगतपुर में सियासी शक्ति प्रदर्शन
बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के बाद यात्री मैदागिन लौटेंगे और दोपहर के भोजन के बाद करीब 2:30 बजे जगतपुर इंटर कॉलेज पहुंचेंगे। यहां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की जनसभा होगी। यह काशी में नबीन की पहली जनसभा बताई गई है। सभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के भी मौजूद रहने की जानकारी दी गई है। सभा को लेकर भाजपा ने ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क तेज कर दिया है। रोहनिया, गंगापुर समेत आसपास के इलाकों में क्षेत्र अध्यक्ष अशोक चौरसिया ने कार्यकर्ताओं के साथ गांव-गांव संपर्क कर लोगों से सभा में पहुंचने की अपील की। पार्टी का लक्ष्य 50 हजार लोगों की सहभागिता का है।
सभा स्थल पर व्यवस्थाओं की पड़ताल
जनसंपर्क के बाद अशोक चौरसिया ने जगतपुर इंटर कॉलेज पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने मंच, माइक, पेयजल, बैठने, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को किसी तरह की असुविधा न हो। प्रवेश और पार्किंग को व्यवस्थित रखने पर विशेष जोर दिया गया।
अयोध्या होकर दिल्ली जाएंगे यात्री
सेवा संकल्प बाइक यात्रा का अगला पड़ाव अयोध्या होगा। आठ अक्टूबर की सुबह करीब नौ बजे यात्री काशी से अयोध्या के लिए रवाना होंगे। अयोध्या से दिल्ली पहुंचने के बाद सभी अपने-अपने गंतव्य की ओर लौटेंगे। अशोक चौरसिया ने कहा कि वडनगर से काशी तक यात्रा के दौरान बाइक सवारों ने केवल सफर नहीं किया, बल्कि विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता, पौधरोपण, रक्तदान और अन्य सेवा कार्यों में भी सहभागिता की। उनके अनुसार, सेवा, समाज और संगठन को जोड़ना इस अभियान का मूल उद्देश्य रहा है।

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