बिहार के नये नटवरलाल हैं लालू, संपत्ति हड़पने के लिए कई तरीके ईजाद किये : सुशील मोदी

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पटना 30 अगस्त, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को प्रदेश का नया नटवरलाल करार दिया और कहा कि लालू परिवार ने पावर ऑफ अटार्नी के बाद वसीयत के नाम पर संपत्ति हड़पी है। श्री मोदी ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में लालू परिवार को लेकर नया खुलासा करते हुए कहा कि लालू यादव ने जमीन हड़पने के नये-नये तरीके इजाद किये हैं। राजद अध्यक्ष ने पहले पॉवर ऑफ अटार्नी के माध्‍यम से कई लोगों से जमीन लिया फिर वसीयत के नाम पर जमीन हड़प ली। उन्होंने कहा कि मोहम्मद शमीम को विधान पार्षद बनाने के एवज में श्री शमीम और उनकी पत्नी सोफिया तबस्सुम से पटना शहर की करोड़ों की जमीन को पॉवर ऑफ अटार्नी के माध्यम से राबड़ी देवी ने हथिया लिया। इसके बाद दंपति से अपने पुत्रों तेजस्वी यादव एवं तेज प्रताप यादव के नाम से वसीयत भी करवा लिया। उप मुख्मयंत्री ने उपलब्ध साक्ष्यों को मीडियाकर्मियों के सामने रखते हुए कहा कि राजद अध्यक्ष के पुत्रों नाम पर किये गये वसीयत में लिखा गया कि दोनों उनके भतीजे के समान हैं। जब तक वह जिंदा हैं, इसपर उनका अधिकार रहेगा लेकिन उनकी मृत्‍यु के बाद उक्त संपत्ति पर तेजप्रताप और तेजस्‍वी का इस पर हक हो जायेगा। 



भाजपा नेता ने कहा कि इस वसीयतनामे में यह भी लिखा है कि शमीम दंपत्ति की मृत्‍यु के बाद उनकी संतान इस पर अपना हक नहीं जता सकती। यदि तेजप्रताप और तेजस्‍वी की मृत्‍यु पहले हो गयी तो मेरा वैधानिक उत्‍तराधिकारी इसका मालिक नहीं रिपीट नहीं होगा। तेजस्वी और तेज प्रताप के उत्तराधिकारी ही इस संपत्ति के मालिक होंगे। इस वसीयत के गवाह राकेश रंजन हैं, जो राजद के विधान पार्षद बने हैं और लंबे वक्त से राजद के नेता हैं जबकि दूसरे में खुद मो. शमीम उसके गवाह हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मोहम्मद शमीम और सोफिया तबस्सुम ने एक ही दिन यानि 12 मई, 2005 राबड़ी को पॉवर ऑफ अटार्नी और उसी दिन तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव को वसीयत भी कर दिया। 3354 वर्ग फीट के दो प्लॉट जो दानापुर के सगुना मोड़ के निकट विजय विहार कॉ‘ऑपरेटिव में है, वे दंपत्ति के जीवित रहते पॉवर ऑफ अटार्नी के माध्यम से राबड़ी देवी के कब्जे में रहेंगे और उनकी मृत्यु के बाद तेजस्वी और तेज प्रताप के कब्जे में चले जाएंगे। भाजपा नेता ने सवालिया लहजे में कहा कि शमीम दंपत्ति ने आखिर क्यों अपनी तीन संतानों के नाम मृत्यु के बाद संपत्ति देने की वसीयत न करके लालू यादव के पुत्रों के नाम कर दी। तेजस्वी और तेज प्रताप ने 15 साल की उम्र में शमीम दंपति की ऐसी क्या सेवा कर दी और उनके पिता श्री यादव ने उनकी ऐसी क्या मदद की जिससे प्रसन्न होकर उन्होंने करोड़ों की संपत्ति वसीयत कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि राजद सुप्रीमों ने मो. शमीम को राज्यपाल कोटे से पार्षद बनाने के एवज में करोड़ों की जमीन वसीयत के माध्यम से पुत्र के नाम लिखवा लिया। 
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