- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक संघर्ष जारी रहेगा

मधुबनी, 08 अक्टूबर (रजनीश के झा) । आज इंडिया गठबंधन मधुबनी के राजद, कॉग्रेस, ,माले, माकपा, भाकपा के सैकड़ों नेता और कार्यकर्ताओं द्वारा टॉऊन क्लब मैदान से स्टेशन मुख्य सड़क होते हुए समाहरणालय डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के प्रतिमा स्थल पर जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री मोदी,अमित शाह और ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया,सभा की अध्यक्षता बीर बहादुर राय ने किया। जबकि इंडिया गठबंधन समन्वय समिति के मधुबनी के राजद के पूर्व विधायक रामशीष यादव, कॉग्रेस के अध्यक्ष मीणा कुशवाहा, माले के जिला सचिव ध्रुव नारायण कर्ण, माकपा के जिला सचिव मंडल सदस्य दिलीप झा, भाकपा के जिला सचिव मिथिलेश झा ने प्रतिरोध मार्च का नेतृत्व किया,सभा को संबोधित करते हुए इंडिया गठबंधन के नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार वोट चोरी कर सत्ता से चिपके हुए हैं, मोदी और अमित शाह संवैधानिक संस्था को हत्या कर दिया, संविधान और लोकतंत्र के बदौलत ही मोदी प्रधानमंत्री बन पाए थे और आज उस लोकतंत्र को समाप्त करने पर उतारू है, नेताओं ने कहा तीन सदस्यीय चुनाव आयुक्त में से दो चुनाव आयुक्त ने दस महीने में चौदह बार अपनी आपत्तियां दर्ज किया परन्तु मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मनमर्जी करते रहे ,देश में ज्ञानेश कुमार तेरह करोड़ से अधिक मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से हटा दिया और मोदी को कई राज्य में सरकार बना दिया ज्ञानेश कुमार मोदी और अमित शाह के इशारे पर कुकर्म करता रहा। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने जमकर भाजपा पर हमला करते हुए ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त कर जेल भेजने,वोट चोर गद्दी छोड़ने की बात कही, नेताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 71 लाख फॉर्म 06 भरे गए लेकिन वोट बन गये 84 लाख यानी एस आई आर प्रक्रिया जालसाजी है, ज्ञानेश कुमार मनमर्जी प्रधानमंत्री के सह पर करते रहे , कोई भी प्रक्रिया जो भारत के नागरिक से वोट का अधिकार छीन लेती है वह संविधान के आर्टिकल 326 के खिलाफ है जिससे सभी व्यस्कों को वोट का अधिकार मिला है और आर्टिकल 14 के खिलाफ है,जो सभी को समानता का अधिकार देता है , नेताओं ने कहा कि वोटर लिस्ट में एक बार दर्ज किए गए किसी भी नागरिक का नाम बिना नोटिस और सुनवाई के नहीं हटाया जा सकता है , ज्ञानेश कुमार पर अवैध रूप से स्पेशल इंटेंसिव रविशन एस आई आर लागू करने वोट देने अधिकार से वंचित करने के लिए मुकदमा चलाया जाना चाहिए वह जनतंत्र की गला घोंटा है, मोदी सरकार जानबूझकर सोच-समझकर यह सब काम सत्ता में कायम रहने के लिए देश से धोखाधड़ी कर रहे हैं, भारत निर्वाचन आयोग की कानूनी जिम्मेदारी है कि प्रत्येक पात्र नागरिक सुरक्षित और स्वतंत्र रूप से अपने वोट देने के अधिकार का इस्तेमाल कर सके ,एस आई आर और फॉर्म 6 में किए गए संशोधन को तुरंत रोकना चाहिए,अब देश के नागरिक सब समझ चुके है यह आंदोलन और तेज होगा और ज्ञानेश को जाना होगा, दिल्ली और मुंबई में आंदोलनकारियों पर मोदी की पुलिस पदाधिकारी दमनात्मक कारवाई कर रहा है, पत्रकारों के साथ पुलिस पदाधिकारी अभद्रता पर उतारू है उन सभी लोगों पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए। ज्ञानेश कुमार की रक्षा करने के लिए मोदी सरकार सभी कुकर्म करने पर उतारू है जो इस देश के नौजवान अब बर्दाश्त नहीं करेगा। मोदी ने अपने चहेते ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए 23 में ही कानून बना डाला कि मुख्य चुनाव आयुक्त पर किसी तरह का कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती, जबकि चुनाव आयोग में मुख्य रूप से प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, लोकसभा के प्रतिपक्ष के नेता को रहना अनिवार्य होना चाहिए लेकिन मोदी मनमर्जी कर लोकतंत्र और संविधान को धज्जियां उड़ा रहें हैं,हम आप सब को एकताबद्ध होकर संघर्ष करना होगा,सभा को राजद के वरिष्ठ नेता राजकुमार यादव, राजेन्द्र यादव, ब्रजेश यादव, वीणा देवी, प्रदीप प्रभाकर कॉग्रेस के टेक नाथ पाठक,विनय कुमार झ, गोपाल महंत,माले के श्याम पंडित,पुर्णेदु कुमार, विशम्बर कामत, मयंक कुमार, भूषण सिंह,नवल किशोर यादव, योगेन्द्र महतो,सुनिता सदाय माकपा के रामजी यादव, गणपति झा, शशिभूषण प्रसाद, सत्यनारायण यादव, बिन्दु यादव,अरूण यादव,प्रभात कुमार, कैलाश पासवान भाकपा के मनोज मिश्र, सत्यनारायण राय, मोती शर्मा, माले के शिघेंश्वर पासवान, सज्जन सदाय, असर्फी सदाय,मो ईमरान सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें