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बुधवार, 16 मई 2012

प्रधानाचार्य रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार.


बिहार में निगरानी जांच ब्यूरो ने सीतामढ़ी में प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया. सीतामढ़ी जिला के हरदीडीह गांव में प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेंद्र राम को शिक्षक पद के लिए चयनित उम्मीदवार से रिश्वत के तौर पर चार हजार रूपये लेते हुए गिरफ्तार किया गया.

अपर पुलिस महानिदेशक (निगरानी) ने बताया कि पुलिस उपाधीक्षक महाराजा कनिष्क कुमार के नेतृत्व में गठित ब्यूरो की टीम ने हरदीडीह गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेंद्र राम को शिक्षक पद के लिए चयनित अभ्यर्थी से रिश्वत के तौर पर चार हजार रूपये लेते हुए गिरफ्तार कर लिया. उन्होंने बताया कि सीतामढ़ी के रून्नीसैदपुर थाना अंतर्गत अतरी गांव निवासी और धर्मपुर मिडिल स्कूल के शिक्षक पद के लिए चयनित अभ्यर्थी ललिता कुमारी ने ब्यूरो में लिखित शिकायत की थी कि उन्हें वहां योगदान देने के लिए प्राथमिक विद्यालय से अनापत्ति प्रमाणपत्र की जरूरत है, लेकिन वहां के प्रधानाचार्य इसके लिए रिश्वत की मांग कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि मामले का सत्यापन कराए जाने के बाद ब्यूरो की टीम ने राज्यकीयकृत प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेंद्र राम को रिश्वत के तौर पर चार हजार रूपये लेते हुए गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार अभियुक्त को पूछताछ के बाद मुजफ्फरपुर जिला स्थित निगरानी के विशेष अदालत में पेश किया जाएगा

रुपया अब तक के न्यूनतम स्तर पर.


रुपये में रिकॉर्ड कमजोरी और खराब वैश्विक संकेतों की वजह से बाजारों का हौसला टूटा। सेंसेक्स 298 अंक गिरकर 16030 और निफ्टी 84 अंक गिरकर 4858 पर बंद हुए। 

पूंजी प्रवाह में बढ़ोतरी और यूरो क्षेत्र के संकट के बीच भारतीय शेयर बाजार आज चार महीने में पहली बार 16,000 के स्तर के नीचे चला गया था। साथ ही रुपया भी 54.46 के अब तक के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया।

रुपए की विनिमय दर में गिरावट के मद्देनजर आर्थिक वृद्धि में नरमी को लेकर चिंता से विदेशी फंडों द्वारा भारी बिकवाली के कारण बंबई स्टाक एक्सचेंज का बेंचमार्क सेंसेक्स आज दोपहर के कारोबारी सत्र में 16,000 के न्यूनतम स्तर के नीचे चला गया। 12 मार्च के बाद यह पहला मौका है जब सेंसेक्स 16,000 के नीचे गया है। डालर के मुकाबले रुपए के न्यूनतम स्तर 54.46 पर पहुंचने के कारण बिकवाली का दबाव बना।   

येदियुरप्पा ने दी अग्रिम जमानत की अर्जी.


सैकड़ों करोड़ रुपए के खनन घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। सीबीआई येदियुरप्पा को किसी भी समय गिरफ्तार कर सकती है। येदियुरप्पा के खिलाफ धारा 120 बी, 409, 13 और 7 के तहत केस दर्ज किया गया है। 

गिरफ्तारी से बचने के लिए येदियुरप्पा ने कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दी है। सीबीआई ने बुधवार की सुबह खनन घोटाले में कथित भूमिका की जांच के लिए येदियुरप्पा और उनके रिश्तेदारों के घरों पर छापेमारी की। सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमारी टीम येदियुरप्पा और उनके रिश्तेदारों के बेंगलुरू और शिमोगा में स्थित घरों में कुछ दस्तावेजों की तलाशी कर रही है।

सीबीआई ने मंगलवार को येदियुरप्पा, उनके दो बेटों बीएस विजयेंद्र और बीएस राघवेंद्र, दामाद सोहन कुमार और खनन कारोबारी प्रवीण चंद्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया था। राघवेंद्र भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से लोकसभा के सदस्य हैं। वह शिमोगा लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। अधिकारी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की प्रति प्राप्त होने के बाद पांचों के खिलाफ हमने मंगलवार रात को मामला दर्ज किया। 

नाथुला के रास्ते भारत चीन व्यापार 21 मई से.


केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के विदेश व्यापार महानिदेशालय ने सिक्किम में नाथुला के रास्ते भारत-चीन सीमा व्यापार के लिए आयात और निर्यात की जाने वाली वस्तुओं की सूची में संशोधन कर सात और वस्तुओं को शामिल किया. इन वस्तुओं के शामिल होने के साथ ही सिक्किम में नाथुला के रास्ते भारत-चीन सीमा व्यापार के लिए आयात और निर्यात की जाने वाली वस्तुओं की संख्या 36 हो गई. जो कि इसके पहले यह संख्या 29 ही थी. इस संशोधन के साथ ही सिक्किम के व्यापारी चीन से 15 वस्तुओं के स्थान पर 20 वस्तुओं का आयात और 36 वस्तुओं का चीन को निर्यात कर सकेंगें.  

नाथुला के रास्ते इस बार का भारत-चीन सीमा व्यापार पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 1 मई 2012 को शुरू होना था, परन्तु उस दिन भारी बर्फबारी के कारण शुरू नहीं हो सका. अब यह 21 मई 2012 से शुरू किया जाना है. सीमा व्यापार प्रतिवर्ष पहली मई से तीस नवंबर तक होता है. इस रास्ते से होने वाला सदियों पुराना व्यापार जुलाई 2006 में दूसरी बार शुरू हुआ था. वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध के चलते उस समय यह अचानक बंद हो गया था. नाथुला भारत-चीन सीमा व्यापार के तीन स्थलों में से एक है. दोनों देशों के बीच हिमाचल प्रदेश में शिवकिला और उत्तराखंड में लिपुलेक के रास्ते भी सीमा व्यापार होता है.

AI की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन शुरू.


आपात योजना के तहत बुधवार को अमेरिका और यूरोप के लिए अंतरराष्ट्रीय परिचालन शुरू किया है।  हड़ताली पायलटों ने सरकार से बातचीत शुरू करने की अपील की है। पायलटों की हड़ताल का आज नौवां दिन है। एयरलाईन्स ने अंतरराष्ट्रीय परिचालन में स्थिरता बहाल करने के लिए अमेरिका और यूरोप के लिए उड़ानें सीमित कर दी हैं और कुछ उड़ानों को एक दूसरे के साथ जोड़ दिया है। 
    
एयर इंडिया के एक अधिकारी ने कहा हमने अपनी आपात योजना लागू कर दी है और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन पुन: शुरू किया है जो पिछले आठ दिन से प्रभावित था। हमारे ग्राहकों को इससे बहुत असुविधा हो रही है। धीरे-धीरे हमें उम्मीद है कि हमारा परिचालन सामान्य हो जाएगा। एयर इंडिया के विमानों ने सुबह दिल्ली-पेरिस-न्यूयार्क (जेएफके) और दिल्ली-फै्रंकफर्ट-शिकागों की उड़ान के लिए प्रस्थान किया। दिल्ली-शांगहाई और दिल्ली-लंदन की उड़ान को भी समय से संचित किया जा रहा है। 
    
अधिकारी ने कहा हमने मुंबई-लंदन और मुंबई-शांगहाई की उड़ान की उड़ानों को दिल्ली-लंदन और दिल्ली-शांगहाई से जोड़ा गया है। हम इन उड़ानों का परिचालन 777 ईआर विमान के जरिए कर रहे हैं ताकि अतिरिक्त यात्रियों को शामिल करने में मुश्किल न हो। इससे बहुत से यात्रियों को राहत मिलेगी जो अपनी उड़ानों की स्थिति के बारे में चिंतित थे। उन्होंने कहा कि हमारे बहुत से यात्रियों ने महीनों पहले टिकट बुक करा रखा था। यदि हालात ठीक रहे थे हम बहुत लंबी उड़ानों के लिए अपनी बुकिंग फिर से खोल सकते हैं। एयरलाइन ने हड़ताल के मद्देनजर बुकिंग कल तक के लिए स्थगित कर रखी है। 
    
एयरइंडिया के अधिकारी ने कहा कि बैंकॉक, सिंगापुर और अन्य गंतव्यों के लिए एयरबस 320 विमान लगाए गए हैं। एक अन्य घटनाक्रम में एयर इंडिया के हड़ताली पायलटों ने सरकार से कहा कि वह कम से कम प्रारम्भिक स्तर की बातचीत तो शुरू करे। इंडियन पायलट्स गिल्ड (आईपीजी) के प्रमुख जितेंद्र अवहद ने मुंबई में बताया सरकार को कम से कम प्राथमिक स्तर पर बातचीत शुरू करनी चाहिए। हम बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन उन्होंने बातचीत के लिए हमें औपचारिक तौर पर आमंत्रित किया जाना चाहिए ताकि इस मामले को सुलझाया जा सके। 
    
अवहद ने कहा कि एयरइंडिया प्रबंधन द्वारा अमान्य घोषित आईपीजी अब इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए अन्य राजनैतिक दलों से बातचीत कर रहा है। अवहद ने कहा कि पूर्ववर्ती इंडियन एयरलाईन्स के पायलटों के संगठन आइसीपीए से जुड़े पायलटों ने जब हड़ताल की थी तो उन्होंने उनसे बात की थी और इस समस्या का समाधन निकाला था। उनका संगठन भी अमान्य करार दे दिया गया था। हम सिर्फ इतना चाहते हैं बातचीत शुरू होनी चाहिए और निलंबित पायलटों को फिर से बहाल किया जाना चाहिए। पायलटों की हड़ताल से नकदी संकट से जूझ रही इस विमानन कंपनी को न सिर्फ 150 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है बल्कि इससे यात्रियों को बहुत असुविधा हुई है।

राजा जेल से निकल कर पहुंचे संसद.


पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा जमानत मिलने के एक दिन बाद बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने पहुंचे। 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में मुख्य आरोपी राजा मंगलवार को जमानत मिलने के बाद तिहाड़ जेल से छूटे हैं। डीएमके सांसद राजा प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद लोकसभा में पहुंचे। 15 महीने बाद लोकसभा की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे राजा ने मीडिया के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।

सीबीआई की विशेष अदालत ने राजा को जमानत देते हुए उन्हें बिना अनुमति के दूरसंचार कार्यालय एवं गृह प्रदेश तमिलनाडु जाने से मना कर दिया है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट में 2008 में हुए 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान के आकलन के बाद राजा ने 14 नवम्बर 2010 को दूरसंचार मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। इस रिपोर्ट के अनुसार 2जी स्पेक्ट्रम का आवंटन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर करने से सरकारी कोष को लगभग 1.76 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।

पाकिस्तान पहुँच कर खुश हैं चिश्ती.


भारत में हत्या के जुर्म में 1992 से सजा काट रहे मोहम्मद खलील चिश्ती ने कहा कि वह पाकिस्तान लौटकर वह बेहद खुश हैं क्योंकि उन्हें वापस लौटने में कोई उम्मीद नहीं थी। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा भेजे गए विमान से चिश्ती इस्लामाबाद पहुंचे। आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने मंगलवार रात को पाकिस्तानी वैज्ञानिक चिश्ती का हवाई अड्डे पर स्वागत किया। अपनी सजा के खिलाफ चिश्ती द्वारा दायर अपील पर सुनवाई करते हुए भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने 10 मई को उन्हें मामले की अगली सुनवाई तक पाकिस्तान जाने की इजाजत दे दी थी। 

टीवी चैनल 'जिओ न्यूज' के अनुसार चिश्ती ने भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सहृदयता की तारीफ की। चिश्ती ने उनकी रिहाई के लिए प्रयास करने के लिए पाकिस्तानी नेताओं का भी धन्यवाद दिया। पिछले महीने भारत आए जरदारी ने मनमोहन सिंह से मुलाकात के दौरान चिश्ती की वृद्वावस्था को देखते हुए क्षमा देने की अपील की थी।

रांची में 10 साल पुराने खटारा टेम्पू पर प्रतिबन्ध


झारखण्ड उच्च न्यायालय ने मंगलवार को राज्य सरकार को राजधानी रांची में 10 साल से अधिक पुराने ऑटो रिक्शों को सड़कों पर चलाने पर रोक लगाने का निर्देश दिया। सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में बताया गया कि रांची में लगभग 6,000 ऑटो रिक्शे चलते हैं और इनमें से केवल 2,300 ऑटो रिक्शा चालकों के पास परमिट है।

मुख्य न्यायाधीश पी.सी. टाटिया की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। अदालत ने सरकार से वैकल्पिक व्यवस्था करने को भी कहा ताकि दैनिक यात्रियों को परेशानी न हो। अदालत ने शहर में कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) चालित ऑटो रिक्शा चालाए जाने का सुझाव दिया। 

बिहार में गर्मी का कहर, और बढ़ेगी गर्मी.


पटना सहित बिहार के सभी इलाकों में गर्मी का कहर जारी है। तेज धूप के कारण दोपहर को राजधानी की सड़के वीरान हो जाती हैं। मंगलवार को इस मौसम का सबसे गर्म दिन रहा जब पटना का पारा 43 डिग्री सेल्सियस पार कर गया। 

पटना मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डी़ सी़ गुप्ता ने बुधवार को बताया कि मंगलवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 43 दशमलव एक डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम में अब तक का सबसे अधिक तापमान है। उन्होंने बताया कि अगले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना है। 

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस वर्ष पिछले 10 वषरें के अधिकतम तापमान का रिकॉर्ड टूट सकता है। उल्लेखनीय है कि पिछले 10 वर्ष के दौरान सबसे अधिक तापमान 29 मई 2005 को रिकॉर्ड किया गया था जब पटना का अधिकतम तापमान 45 दशमलव छह डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था।

येदुरप्पा पर सीबीआई का शिकंजा, छापेमारी .


सीबीआई ने बुधवार की सुबह सैकड़ों करोड़ रुपये के खनन घोटाले में कथित भूमिका की जांच के लिए कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा और उनके रिश्तेदारों के घरों पर छापेमारी की। सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हमारी टीम येदियुरप्पा और उनके रिश्तेदारों के बेंगलुरू और शिमोगा में स्थित घरों में कुछ दस्तावेजों की तलाशी कर रही है।"

सीबीआई ने मंगलवार को येदियुरप्पा, उनके दो बेटों बी. एस. विजयेंद्र और बी. एस. राघवेंद्र, दामाद सोहन कुमार और खनन कारोबारी प्रवीण चंद्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया था। राघवेंद्र भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से लोकसभा के सदस्य हैं। वह शिमोगा लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

अधिकारी ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की प्रति प्राप्त होने के बाद पांचों के खिलाफ हमने मंगलवार रात को मामला दर्ज किया। अदालत ने हमारी एजेंसी को खनन गतिविधियों में भ्रष्टाचार में इनकी भूमिका की जांच करने का निर्देश दिया था।"

कृतघ्न नहीं, कृतज्ञ बनें......

यूज़ एण्ड थ्रो की आदत बदलें !!!


हमेशा मस्त रहने के लिए दो बातों का होना सर्वाधिक जरूरी है। जीवन व्यवहार को सुन्दर बनाने के लिए कृतघ्नता का परित्याग करें और कृतज्ञता अभिव्यक्त करना अपनी आदत में ढाल लें। इन दो बातों को अपनाने मात्र से व्यक्तित्व में ताजगी भरी वह गंध आ जाती है कि हर कोई अपना होने को चाहता है। हर व्यक्ति को इन मानवीय गुणों का अवलंबन करना चाहिए मगर कोई-कोई ही होते हैं जो यह कर पाते हैं।

हम यदि अपने भीतर के मनुष्यत्व को थोड़ा जागृत कर लें और संसार में आने तथा रहने के  उद्देश्यों और लक्ष्य को जान लें तो ये ही नहीं बल्कि अन्य तमाम गुणों को आत्मसात कर सकते हैं। पर अपनी अधिनायकवादी वृत्तियाँ और विभिन्न रूपों में व्याप्त अहंकार इसमें सबसे बड़ी बाधा है जो किसी भी व्यक्ति को सरल और सहज होने नहीं देते। कृतघ्नता आसुरी वृत्ति का द्योतक है जबकि कृतज्ञता और उदारता दैवीय गुणों का परिचायक है। जिन लोगों का मन मलीन होता है उनमें कृतघ्नता कूट-कूट कर भरी हुई होती है और ऐसे लोग सिर्फ और सिर्फ अपने स्वार्थों की पूर्ति में ही दिन-रात लगे रहते हैं।

इन लोगों के लिए अपने काम और स्वार्थ से बढ़कर दुनिया में कहीं कुछ दिखता ही नहीं। अपने काम के लिए ये लोेग किसी भी सीमा तक जा सकते हैं। कहीं ये अकेले में गिड़गिड़ाने लगते हैं तो कहीं भीड़ में खड़े होकर औरों पर धौंस जमाने। इनके लिए अपने काम के वक्त न कोई पराया होता है, न अपना। काम निकलवाने की सारी कलाबाजियों में माहिर ये लोग जिन माध्यमों का सहारा लेते हैं वे भी अपने आप में अजीब ही होते हैं। इनके लिए कोई भी आदमी तभी तक अपना होता है जब तक काम नहीं निकल जाए, इसके बाद उन्हें अन्य कामों के लिए दूसरे-तीसरे आदमियों की तलाश शुरू हो जाती है।

‘यूज एण्ड थ्रो’ की अवधारणा को कैसे अंजाम दिया जाता है, यह कोई सीखे तो ऐसे ही लोगों से। इस तरह के लोग अपने यहाँ ही हों, ऐसी बात नहीं। ऐसे लोग पूरी दुनिया में पाए जाते हैं। यह अलग बात है कि अपनी धरा पर जाने क्या अभिशाप है कि इस किस्म के लोगों की खूब भरमार बनी हुई है। हमारे यहाँ कृतघ्न लोगों की जमात हर किसी क्षेत्र में विद्यमान है और दुर्भाग्य से इनकी तूती भी बोलती है। अपने यहाँ तो कई कृतघ्न लोग पूजनीय और वंदनीय बने हुए हैं, कई श्रेष्ठीजनों के रूप में नाम कमा रहे हैं तो कई सारे ऐसे ओहदों पर बैठे हुए हैं जहाँ उन्हें कभी नहीं होना चाहिए।

इन लोगों की पूरी जिन्दगी का निचोड़ निकाला जाए तो एक बात साफ तौर पर उभर कर सामने आती है कि इन्होंने जो कुछ मुकाम हासिल किया है वह कृतघ्न बने रहकर। आज इसका तो कल किसी और का इस्तेमाल करते हुए ये अपने उपयोग में आने लायक लोगों को बदल-बदल कर लगातार आगे बढ़ते रहे हैं। ऐसे लोगों का अपना खुद का कोई हुनर हो न हो, ईश्वर ने उन्हें पूर्व जन्मार्जित पुण्य की बदौलत कोई ऐसा भाग्य जरूर दिया होता है कि ये दूसरों के बूते कमा खाने और घर भरने के साथ ही यशेषणा को आकार देने में माहिर हो ही जाते हैं। ऐसे लोगों को कृतघ्न की श्रेणी में रखा जाता है।

कृतघ्नता को जो लोग जीवन में अपना लेते हैं वे पूरी जिन्दगी ऐसे ही बने रहते हैं और इस एकमात्र दुर्गुण की वजह से उनके सारे गुण ढँक जाते हैं। ऐसे लोगों के सम्पर्क में आने वाले लोगों में से कोई इनका स्थायी शुभचिंतक या मित्र कभी नहीं हो सकता बल्कि जिन लोगों से ये किसी न किसी बहाने या धौंस के साथ काम ले लिया करते हैं वे ऊपर से भले ही इनके सामने तारीफ करें मगर असल में इनके शत्रु नम्बर एक हो जाते हैं और पूरी जिन्दगी ऐसे लोगों के साथ अपने संबंधों के शुरूआती दिन को कोसते रहते हैं।

जीवन के किसी भी दौर में अपने लिए किसी ने भी तनिक सा सहयोग या प्रोत्साहन दिया हो अथवा हमारे काम में हाथ बँटाया हो, उसे धन्यवाद देना न भूलें और जहाँ मौका मिले ऐसे सहयोगकर्त्ताओं के प्रति कृतज्ञता का भाव जरूर दर्शाएँ। अपने पर उपकार करने वाले लोगों के बारे में किसी भी प्रकार का मानहानि करने वाला वाक्य निकालना अथवा अपशब्द बोलना मित्र द्रोह व विश्वासघात है और ऐसा करने वाले लोग जीवन के अंतिम समय में इतने अकेले और असहाय हो जाते हैं कि इनका कोई ठौर नहीं होता। उनके सारे संगी-साथी दूर हो जाते हैं तथा ऐसे क्षणों में इन्हें मौत भी भयावह लगने लगती है।

हर छोटे-बड़े काम करने वाले को आप और कुछ दे न दें, कृतज्ञता के दो मीठे बोल देकर आप उसकी श्रद्धा और आदर के हकदार तो हो ही जाते हैं। जो लोग कृतघ्न हैं उनका भी निरादर कभी न करें क्योंकि उनकी कृतघ्नता की वजह से आप हल्के रहते हैं और वे कृतज्ञता के ऋण से लगातार इतने भारी भरकम हो जाते हैं कि उनसे ठीक से चला-फिरा भी नहीं जाता। हमें कृतज्ञ होना चाहिए उन लोगों का जिनकी निरन्तर कृतघ्नता की वजह से हमें उन सभी लोगों के बारे में जानने और सोचने-समझने का मौका मिला है जिन्हें हम अब तक अपना समझने की भूल करते रहे हैं और असल में ये न हमारे हैं न किसी और के....। हकीकत तो यह है कि वे लोग अब खुद के भी नहीं रहे।


---डॉ. दीपक आचार्य---
9413306077

मंगलवार, 15 मई 2012

खुद को ऊँचा उठाने इतना भी नीचे न गिरे

हर दिशा में लोगों की भीड़ बेतहाशा भाग रही है। सभी को अपने नम्बर बढ़ाने की पड़ी है। जो नम्बरी हैं उन्हें भी, और जो गैर नम्बरी हैं उन्हें भी। प्रतिभाओं और हुनर से बेखबर या कि शून्य लोगों की सबसे बड़ी समस्या ही यह है कि वे अपना वजूद कायम करने के लिए खुद की बजाय औरों पर निर्भर करते हैं और जीवन के हर मोड़ पर आका को तलाशते हैं जो उनके कामों को अच्छी तरह अंजाम देने में मददगार हो सके। जिन लोगों में मौलिक प्रतिभाएँ होती हैं या किसी तकनीकि विधा में दक्ष हों, वे दुनिया में अपने आप आगे बढ़ चलते हैं। उन्हें कोई रोकने वाला नहीं होता। रुकता वही है जो शंकाओं और आशंकाओं के साथ चलता है और पग-पग पर विचलित होने लगता है। प्रतिभाएँ तो बहती नदियाँ हैं जिन्हें आगे बढ़ने के लिए किसी के सहारे की जरूरत नहीं होती बल्कि खुद के बूते अपने आप पूरे वेग के साथ बहती हुई नदी की मानिंद लक्ष्य को पा लेते हैं।

जीवन में स्वाभाविक विकास और तरक्की के दो ही रास्ते हैं जिन्हें सात्विक कहा जा सकता है। एक तो अपने हुनर में निरन्तर निखार लाते हुए जमाने की मांग के अनुरूप खुद को योग्य एवं सामर्थ्यशाली के रूप में ढालना, दूसरा जो प्रतिभाएं ईश्वर ने दी हैं उन्हीं को स्वीकार करते हुए पूरे परिश्रम के साथ अहंकार मुक्त होकर तिनके की तरह बहते चले जाना। ये दोनों ही मार्ग निरापद और आत्मीय संतोषदायी हैं। लेकिन आजकल लोग कम से कम समय में अधिक से अधिक पा जाने के लिए उतावले हैं और ऐसे लोग हमेशा शॉर्टकट अपनाते रहते हैं। ऐसे-ऐसे नए-नए प्रयोग करते रहते हैं जिन्हें हमारे पूर्वजों ने भी कभी नहीं अपनाया। ऐसे लोगों के लिए अपने मूल्य से कहीं ज्यादा मूल्यवान होने की चिन्ता रहती है। ये लोग ऊँचा उठने के लिए वे सारे हथकण्डे करते रहते हैं जिन्हें आम बोलचाल में स्टंट, करतूत या षड़यंत्र कहा जाता है।

इन लोगों के लिए जीवन भर स्वाभिमान, संवेदना और संबंध का कोई वजूद कभी नहीं होता। इनका एकमात्र संबंध स्व-विकास से ही है और इस स्व का दायरा इतना संकीर्ण होता है कि उनका पूरा परिवार तक बमुश्किल इसमें समा पाता है। संसार में औरों को पटाने और अपने अनुकूल बनाने के लिए की जाने वाली सारी तरकीबों में ये माहिर होते हैं। साक्षात दण्डवत, कनक दण्डवत, चरणस्पर्श और चम्पी से लेकर ये लोग हर तरह के काम कर लेने को अपना सौभाग्य और गौरव समझते हैं। कीचन से लेकर बाथरूम केबिनेट और अँधेरे-उजाले के आयोजनों तक इनकी सहज पहुंच होती है।
                
यह पहुंच किसी एक या दो के लिए नहीं होती बल्कि समय-समय पर स्थान और पात्र बदलते रहते हैं। जो उनके किसी भी काम का है, उसके ये हो लेते हैं। फिर आजकल बड़े लोगों को भी ऐसों की तलाश होती है जो यस सर, यस सर, यस मैम, यस बॉस करते रहें। सर और मैेम का जयगान ही तो वह जलतरंग है जिसके चलते साहबों और बेगमों को रिझाने में मदद मिलती है। खुद को ऊँचा उठाने के फेर में ये लोग कभी वल्लरियाँ बनकर चिपकने लगते हैं, कभी अमरबेल की तर्ज पर छाती पर चढ़ जाते हैं और कभी अन्तःवस्त्रों मेें छिपी केंकड़ा जूँ की तरह। इन्हें कुछ भी करने और बनने से कोई गुरेज नहीं होता।
                
सामने वाला कैसा भी हो, कुछ भी हमें क्या, हमें तो अपने काम से मतलब है। और अपने काम के लिए बहुरुपिया अभिनय करने वाले लोगों से हमारा इतिहास भरा पड़ा है, फिर हम करें तो किसी को आपत्ति क्यों होनी चाहिए। ये लोग विनयी भाव से जितना अधिक नीचे गिरते या झुकते हैं उनका बाहरी कद उसी अनुपात में बढ़ता दिखता है। लोग चाहे कुछ भी समझें, इससे उन्हें क्या ? कोई रहे, कोई आए, कोई जाए। इनके काम अपने आप होते चले जाते हैं, और इस प्रजाति के लोगों के लिए हर दिन सुकून भरा होता है। चाहे जहाँ मिल जाएंगे, हर किसी के आगे झुक जाने जाने वाले। चरणस्पर्श की मुद्राएं करते हुए गिर जाएंगे और फिर उठ जाएंगे ऐसे कि जैसे ऊँचे उठ गए हों। इन सभी लोगों को देखें और उन्हें दाद दें कि उन्होंने ऊँचा उठने के लिए गिरने में जितनी मेहनत की है वो कोई कम नहीं है, न ही इतनी मेहनत आप या हम कर सकते हैं।
                
