गोयल ने आरोप लगाया, “यह शर्मनाक है कि राहुल गांधी किसी भी संवैधानिक संस्था का सम्मान नहीं करते। उन्हें न तो कानून की समझ है और न ही भारत के नागरिक और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपने संवैधानिक कर्तव्यों की।” गोयल ने पत्रकारों से कहा, "मैं राहुल गांधी और उनके साथ (राष्ट्रपति मुर्मू के साथ बैठक में) गए विपक्षी सदस्यों के सर्वोच्च संवैधानिक पदाधिकारी के प्रति अहंकारपूर्ण और असभ्य व्यवहार की निंदा करता हूं।" गोयल ने दावा किया कि राष्ट्रपति सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर भी हैं, इसलिए राहुल गांधी की टिप्पणियों से देश के प्रत्येक सैनिक का भी अपमान हुआ है। उन्होंने कहा कि इन टिप्पणियों से देश के 140 करोड़ लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने राहुल गांधी से राष्ट्रपति, सशस्त्र बलों के प्रत्येक सदस्य और देश के 140 करोड़ नागरिकों से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत पार्टी से भी माफी मांगने को कहा। गोयल ने कहा, ‘‘राहुल गांधी भारतीय लोकतंत्र पर कलंक हैं।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशी ताकतों के एजेंडे पर काम कर रहे हैं और देश के भविष्य के लिए ईमानदारी से काम कर रहे संवैधानिक पदाधिकारियों का अपमान कर रहे हैं।
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इस दावे कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘वोट चोरी’ के आरोप का खंडन नहीं किया पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कांग्रेस नेता को ‘भारतीय लोकतंत्र पर कलंक’ बताया। उन्होंने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन राष्ट्रपति के प्रति ‘अशिष्ट व्यवहार’ के लिए राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की। ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार शाम राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात कर ‘‘वोट चोरी’’ के आरोपों के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद राहुल गांधी ने कहा था कि वह यह देखकर हैरान थे कि राष्ट्रपति ने ‘‘चुनाव चोरी’’ के आरोप को खारिज नहीं किया और विपक्षी नेताओं की बात को ‘‘स्वीकार’’ किया।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें