बिहार

झारखण्ड

मनोरंजन

Recent Posts

आप सरकार ने एससी.एसटी.ओबीसी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की संख्या में 70,000 की कमी की: यादव

रविवार, जनवरी 22, 2017 Add Comment
kejriwal-reduced-sc-st-obc-scholarship-yogendra-yadav
नयी दिल्ली, 22 जनवरी, योगेंद्र यादव के नेतृत्व वाली स्वराज इंडिया ने आज आरोप लगाया कि दिल्ली की आप सरकार ने अनुसूचित जाति..अनुसूचित जनजाति और अति पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की संख्या में 70,000 से अधिक की कमी की है जो एक ‘‘दलित विरोधी कदम’’ है। यादव ने कल दावा किया था कि आप सरकार ने छात्रों की रिण योजना के लिए विज्ञापनों पर 30 लाख रपए खर्च किए लेकिन केवल तीन छात्रों को 3.15 लाख रपए दिए गए। उन्होंेने दावा किया कि अनुसूचित जाति..अनुसूचित जनजाति और अति पिछड़ा वर्ग के छात्रों को दी गयी स्कूल छात्रवृत्तियों की संख्या 2014-15 में 7,50,021 थी जो 2015-16 में घटकर 6,79,976 हो गयी यानी इसमें 70,045 की बड़ी कमी दर्ज की गयी। दिल्ली सरकार ने आरोपों को लेकर कहा कि जानबूझकर कर गलत सूचना का प्रसार किया जा रहा है। आप सरकार ने एक बयान में कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष में अब तक 100 से अधिक आवेदकों के लिए 3.55 करोड़ रपए का रिण मंजूर किया गया। पिछले वित्त वर्ष यानी 2015-16 में 54 छात्रों के लिए 1.52 करोड़ रपए का रिण मंजूर किया गया था।

जदयू की कोर कमेटी की बैठक कल पटना में आयोजित

रविवार, जनवरी 22, 2017 Add Comment
jdu-core-meeting-tomorrow
पटना, 22 जनवरी, बिहार में सत्ताधारी दल जदयू के कोर कमेटी की कल पटना में आयोजित होने वाली बैठक में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव, समान नागरिक संहिता, आरक्षण मुद्दे पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की हालिया टिप्पणी, नोटबंदी सहित अन्य मुद्दों पर विचार किया जाएगा। जदयू की इस कोर कमेटी में भाग लेने पहुंचे पार्टी के प्रधान महासचिव के सी त्यागी ने पटना हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि इस बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव, समान नागरिक संहिता, आरक्षण पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की हालिया टिप्पणी, विमुद्रीकरण सहित अन्य मुद्दों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर कहा कि वहां धर्मनिरपेक्ष दलों के बीच न तो कोई गठबंधन बन पाया और न ही बिहार के तर्ज पर महागठबंधन बन पाया। त्यागी ने कहा कि हमलोगों की इच्छा थी कि उत्तर प्रदेश में एक बडा गठबंधन बने जो कि भाजपा को पराजित करने में कामयाब हो सके जैसा कि हमने बिहार में पिछले विधानसभा चुनाव में महागठबंधन :जदयू.राजद.कांग्रेस: बनाया था। त्यागी ने समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की ओर इशारा करते हुए कहा कि उत्तरप्रदेश के ये दोनों दल अपने ‘अहम’ के चलते व्यापक बिहार की तर्ज पर गठबंधन कर पाने में विफल रहे हैं। बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कल पटना में आयोजित जदयू की इस कोर कमेटी की बैठक में भाग लेने के लिए पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव भी आज पटना पहुंच चुके हैं।

कांग्रेस के साथ गठबंधन से उत्तर प्रदेश में सपा का जीत निश्चित : तेजस्वी

रविवार, जनवरी 22, 2017 Add Comment
sp-congress-alliance-sure-won-tejaswi
गया 22 जनवरी, बिहार के उप मुख्मयंत्री तेजस्वी यादव ने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच गठबंधन पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब यूपी में सपा की जीत निश्चित हो गयी है। श्री यादव ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा , “ यूपी के चुनाव में हमारी पार्टी सपा के अखिलेश यादव के साथ है। सपा और कांग्रेस पार्टी मे गठबंधन हो गया है। यह शुभ समाचार है। यानी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अब कही नहीं है, निश्चित तौर पर यूपी मे सपा ही जीतेगी। ” उप मुख्यमंत्री ने आरक्षण के मुद्दे पर लोक जनशक्ति पार्टी अध्यक्ष और केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान ,राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग आरक्षण से जीतकर सांसद और विधायक बने है। वही आरक्षण का विरोध कर रहे है। चिराग पासवान जमुई से आरक्षित सीट पर सांसद बने है और वे भी आरक्षण का विरोध कर रहे है। ऐसे लोग दलित और शोषित वर्ग के विरोधी है। ऐसे लोगों को गरीबो और दलितों के विकास से कोई लेना-देना नहीं है। 

नीतीश सरकार ने राज्य के लोगों से की वादाखिलाफी : भाजपा

रविवार, जनवरी 22, 2017 Add Comment
nitish-promisses-fail-bjp
सीवान 22 जनवरी, बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नीतीश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुये आज सभी बेरोजगारों के लिए प्रतिमाह एक हजार रुपये भत्ता और अनुसूचति जाति, आदिवासी एवं पिछड़े वर्ग के मैट्रिक पास छात्रों के लिए छात्रवृत्ति पुन: शुरू करने की मांग की। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की यहां हुई बैठक में पारित राजनीतिक प्रस्ताव में राज्य सरकार से विधानसभा चुनाव पूर्व किये गये वादे के अनुरूप सभी बेरोजगारों के लिए प्रतिमाह एक हजार रुपये भत्ता और अनुसूचति जाति, आदिवासी एवं पिछड़े वर्ग के मैट्रिक पास छात्रों के लिए छात्रवृत्ति पुन: शुरू करने की मांग की। साथ ही प्रदेशवासियों को विकासहीनता और अपराध के गर्त में धकेलने और सात निश्चय के नाम पर धोखा देने के खिलाफ संघर्ष करने का संकल्प लिया गया। प्रस्ताव में कहा गया है कि 14 माह पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी सरकार ने दिशाविहीन होने के कारण प्रदेश का बंटाधार कर दिया है। तीन सत्त केंद्रों (नीतीश कुमार, लालू यादव और कांग्रेस) से संचालित महागठबंधन सरकार अपराध, अहंकार और अराजकता की भेंट चढ़ गई। राज्य की जनता ने जिन अपेक्षाओं के साथ महागठबंधन को सत्ता सौंपी थी उसकी कसौटी पर वह ठगा हुआ महसूस कर रही है। 

प्रस्ताव में राज्य सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुये कहा गया है कि सत्ता संरक्षित अपराधियों ने राज्य में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस प्रशासन का मनोबल गिरा है। व्यवसायी, डॉक्टर, इंजीनियर, किसान, मजदूर, नौजवान समेत आम लोग भयाक्रांत हैं लेकिन मुख्यमंत्री और उनके लोग ‘कानून अपना काम करेगा’ के बयान से फुसलाकर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहे हैं। नीतीश सरकार में कुख्यात पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन, राजवल्लभ यादव और गोपाल मंडल जैसे लोगों का मानोबल बढ़ने से बिहार शर्मसार हुआ है। भाजपा के संघर्ष के कारण ही ये कुख्यात आज जेल में बंद हैं। ये बात तो सात निश्चय की करते हैं लेकिन हत्या, अपहरण, चोरी, डकैती, बलात्कार, भ्रष्टाचार और सामाजिक विद्वेष ही इनके सात निश्चय हैं। विकास का दंभ भरने वाली नीतीश सरकार में राज्य विकासहीनता की गर्त में समाता जा रहा है। मौजूदा सरकार में टोला सेवकों का वेतन भुगतान छह महीने से नहीं हुआ है। अनुसूचित जाति, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग के छात्रों को मैट्रिक के बाद मिलने वाली छात्रवृत्ति योजना बंद कर दी गई। राज्य की पूर्व राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार में दुरूस्त हुआ स्वास्थ्य ढांचा पूरी तरह से चरमरा गया है। पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) तक बदहाल है। भाजपा ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा कराये गये सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण में हुई भारी गड़बड़ी के कारण गरीबों के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ सही लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। प्रस्ताव में कहा गया है कि जिस सात निश्चय को मुख्यमंत्री अपना ड्रीम प्लान बता रहे हैं और उसका ढिंढोरा पीट रहे हैं उसमें कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और कानून व्यवस्था जैसे अति महत्वपूर्ण विषय शामिल नहीं हैं। इन विषयों को प्राथमिकता में रखे बगैर राज्य का विकास कैसे होगा। राजग के शासनकाल में कृषि कैबिनेट को भंग कर दिया गया। श्री कुमार का सात निश्चय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आम जनता के जीवन स्तर को उठाने के संकल्प को अपने खाते में जबरन डालने की कोशिश है। केंद्र की योजनाओं का नाम बदलकर मुख्यमंत्री राज्य की जनता को भ्रमजाल में डालने का प्रयास कर रहे हैं। 

सात निश्चय में से एक आर्थिक हल युवाओं को बल के तहत मुख्यमंत्री ने वादा किया था कि सभी बेरोजगार युवकों को रोजगार तलाशने के लिए दो वर्ष तक प्रतिमाह एक हजार रुपये भत्ता दिया जाएगा। लेकिन वह अपने वादे से मुकरते हुये कह रहे हैं कि यह भत्ता केवल इंटर पास कर पढ़ाई छोड़ देने वाले युवाओं को ही दिया जाएगा। ऐसे में सवाल उठता है कि राज्य सरकार की नजर में इंटर से आगे पढ़ाई करना गुनाह है। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना केंद्र सरकार की बैंकों द्वारा दी जाने वाली शिक्षा ऋण योजना है, जिसके तहत चार लाख रुपये तक का ऋण बिना गारंटी के दिया जाता है। श्री कुमार ने बड़ी चालाकी से इस योजना का नाम बदलकर स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना कर दिया है। बिहार के युवाओं के साथ इससे बड़ा धोखा और क्या हो सकता है। प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत पूरे देश को खुले में शौच से मुक्त करने की घोषणा की थी। नीतीश सरकार ने इस योजना का नाम बदलकर लोहिया स्वच्छता अभियान कर दिया और इसको अपने सात निश्चयों में शामिल कर लिया। इसके तहत राज्य सरकार ने अगले चार वर्ष में 8343 पंचायतों को शौचमुक्त करने का लक्ष्य रखा है। लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी इसमें से केवल 152 पंचायत ही शौचमुक्त हो पाए हैं। इसी तरह हर घर तक पक्की गली-नाली योजना के तहत एक लाख 14 हजार 733 वार्ड के घरों में पक्की गली-नाली के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया लेकिन अभी तक पूरे राज्य में केवल 52 वार्डों में ही यह काम शुरू हो पाया है। टोलो को जोड़ने के लिए 12500 किलोमीटर सड़क निर्माण का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। इसके लिए जारी वर्ष में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया लेकिन अभी तक एक किलोमीटर भी सड़क नहीं बन पाई है। राज्य सरकार का हर घर नल का जल जैसा निश्चय भी जनता के साथ भारी धोखा है। मुख्यमंत्री चापाकल योजना को बंद कर दिया गया। चौदहवें वित्त आयोग में केंद्र सरकार से नगर निकाय और पंचायतों को पेयजल के लिए पैसा मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने इसका नाम बदलकर पेयजल निश्चय योजना कर दिया है। हर घर बिजली पहुंचाने का श्री कुमार का निश्चय प्रधानमंत्री के ग्रामीण विद्युतीकरण अभियान को जबरदस्ती अपने खाते में शामिल करना है। 

सपा और कांग्रेस बेमेल पार्टियों का गठबंधन , भाजपा के रहते नहीं खत्म होगा आरक्षण : शाहनवाज

रविवार, जनवरी 22, 2017 Add Comment
congress-sp-mismatch-alliance-shahnawz
समस्तीपुर 22 जनवरी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने उत्तर प्रदेश विधाससभा चुनाव के लिए सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) पार्टी और कांग्रेस में हुए गठबंधन को बेमेल पार्टियों का गठबंधन करार दिया और कहा कि गठबंधन के बावजूद उत्तर प्रदेश में सपा सत्ता में वापस नहीं लौटने वाली है। श्री हुसैन आज यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस मौकापरस्त पार्टी है और इसी का परिणाम है कि मौका देखकर पार्टी ने उत्तर प्रदेश चुनाव में सपा से गठबंधन किया है । गठबंधन होने के बाद भी उत्तर प्रदेश में दुबारा अखिलेश सरकार बनने वाली नहीं है । उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनाव में भाजपा पूर्ण बहुमत प्राप्त करेगी और अगली सरकार भाजपा की ही बनेगी। भाजपा प्रवक्ता ने आरक्षण के मुद्दे पर जारी विवाद को लेकर पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि केन्द्र में जबतक भाजपा गठबंधन की सरकार रहेगी , तब तक आरक्षण को कोई समाप्त नहीं कर सकता है । उन्होंने साफ किया कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कभी भी आरक्षण के खिलाफ नहीं रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस द्वारा आरक्षण पर दिये गये बयान को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव गलत बयानबाजी कर देश के लोगों को गुमराह कर रहे है । श्री हुसैन ने नशामुक्ति के लिए शनिवार को आयोजित मानव श्रृंखला की चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को शराबबंदी की तरह प्रदेश को अपराध मुक्त बनाना चाहिए । बिहार में आज अपराध का ग्राफ देश के मानचित्र पर अव्वल बन गया है और राज्यवासी डरे और सहमे है । इस पत्रकार सम्मेलन में भाजपा के वरिष्ठ नेता गोपाल शरण सिंह , नगर पार्षद मनोज कुमार जायसवाल और राकेश कुमार और भाजपा किसान सेल के प्रदेश कार्य समिति सदस्य शैलेन्द्र कुमार सिंह समेत अन्य नेता भी उपस्थित थे । 

वक्त-वक्त की बात, मुलायम के बगैर जारी हुआ सपा का चुनाव घोषणापत्र

रविवार, जनवरी 22, 2017 Add Comment
sp-manifesto-without-mulayam
लखनऊ 22 जनवरी, इसे वक्त का तकाजा कहें या कुछ अौर लेकिन यह कटुसत्य है कि आज मुलायम सिंह यादव के बगैर समाजवादी पार्टी (सपा) का चुनाव घोषणापत्र जारी हुआ। शायद यह पहला माैका होगा जब मुलायम सिंह यादव की गैरमौजूदगी में समाजवादी पार्टी (सपा) का चुनाव घोषणापत्र जारी हुआ। पांच नवम्बर 1992 को स्थापित सपा में अभी तक श्री यादव ने ही घोषणापत्र जारी किये लेकिन 17वीं राज्य विधानसभा चुनाव के लिए घोषणापत्र जारी होने के समय मुलायम सिंह यादव और उनके छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव मौजूद नहीं थे। सपा के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खां मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ मंच तक आये लेकिन पल भर रुकने के बाद वह वापस चले गये। बताया गया कि श्री खां ‘नेताजी’ को मनाने गये हैं, लेकिन करीब दो घंटे तक चले कार्यक्रम में न श्री खां लौटकर आये और न ही मुलायम सिंह यादव आये। मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह यादव की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय रही। माना जा रहा है कि हाल ही में सपा में हुए बवाल की वजह से दोनों ही घोषणापत्र जारी होने के समय नहीं आये। दोनों की गैरमौजूदगी की छाप समारोह में भी दिखायी दी। वहां मौजूद नेताओं के चेहरों पर वह चमक नहीं दिखी जो आमतौर पर सपा नेताओं में दिखायी पडती है, हालांकि कार्यक्रम स्थल पार्टी कार्यालय में मौजूद युवाओं ने बीच-बीच में अखिलेश यादव के समर्थन में नारे लगाते दिखे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की पत्नी और सांसद डिम्पल यादव, पंचायती राज मंत्री रामगोविन्द चौधरी समेत कई मंत्री और विधायक मौजूद थे। 

समाजवादी पार्टी कांग्रेस गठबन्धन ने उत्तर प्रदेश के चुनाव को बनाया दिलचस्प

रविवार, जनवरी 22, 2017 Add Comment
sp-congress-alliance-mke-up-election-interesting
लखनऊ, 22 जनवरी, समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के गठबन्धन से उत्तर प्रदेश राज्य विधानसभा का चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है और ज्यादातर सीटों पर हार जीत का अन्तर काफी कम होने के आसार हो गये हैं। सपा और कांग्रेस ने आज यहां संयुक्त संवाददाता सम्मेलन कर गठबंधन की औपचारिक घोषणा की। राज्य विधानसभा की कुल 403 सीटों में से 298 पर सपा उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे जबकि 105 पर कांग्रेस अपने प्रत्याशी उतारेगी। सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने संवाददाताओं से कहा कि उनका गठबंधन साम्प्रदायिक तत्वों को सत्ता से बाहर रखेगा। अखिलेश यादव के नेतृत्व में गठबंधन की सरकार बनेगी। अभी यह तय नहीं है कि सरकार बनने की स्थिति में कांग्रेस उसमें शामिल होगी या नहीं। इस बारे में राजबब्बर ने ‘यूनीवार्ता’ से कहा, “अभी हमारे सामने 300 से अधिक सीटों को जीतने का लक्ष्य है। सरकार बनी तो कांग्रेस उसमें शामिल होगी।” मुख्यमंत्री अखिलेश ने भी कई बार कहा है कि कांग्रेस से गठबंधन होने पर 300 सीटें जीतेंगे। गठबन्धन के बारे में सभी राजनीतिक दल अपने अपने ढंग से व्याख्या कर रहे हैं, लेकिन सच्चाई है कि चुनाव दिलचस्प होगा। कई सीटों पर हार जीत का अन्तर भी काफी कम रहेगा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार गठबन्धन होने से गैर भाजपा मतों में ज्यादा विभाजन नहीं होगा। इससे सपा और कांग्रेस दोनो को फायदा होगा, हालांकि इससे भाजपा को थोडा नुकसान होने की सम्भावना है। उधर भाजपा का कहना है कि लडाई त्रिकोणात्मक होने पर ही उसके उम्मीदवारों को फायदा होगा। सीधी लडाई में उसके प्रत्याशी को हानि ही होगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि गठबन्धन की वजह से कांग्रेस और सपा दोनो की ताकत बढेगी और दोनो मिलकर सरकार बनाने में सफल होंगे। भाजपा के प्रदेश महासचिव विजय बहादुर पाठक का कहना है कि अखिलेश यादव ने गठबन्धन कर चुनाव से पहले ही अपनी कमजोरी साबित कर दी। पूर्ण बहुमत की सरकार चला रहे थे तो गठबन्धन की बात क्यों की। क्या उन्हें अपने विकास कार्यों पर भरोसा नहीं रह गया। अब तो सपा अखिलेशमय है, फिर भी गठबन्धन कर मुख्यमंत्री ने यह साबित कर दिया कि सपा कमजोर हुई है और वह चुनाव अपने दम पर लडने में सक्षम नहीं है। 

श्री पाठक ने कहा कि सपा और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) दोनों के नेता कहने लगे हैं कि गठबन्धन ही भाजपा को सत्ता में आने से रोक सकती हैं। इसका मतलब राज्य में चल रही सरकार पूरी तरह असफल साबित हुई है। राजनीतिक दृष्टि से जो पार्टी मजबूत होती है उसी के खिलाफ सारे दल बोलते हैं। वर्ष 2012 में बसपा के खिलाफ भाजपा और सपा बोलते थे और इस समय सपा ,कांग्रेस और बसपा तीनों ही भाजपा के खिलाफ बोल रहे हैं।  इसका मतलब है कि भाजपा की स्थिति मजबूत है और वह सत्ता में आ रही है। उनका दावा है कि भाजपा अपनी कार्यकर्ताओं के बल पर और जनता के समर्थन से 300 सीटों पर जीत हासिल करेगी। दूसरी ओर राजनीतिक विश्लेषक राघवेन्द्र का कहना है कि कांग्रेस की नजर 2017 पर कम 2019 पर ज्यादा है। इस चुनाव में गठबन्धन के जरिये वह अपनी ताकत बढाना चाहती है ताकि उसे 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में इसका फायदा मिले। श्री राघवेन्द्र का कहना है कि गठबन्धन और बसपा उम्मीदवारों के मजबूती से लडने पर चुनावी लडाई त्रिकोणात्मक होगी। इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है क्योंकि भाजपा विरोधी मत दो या दो से अधिक उम्मीदवारों में बटेंगे। शायद ही कोई सीट ऐसी होगी जिसपर चुनाव परिणाम आने से पहले निश्चित रूप से यह कहा जा सके कि ‘ फला’ उम्मीदवार ही जीतेगा। 

अखिलेश सरकार भ्रष्टाचार राेकने में नाकाम : नाईक

रविवार, जनवरी 22, 2017 Add Comment
akhiles-not-able-to-stop-sorruption
लखनऊ, 22 जनवरी, उत्तर प्रदेश राज्य विधानसभा के लिये होने वाले मतदान के मात्र एक पखवारा पहले राज्यपाल राम नाईक ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लडाई में सूबे की समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार की प्रतिबद्धता पर सवालिया निशान लगा दिया है। सरकार के क्रियाकलापों पर राजभवन से आज जारी मूल्याकंन रिपोर्ट में श्री नाईक ने कहा है कि लोकायुक्त द्वारा भ्रष्टाचार के दोषी राजनेताओं और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई में सपा सरकार ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखायी जो एक गंभीर मसला है। उन्होंने सरकारी जमीनों के अतिक्रमण पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग भी की। रिपोर्ट में राज्यपाल ने कहा है कि राजनेताओ और अधिकारियों के खिलाफ लोकायुक्त ने 53 रिपोर्टे भेजी मगर अखिलेश सरकार ने इनमे से 51 पर कोई संज्ञान नहीं लिया। इन रिपोर्ट में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नसीमुद्दीन सिद्दकी, रामअचल राजभर और अवध पाल सिंह का नाम शामिल है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के खातों के आडिट पर प्रदेश सरकार के रूख के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुये श्री नाईक ने कहा कि वह इस मसले पर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से शिकायत कर चुके हैं। श्री नाईक ने कहा कि उन्होने सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के बारे में राज्य सरकार को श्वेत पत्र जारी करने के लिये लिखा था कि इस अवैैध कृत्य के कारण सरकार को कितना वित्तीय नुकसान झेलना पडा मगर आज तक उन्हें सरकार की अोर से कोई जवाब नहीं मिला।

नेतृत्व विकास शिविर का कल मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ

रविवार, जनवरी 22, 2017 Add Comment
leadership-development-workshop-inaugurate-shivraj-tomorrow
भोपाल 22 जनवरी, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कल नेतृत्व विकास शिविर का शुभारंभ करेंगे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार शिविर मुख्यमंत्री निवास पर सुबह 11 बजे आदिम जाति एवं अनुसूचित कल्याण विभाग द्वारा मेधावी विद्यार्थियों के लिये होगा। शिविर में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री ज्ञान सिंह भी मौजूद रहेंगे। शिविर में रानी दुर्गावती, शंकर शाह एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर मेधावी विद्यार्थी को पुरस्कार दिये जायेंगे। आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा प्रति वर्ष की भांति 23 से 29 जनवरी तक नेतृत्व विकास शिविर लगाया जा रहा है। इसमें प्रदेश के सभी जिलों से अनुसूचित जाति, जनजाति और विशेष पिछड़ी जनजाति के कुल 234 मेधावी विद्यार्थी शामिल होंगे। शिविर में विभिन्न खेल गतिविधियों में राष्ट्रीय स्तर पर सहभागिता करने वाले प्रदेश के अनुसूचित जनजाति के 47 उत्कृष्ट खिलाड़ी भी भाग लेंगे। मेधावी विद्यार्थियों को 24 जनवरी को स्थानीय शैक्षणिक संस्थाओं का भ्रमण एवं पुलिस महानिदेशक से भेंट करवाई जायेगी। स्थानीय दर्शनीय स्थलों का भ्रमण 25 जनवरी को होगा। गणतंत्र दिवस परेड का अवलोकन और साँची दर्शन 26 जनवरी को करवाया जायेगा। मुख्य सचिव से परिचर्चा, विधानसभा का अवलोकन और विधानसभा अध्यक्ष से भेंट 27 जनवरी को करवायी जायेगी। मण्डीदीप स्थित फेक्ट्री का अवलोकन 28 जनवरी को और राज्यपाल से भेंट 29 जनवरी को होगी। विद्यार्थियों को शिविर अवधि में कैरियर गाइडेंस, व्यक्तित्व विकास एवं नेतृत्व विकास पर बहुआयामी प्रशिक्षण भी विशिष्टजन द्वारा दिया जायेगा। 
loading...
Loading...