इन सब के बावजूद कभी रंज न करें कि हम इतनी जल्दी ऊँचे क्यों नहीं उठ पाए। हम सब पर ईश्वर की कृपा है या हम उस सीमा तक नग्न नहीं हो पाए हैं जितना वे हो चले हैं। खुद को सौभाग्यशाली मानें कि हमने वो सब कुछ नहीं किया जो औरों ने ऊपर उठने के लिए किया है। जमाने की निगाह में हमारा स्वाभिमान और इंसानियत अभी बनी हुई तो है। और इस बात पर भी गर्व करें कि जमाने में हम और हम जैसे लोग ही हैं जिनकी बदौलत इंसानियत के पुष्पों की गंध बरकरार है।


---डॉ. दीपक आचार्य---
9413306077

सेब संतरा खून के थक्के जमने से रोकता है.


अगर आप रोजाना एक सेब या संतरा खाते हैं तो आपको ब्लड क्लॉट यानी खून के थक्के जमने की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।  

हावर्ड मेडिकल स्कूल की एक टीम ने पाया है कि सेब, संतरा और प्याज में 'रूटिन' नामक रसायन धमनियों और शिराओं में खून के थक्के जमने से रोक सकता है।
उनका मानना है कि 'रूटिन' ब्लैक और ग्रीन टी में भी हो सकता है। इसका इस्तेमाल भविष्य में दिल का दौरा पडऩे से बचाने के लिए इलाज के तौर पर हो सकता है।

टीम ने शोध में पाया कि रसायन  ने उस खतरनाक एंजाइम को रोकने में मदद की, जिसकी खून का थक्का जमाने में भूमिका होती है। प्रोटीन डाइसल्फाइड आइसोमरेज (पीडीआई) नाम का यह एंजाइम बेहद तेजी से रिलीज होता है, जब धमनियों और शिराओं में खून का थक्का जमता है। 

वैज्ञानिकों ने कंप्यूटरों पर वैज्ञानिक मॉडलों का इस्तेमाल करते हुए पीडीआई को रोकने के लिए रूटिन समेत 500 अलग-अलग रसायनों की क्षमता की जांच की। उन्होंने रूटिन को सबसे ज्यादा असरदार पाया।

पुलिस टीम पर ग्रामीणों का हमला.


बिहार के भागलपुर में अवैध शराब के ठिकाने पर छापेमारी करने गयी पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया. इस हमले में थाना प्रभारी उमेश पासवान सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए जबकि ग्रामीणों ने उनके दो हथियार भी छीन लिये. हालांकि पुलिस ने बाद में यह हथियार बरामद कर लिये. 

कहलगांव अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि वंशीचक गांव में बीती रात अवैध शराब के ठिकाने पर छापेमारी करने गयी पुलिस टीम पर ग्रामीणों द्वारा किए गए हमले में थाना प्रभारी उमेश पासवान सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए और उनके दो हथियार छीन लिए गए. सभी घायलों को पीरपैंती रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया जिनमें गंभीर रूप से घायल थाना प्रभारी को बेहतर इलाज के लिए जिला मुख्यालय अवस्थित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज अस्पताल भेज दिया गया है. 

हमलावर ग्रामीणों ने उमेश पासवान का सर्विस रिवाल्वर तथा एक होमगार्ड जवान का राइफल छीन लिया था जिसे बाद में पुलिस ने बरामद कर लिया. उन्होंने बताया कि हिंसा पर उतारू ग्रामीणों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पडा जिसमें एक महिला समेत तीन ग्रामीण घायल हो गए. घायल ग्रामीणों को इलाज के लिए जिला सदर अस्पताल भेजा गया है. 

वंशीचक गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भागलपुर प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  घटना स्थल पहुंचे और घायल ग्रामीणों के परिजनों से भेंट की. वंशीचक गांव में संथाली आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं और ग्रामीणों का आरोप है कि वहां देर रात करीब डेढ बजे पहुंची पुलिस ने वहां आयोजित एक शादी समारोह के लिए रखे गए महुआ से बने दारू को जब्त कर लिया और उसी गांव के संझला बासुकी को गिरफ्तार कर लिया. संझला बासुकी को गिरफ्तारी से ग्रामीण उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया जिसके बाद पुलिस ने अतिरिक्त बल को बुलाकर ग्रामीणों के घरों में घुसकर उनकी पिटाई की. पुलिस अधीक्षक के एस अनुपम ने कर्तव्यहीनता के आरोप में थाना प्रभारी उमेश पासवान को निलंबित कर दिया है.

कैग रिपोर्ट को जांच कराने की मांग.


एंट्रिक्स-देवास सौदे के बारे में कैग की रिपोर्ट को अत्यंत गंभीर बताते हुए भाजपा ने मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इसकी गंभीरता को ध्यान में रखते हुए वृहद जांच कराने की मांग की।

भाजपा प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने संवाददाताओं से कहा, यह अत्यंत गंभीर मामला है। प्रधानमंत्री को इसकी गंभीरता से जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस विषय को भाजपा काफी समय से उठाती रही है और अब इस विषय पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) की रिपोर्ट के आलोक में प्रधानमंत्री को वृहद जांच का आदेश देना चाहिए। 
    
कैग ने विवादास्पद एंट्रिक्स-देवास सौदे में अंतरिक्ष विभाग विशेष रूप से इसके पूर्व सचिव जी माधवन नायर की भूमिका पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए कई नियमों और नीतियों का उल्लंघन किया गया और साक्ष्यों को छिपाया गया।
    
रपट में कहा गया कि एंट्रिक्स-देवास सौदा शासन के ढांचे की विफलता का नायाब उदाहरण है, जिसमें चुनिन्दा लोगों ने कुछ कार्यरत और कुछ रिटायर सरकारी कर्मचारी एक निजी कंपनी के एजेंडे को सफलतापूर्व आगे बढाया और उन्होंने ऐसे कार्य किये, जिनके लिए कानूनी रूप से वे अधिकत नहीं थे। 

BCCI ने दागी खिलाड़ियों को निलंबित किया.


इंडियन प्रीमियर लीग में भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले टेलीविजन चैनल के स्टिंग आपरेशन के बाद बीसीसीआई ने दागी खिलाड़ियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए जांच पूरी होने वाले पांच भारतीय प्रथम श्रेणी के क्रिकेटरों को तुरंत प्रभाव से निलंबित  कर दिया। 

आईपीएल की संचालन परिषद के सदस्यों और बीसीसीआई अधिकारियों के बीच लंबी टेलीकांफ्रेंस के बाद मोहनीश मिश्रा, शलभ श्रीवास्तव, टीपी सुधींद्र, अमित यादव और अभिनव बाली को निलंबित करने का कड़ा फैसला किया गया। बीसीसीआई ने इस घटना की शुरुआती जांच रवि स्वामी से कराने का फैसला किया है जो आईसीसी की भ्रष्टाचार रोधी इकाई के पूर्व प्रमुख हैं और अब बीसीसीआई की नवगठित भ्रष्टाचार रोधी इकाई के प्रमुख हैं।

आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने संवाददाताओं से कहा कि आईपीएल संचालन परिषद ने टेलीकांफ्रेंस के जरिये आज दोपहर ढाई बजे बैठक की और उसने बीसीसीआई अध्यक्ष को सिफारिश की कि इंडिया टीवी पर दिखाई गई टेलीविजन फुटेज में दोषी और संदिग्ध पाए जाने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

मरुथल में सौर ऊर्जा का चमत्कार !!!

जनजीवन से लेकर परिवेश तक में पसरने लगी है सूरज की चमक


दुनिया में खत्म होते जा रहे ऊर्जा के भण्डारों के दौर में आज भी राजस्थान प्रदेश ऊर्जा के नैसर्गिक भण्डारों का अक्षय स्रोत है जहाँ सौर और पवन ऊर्जा के रूप में प्रकृति ने ऐसा अनुपम उपहार लुटाया है जो कभी खत्म होने वाला नहीं है। प्रदेश में अब इन प्राकृतिक ऊर्जा भण्डारों के दोहन की दिशा में जिस तेजी के साथ काम हो रहा है, उससे उम्मीद की जा सकती है कि राजस्थान आने वाले समय में देश भर में ऊर्जा का बहुत बड़ा अक्षय भण्डार होगा। इसकी बदौलत राजस्थान का भविष्य सुनहरा और अतुलनीय समृद्धि से परिपूर्ण कहा जा सकता है।

ऊर्जा है जीवनाधार
   
ऊर्जा विकास का मुख्य आधार है। पर्याप्त ऊर्जा के बिना किसी भी राज्य अथवा देश का चहुंमुखी विकास संभव नहीं है। औद्योगिक विकास, कृषि, सिंचाई, यातायात, संचार ही नहीं बल्कि हमारी आधुनिक जीवन पद्धति ऊर्जा पर निर्भर होती जा रही है। राजस्थान के विशाल मरुक्षेत्र में भूजल, फव्वारा और लिफ्ट इरिगेशन आधारित कृषि विकास में ऊर्जा का विशेष योगदान है। सरकार ऊर्जा उत्पादन में बढ़ोतरी के लिये पारम्परिक ताप और लिग्नाईट आधारित बिजली परियोजनाओं के जरिए महत्वपूर्ण प्रयास कर रही है। साथ ही सौर एवं पवन ऊर्जा क्षेत्र में भी बिजली उत्पादन के वृहद् कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं।

राजस्थान सौर ऊर्जा का विशाल हब बनेगा

राजस्थान को वर्ष 2013 तक ‘‘पॉवर सरप्लस’’ राज्य बनाने के लिए सरकार कटिबद्ध है। राज्य में गैर परम्परागत ऊर्जा स्रोतों पवन और बायोमास से कुल बिजली उत्पादन क्षमता 1912 मेगावाट पहुंच चुकी है। राज्य में सौर ऊर्जा की अपार संभावनाओं को देखते हुए प्रदेश को सौर ऊर्जा के एक विशाल हब के रूप में विकसित करने के लिए सरकार कृत संकल्प है।

सूरज की अपार कृपा

राजस्थान का विशाल रेगिस्तान सूरज की प्रखर किरणों के कारण सौर ऊर्जा उत्पादन के लिये बहुत उपयुक्त है। राजस्थान में करीब 2,08,110 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में रेगिस्तानी भूमि है। यह प्रदेश के क्षेत्रफल का 60 प्रतिशत है। राजस्थान में 6.0-7.0 किलो वाट घण्टा प्रति वर्गमीटर की दर से सौर विकिरणों की उपलब्धता रहती है। अध्ययनों से ज्ञात हुआ है कि राजस्थान के सौर रेडियेशन की तुलना केलिफोर्निया, नेवादा, कोलोराडो तथा ऐरीजोना के मरूस्थलों से की जा सकती है। देश का 99 प्रतिशत जिंक उत्पादन राजस्थान में होता है। इसका प्रयोग सोलर पीवी तथा सीएसपी तकनीक में गेल्वेनाईजेशन के लिये किया जाता है।  राज्य देश का तीसरा सबसे बड़ा नमक उत्पादक प्रदेश है। सीएसपी तकनीक में पिघले हुए नमक का प्रयोग होता है।

सौर ऊर्जा नीति का बेहतर प्रभाव

वर्तमान में राज्य में 500 सिरेमिक इकाइयां, कवरिंग ग्लास एवं खनिज एवं ग्राइडिंग इकाइयां काम कर रही हैं जो राज्य को एक सोलर ग्लास मैन्युफेक्चरिंग हब बनाती हैं। इन सब विशेषताओं एवं संभावनाओं को देखते हुए प्रदेश सरकार ने सौर ऊर्जा नीति-2011 लागू की है जिसका बेहतर प्रभाव सामने आ रहा है। राजस्थान में निजी क्षेत्र की सौर ऊर्जा परियोजनाओं को प्रोत्साहित एवं स्थापित करना तथा जवाहरलाल नेहरू सोलर मिशन के तहत सौर ऊर्जा से अधिकाधिक उत्पादन करना इस नीति का प्रमुख उद्देश्य है।

निवेशकों को भरपूर प्रोत्साहन

राजस्थान में सौर ऊर्जा नीति के तहत सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने वाले निवेशकों को सरकारी दरों की 10 प्रतिशत रियायती दर पर सरकारी भूमि का आवंटन करने के प्रावधान के साथ ही कैप्टिव यूज करने पर बिजली प्रभार में राहत और निजी भूमि का रूपांतरण 10 प्रतिशत की दर से करने की व्यवस्था, सौर ऊर्जा परियोजनाओं को उद्योगों को दर्जा देते हुए इस क्षेत्र में अन्य उद्योगों के समान छूट एवं अनुदान, सौर उपकरणों एवं मशीनरी पर प्रवेश कर में छूट आदि सौर नीति की मुख्य विशेषताएं हैं। सरकार द्वारा जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर एवं बाड़मेर में 1000 मेगावाट क्षमता के सोलर पार्क स्थापित किये जायेंगे। राज्य सरकार ग्लोबल निवेश को आकर्षित करने के लिये आवश्यक आधारभूत सुविधाएं, नियामक सहयोग तथा अन्य सरकारी सहायता प्रदान करेगी। सोलर पार्क में विभिन्न गतिविधियों के लिए अलग-अलग क्षेत्र चिह्नित होंगे। इनमें विनिर्माण, अनुसंधान एवं विकास, प्रशिक्षण केन्द्र एवं अन्य सुविधाएं शामिल हैं।

व्यापक योजनाएं ले रही आकार

ऊर्जा विभाग द्वारा जोधपुर के भड़ला क्षेत्र में सोलर पार्क की स्थापना के लिये 10 हजार हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। इस वर्ष जोधपुर सोलर पार्क चालू किया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा सोलर पार्क की स्थापना के लिये क्लिन्टन फाउन्डेशन के साथ एमओयू हस्ताक्षर किया गया है। क्लिन्टन फाउन्डेशन सोलर पार्क्स स्थापित करने के लिए तकनीकी एवं अन्य आवश्यक सहायता मुहैया कराएगा। जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय सोलर मिशन की घोषणा 19 नवम्बर, 2009 को की गई थी। वर्ष 2022 तक भारत में 20000 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने का इसका लक्ष्य है। योजना के प्रथम चरण में वर्ष 2013 तक 1000 मेगावाट की परियोजनाएं स्थापित होंगी। प्रदेश में सौर ऊर्जा आधारित बिजली परियोजनाएं स्थापित करने के लिए 757 प्रतिष्ठित कंपनियाँ 18626 मेगावाट क्षमता में प्रोजेक्ट के लिये अपना पंजीकरण करवा चुकी हैं।

राजस्थान में अब तक 978 मेगावाट की 82 सौर परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें से 158 मेगावाट क्षमता की 40 सौर परियोजनाओं में उत्पादन भी शुरू हो चुका है। राज्य सरकार द्वारा स्थापित 1 मेगावॉट सौर परियोजना से भी उत्पादन शुरू हो गया है और अन्य 3 मेगावॉट की परियोजनाएं बाप (फलौदी) में एवं घूड़सर में यह 40 मेगावॉट की परियोजना चालू हो जाने से राज्य में अब तक 198 मेगावॉट की परियोजनाऐं स्थापित हो गई हैं। जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और नागौर जिलों में स्थापित परियोजनाओं में सौर विद्युत का सफलतापूर्वक उत्पादन जारी है जबकि शेष परियोजनाओं पर काम प्रगति पर है। इन सभी परियोजनाओं में करीब 10 हजार करोड़ रुपये का निजी निवेश होगा। राजस्थान की नई सौर ऊर्जा नीति के तहत वर्ष 2013-14 तक राज्य में 600 मेगावाट क्षमता की अतिरिक्त सौर ऊर्जा परियोजनाएं लगाना प्रस्तावित है। इन पर करीब 6000 करोड़ रुपए का निवेश होगा। वर्ष 2013-14 तक प्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में कुल 16 हजार करोड़ रुपए का पूंजी निवेश होने की आशा है।

विकास की अपार संभावनाओं को मिला आकार

सौर ऊर्जा की प्रचुरता के कारण राजस्थान अब औद्योगिक विकास और निवेश की दृष्टि से अपार संभावना वाला राज्य बन चुका है। विश्व के सौर ऊर्जा मानचित्र पर राजस्थान तेज गति के साथ उभर रहा है। आधे विश्व के सेालर इनर्जी मार्केट पर जर्मनी का कब्जा है किन्तु वहां भी अब सौर ऊर्जा की सब्सिडी में कटौती हो रही है। इसके विपरीत भारत में सौर ऊर्जा पर भारी अनुदान दिया जा रहा है। इसलिए सौर ऊर्जा का भविष्य हमारा है। विश्व के सौर बाजार में ग्रिड कनेक्टीविटी के  क्षेत्र में हमारी गणना जापान, चीन तथा अमेरिका की श्रेणी में होती है। भारत सरकार भी सौर ऊर्जा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन के तहत वर्ष 2020 तक 20 हजार मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव तथा कोयले के घटते प्राकृतिक संसाधनों के कारण सौर ऊर्जा की मांग बढ़ी है। केन्द्र सरकार द्वारा सौर ऊर्जा पर भारी सब्सिडी देने तथा सोलर पेनल की कीमतों में विश्व बाजार में आ रही गिरावट के कारण निजी उद्यमियों द्वारा इस क्षेत्र में रुचि बढ़ी है जो एक सकारात्मक संकेत है।

ग्रीन व क्लीन एनर्जी में राज्य की भूमिका अहम्

आने वाले समय में ग्रीन और क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में राजस्थान की बहुत बड़ी भूमिका होगी क्योंकि हमारे पास सौर ऊर्जा के रूप में एक बहुत बड़ा प्राकृतिक संसाधन है। भारत विश्व का एकमात्र ऐसा देश है जहाँ रिन्यूएबल एनर्जी के लिए अलग से मंत्रालय कार्य कर रहा है। हमारे यहाँ रिन्यूएबल एनर्जी की प्रचुर संभावनाएं हैं। भारत में विश्व के अन्य देशों की तुलना में प्रति व्यक्ति ग्रीन हाऊस गैसों की उत्सर्जन दर काफी कम हैं।

प्रभावी ढंग से रुकेगा कार्बल उत्सर्जन

ग्रीन हाऊस गैसों का जितना उत्सर्जन अमेरिका में होता है उसका 20वां भाग भारत में होता है। ऊर्जा के प्रभावी उपयोग और वैकल्पिक ऊर्जा के स्रोतों के बारे में ठोस राष्ट्रीय कार्य योजना के अनुरूप व्यापक गतिविधियों का संचालन होने की उम्मीद की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा की खपत अभी उतनी ज्यादा नहीं है। यदि हम पहले से ही क्लाइमेट फ्रेण्डली नीति बना लेते हैं तो कार्बन उत्सर्जन को प्रभावी तरीके से रोक पायेंगे। हमारे देश में प्रति वर्ष 300 दिनांे तक निर्बाध सूर्य की रोशनी रहती है। राजस्थान तो इस मामले में बहुत ही भाग्यशाली है। इसलिए हमारे यहां सौर ऊर्जा का उत्पादन अत्यन्त ही सुगम है किन्तु सौर ऊर्जा के मामले में हम यूरोपियन देशों से अभी काफी पीछे है।

अकेले जर्मनी में वर्ष 2010 के अन्त तक 17000 मेगावाट सौर ऊर्जा का निर्माण हुआ। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देरी से आने का भी हमें एक लाभ मिला है कि आज सौर पैनल की कीमतों में वैश्विक बाजार में भारी कमी आ रही है। इसलिए सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी देशों की तुलना में हम कम लागत पर तथा उनसे ज्यादा तेज गति से सौर ऊर्जा का निर्माण कर सकतेे हैं। इस दृष्टि से भारत सरकार की रूफ टोप सोलर फोटोवोल्टिक सिस्टम योजना सौर ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम सिद्ध होगी।


---डॉ. दीपक आचार्य---
9413306077

एयर इंडिया के निजीकरण के संकेत.


एयर इंडिया के पायलटों की हडताल का समाधान नहीं निकाल पाने को लेकर विपक्ष ने मंगलवार को उड्यन मंत्री को जमकर घेरा. संसद सत्र के दौरान सदन के बाहर इस राष्ट्रीय एयरलाइनर के निजीकरण का संकेत वाला बयान देने के लिए विपक्ष ने विमानन मंत्री अजित सिंह पर निशाना साधा. इस मुद्दे पर हुए हंगामे के कारण सदन की बैठक भोजनावकाश से आधे घंटे पहले दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पडी.

अजित सिंह पर हल्ला बोलते हुए विपक्ष ने धमकी दी कि सदन के बाहर नागर विमानन से जुडे नीतिगत मुद्दों पर बोलने के लिए वह उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएगा.

विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज की अगुवाई में विपक्ष ने इस मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया. भारी हंगामे के कारण सदन की बैठक दोपहर साढे बारह बजे ही स्थगित कर दी गयी. विपक्षी सदस्यों ने सदन में मंत्री की नामौजूदगी पर कडी आपत्ति की और अध्यक्ष मीरा कुमार से कहा कि वह सरकार को अजित सिंह को सदन में बुलाने का निर्देश दें. सुषमा के साथ उनकी पार्टी के सदस्य, माकपा, भाकपा और जद-यू भी अजित सिंह की टिप्पणी का विरोध कर रहे थे. सिंह ने मीडिया के सामने निजीकरण जैसे नीतिगत मसले पर बोल दिया इसलिए यह विशेषाधिकार हनन का मामला बनता है. सुषमा ने कहा कि जब सिंह ने एयर इंडिया और उसके पायलटों की हडताल पर हुई चर्चा का जवाब इस सदन में देना बाकी है तो वह नीतिगत मसलों पर सदन से बाहर कैसे बोल रहे हैं. 

शारीरिक रूप से अक्षम नहीं करेंगे हार्ड डय़ूटी.


बिहार में शारीरिक रूप से अक्षम पुलिसकर्मियों से हार्ड डय़ूटी लेने के बजाए उनकी क्षमता का आकलन करते हुए कार्य आवंटित किया जाएगा. वैसे पुलिसकर्मियों के लिए खुशखबरी है जो शारीरिक रूप से अक्षम हैं या उम्र ज्यादा होने के कारण पूरी क्षमता से अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर सकते. हाल में ही जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मियों का प्रक्षेत्रीय तबादला हुआ है उन्हें इसका लाभ मिलेगा. 

शारीरिक रूप से अक्षम पुलिसकर्मियों से हार्ड डय़ूटी लेने के बजाए उनकी क्षमता का आकलन करते हुए कार्य आवंटित किया जाएगा. पुलिस महानिदेशक ने संबंधित आदेश जारी कर दिया. हाल में ही प्रक्षेत्रीय अवधि पूरा करनेवाले इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही तक के हजारों पुलिसकर्मियों का तबादला किया गया है. इनमें कई पुलिसकर्मी ऐसे भी हैं जिनकी उम्र ज्यादा है या फिर वे शारीरिक रूप से अक्षम हैं. इनके साथ ही बीमार या विकलांग पुलिसकर्मियों को भी राहत प्रदान करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने आदेश जारी किया है.
जिसके तहत ऐसे पुलिसकर्मियों से हार्ड डय़ूटी नहीं ली जाएगी. 

एडीजी (मुख्यालय) ने बताया कि शारीरिक रूप से अक्षम पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों जिनका प्रक्षेत्र बदला गया है उनके जिला व इकाई में योगदान के पश्चात विधि-व्यवस्था और अन्य सक्रिय कार्य जैसी डय़ूटी नहीं ली जाएगी. ऐसे पुलिसकर्मी से संबंधित कार्यालय के प्रधान स्वयं साक्षात्कार करेंगे और उनकी क्षमता का आकलन करते हुए उन्हें कार्य आवंटित करेंगे. पुलिस महानिदेशक ने इस संबंध में सभी एसपी और संबंधित अधिकारियों को आदेश जारी किया है.

पुलिस मुख्यालय के इस आदेश का बिहार पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार और महामंत्री अभिनंदन यादव समेत तमाम केन्द्रीय पदाधिकारियों ने स्वागत किया है. अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस महानिदेशक एसोसिएशन की मांगों पर उचित पहल कर रहे हैं जिससे पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ेगा.
उन्होंने कहा कि शारीरिक रूप से अक्षम और उम्रदराज पुलिसकर्मियों को मुख्यालय के इस निर्णय से काफी राहत होगी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस मुख्यालय जिला व इकाई में संबंधित आदेश के अनुपालन की कार्रवाई सुनिश्चित कराने की पहल करें. 

गेहूं अधिप्राप्ति के लिए 400 करोड़ की स्वीकृति.


बिहार में गेहूं की अधिप्राप्ति के लिए सहकारिता विभाग ने चार सौ करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है. इस बाबत सहकारिता विभाग के संयुक्त सचिव रामाश्रय कुमार ने पत्र निर्गत कर दिया है. यह राशि बिहार राज्य सहकारी बैंक को कार्यशील पूंजी के रूप में उपलब्ध करायी गयी है.  इस पर नौ प्रतिशत की दर से ब्याज लगेगा. सरकार ने कुल पन्द्रह लाख गेहूं अधिप्राप्ति का लक्ष्य निर्धारित किया है. जिसमें बारह लाख मीट्रिक टन पैक्सों के माध्यम से धान की अधिप्राप्ति की जानी है.

तीन लाख मीट्रिक टन गेहूं की अधिप्राप्ति बिहार राज्य खाद्य निगम को करना है. रब्बी विपणन मौसम 2012-13 के अन्तर्गत किसानों से गेहूं अधिप्राप्ति मुख्य रूप से राज्य के सभी पैक्सों द्वारा की जायेगी. जिन पंचायतों में गेहूं अधिप्राप्ति पैक्सों द्वारा नहीं की जायेगी वहां बिहार राज्य खाद्य निगम द्वारा प्रखंड में स्थापित क्रय केन्द्रों द्वारा की जायेगी. मूल रूप से क्रय केन्द्र स्थापित करने की जिम्मेवारी पैक्सों की है.
पैक्स स्तर पर संचालित क्रय केन्द्रों के लिए अनुमानत: 100-200 मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों का अस्थायी भंडारण किया जाना है. इसके लिए राज्य में पैक्स स्तर पर कुल 2200 पैक्सों के पास औसतन: 100-200 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम उपलब्ध हैं. इनका उपयोग क्रय केन्द्र की स्थापना सहित आवश्यक भंडारण क्षमता की प्राथमिकता अन्तर्गत सुनिश्चित किया जाना आवश्यक होगा. 

प्रखंड व पंचायत स्तर पर निर्मित व्यापार मंडल सहयोग समिति लिमिटेड के गोदामों का भी उपयोग इस प्रयोजन के लिए करने का निर्देश दिया गया है. रब्बी विपणन मौसम 2012-13 के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 1285 रुपये प्रति क्विंटल की जानी है. गेहूं अधिप्राप्ति 15 अप्रैल से 31 जुलाई तक की जानी है.

आखिरकार राजा की जेल की बादशाहत हुई ख़तम, राजा रिहा