नीतीश जी ये कैसा विकाश है !!

नीतीश के सुशासन और विकाश की बयार जिसमें पूरा बिहार बहा जा रहा है के ठीक विपरीत चिराग तले अँधेरा के तर्ज पर राजधानी पटना के चांदपुर बेला मोहल्ला जो कि मिट्ठापुर के पास का सबसे पुराना मोहल्ला है और पूर्व विधायक पंकज कुमर और सुपर थर्टी गणितज्ञ आनंद कुमार के घर के पास है जहाँ आजतक सड़क बन पाई है ही नाली. पूरा मोहल्ला बेसड़क और गंदगी के ढेर पर विकास का एक दीया इधर भी जलाने की गुहार कई बार स्थानीय स्तर से लेकर जनता दरबार तक कर चुका है मगर शायद ये मोहल्ला ही पटना में है और विकाश की रोशनी के लायक भी नहीं.

महीनों पहले चुनाव को मद्देनज़र रखते हुए स्थानीय विधायक श्री नितिन नवीन द्वारा सड़क और नाले का शिलान्यास करवाया गया और जनवरी महीने से सड़क का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया परन्तु आजतक वह सड़क पूरा नहीं हो पाया है. अर्ध निर्मित सड़क और खुले हुए मैनहोल की वजह से लोगों का उस रास्ते पर चलना मुश्किल हो गया है.

कुछ दिन पूर्व स्थानीय निवासी श्री हरिंद्र पाण्डे अपनी मोटर साइकिल समेत उस मैनहोल में गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल होने की वजह से अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा. आए दिन इस तरह कि घटनाएँ होती रहती है. नालियों की स्थिति दिन दिन बद से बद्तर होती जा रही है. नाली का पानी अब सडकों पर गया है. मच्छरों के प्रकोप से लोग परेशान हैं.

स्थानीय संस्था पवन सूत सर्वांगिन विकास केंद्र के सचिव श्री राकेश दत्त मिश्र ने समय समय पर स्थानीय विधायक श्री नितिन नवीन को और पार्षद श्री मुकेश कुमार "कौशल" का ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास किया परन्तु अनेको बार आग्रह के बावजूद आजतक सड़क का निर्माण हो सका नहीं नाली ही बन पाया है. मिश्र जी कहते हैं की अगर ये विकाश और सुशासन है तो बिहार के सुशासन पुरुष को विकास का हिसाब भी देना होगा.
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