कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पिछले कई दिनों से देश में युवाओं और आम लोगों के मन में इस मुद्दे को लेकर सवाल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सवाल ज्ञानेश कुमार से पूछे जा रहे हैं लेकिन उनका जवाब भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार दे रही है। खेड़ा ने कहा, ‘‘पहले प्रधानमंत्री से सवाल पूछा जाता था तो ज्ञानेश कुमार जवाब देते थे और अब ज्ञानेश कुमार से सवाल हैं तो भाजपा सरकार जवाब दे रही है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार वर्तमान से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय अतीत और भविष्य की बातें करती है। कांग्रेस नेता ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) पर देश की विभिन्न संस्थाओं को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य संघ और उसके जैसे संगठनों का ‘‘भारतीयकरण’’ करना था लेकिन मौका मिलने पर संघ ने ‘‘पूरे भारत का संघीकरण’’ कर दिया। खेड़ा ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालयों, निर्वाचन आयोग और नौकरशाही समेत विभिन्न संस्थाओं पर आरएसएस की विचारधारा का प्रभाव बढ़ा है। उन्होंने कहा, ‘‘इसे ‘रेजीम’ कहते हैं, जिसे हम बदलने की बात कर रहे हैं और बदलकर रहेंगे।’’ खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस एक ऐसा विपक्ष नहीं बनेगी जो सत्ता प्रतिष्ठान के सामने सवाल उठाना छोड़ दे। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि सरकार की ऐसी प्रतिक्रिया उसके ‘‘गुस्से और डर’’ को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह अहसास हो गया है कि उसका ‘‘नैरेटिव और सिस्टम’’ उसके हाथ से निकल रहा है तथा उसकी ‘‘पोल देश के सामने खुल चुकी है।’’
इससे पहले, राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर जाने-अनजाने भारत विरोधी ताकतों के हाथों में 'खेलते' नजर आने का आरोप लगाया और कहा कि हिंसा और अराजकता की आग में देश को झोंककर 'बांग्लादेश जैसी स्थिति' बनाने का ख्वाब देख रही कांग्रेस ने अब अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी के नाम का इस्तेमाल करने का सारा नैतिक अधिकार खो दिया है। रक्षा मंत्री ने शुक्रवार को लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय जगत में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ रही है, इसलिये स्वाभाविक है कि तमाम शक्तियों को भारत का यह उभार रास नहीं आ रहा होगा। सिंह ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, ''देश को यह समझने की आवश्यकता है कि दशकों से चुनाव हार रहे राजनीतिक दल जाने या अनजाने में आज इन (भारत विरोधी) शक्तियों के हाथों में खेलते हुए नजर आ रहे हैं।''

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें