झाबुआ (मध्यप्रदेश) की खबर 16 जनवरी

आदिवासी समाज में चेतना जागृत करने के लिये आयोजित होगी आदिवासी चेतना यात्रा
  • 19 जनवरी से शुरू होकर 30 जनवरी तक जिले के गांवों का करेगी भ्रमण
  • डा. विक्रांत भूरिया ने प्रेसवार्ता कर दी जानकारी

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झाबुआ ।  आदिवासी चेतना आयोजन समिति के बैनर तले गैर राजनैतिक तौर पर 19 जनवरी शुक्रवार को मामा बालेश्वर दयाल की कर्मभूमि बामनिया से  डा. विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में निकाली जाने वाली  आदिवासी चेतना यात्रा के  उद्देश्य एवं रूप रेखा को लेकर सोमवार को  डा. विक्रांत भूरिया द्वारा एक नीजि होटल में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया । इस अवसर पर  डा. विक्रांत भूरिया के अलावा, प्रकाश रांका हर्ष भट्ट, आचार्य नामदेव एवं साबिर फिटवेल उपस्थित थे । प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक  मीडिया को संबोधित करते हुए डा. विक्रांत भूरिया ने बताया कि  मामा बालेश्वर दयाल की कर्मभूमि बामनिया से 19 जनवरी को प्रारंभ होने वाली  आदिवासी चेतना यात्रा का समापन महात्मागांधी की पूण्यतिथि 30 जनवरी को अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद की जन्म भूमि आजाद नगर भाबरा में होगा । इस यात्रा मुख्य उद्देश्य बताते हुए डा. भूरिया ने कहा कि यह यात्रा पूरी तरह गैर राजनीतिक होकर इसमें समाजसेवी सहित सभी पार्टियों के लोग भाग ले सकते है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समाज को एक जूट  करने तथा समाज को सही दिशा देकर उन्हे मुख्य धारा से जोडना है । डा. भूरिया ने कहा कि युवा शक्ति  यदि सही दिशा में जायेगी तोही विकास एवं उत्थान सही तरिके से मिल पायेगा । उन्होने कहा कि इस यात्रा के आयोजन को लेकर एक चुनौति भी रही है तथा मंथन करने के बाद यह विचार किया गया कि यदि सबकों साथ में जोडा जावे तोही विकास संभव हो सकता है । उन्होने आगे बताया कि यह यात्रा पूरी तरह सामाजिक यात्रा है और समाज मे व्याप्त बुराईयो , कुप्रथाओं, दहेज प्रथा,नशाखोरी, अंध विश्वास आदि जो समाज को  बरसों से हमारे समाज एवं परिवार को खोखला  कर रहे है पर खुल कर समाज के लोगों के बीच चर्चा  कर सर्व स्वीकार्य समाधान की ओर आगे बढ सकें । आदिवासी समाज मे चेतना लाने एवं पलायन, कुपोषण, स्वरोजगार योजनाओं आदि के बारे में जानकारी लेकर उनके समाधान के लिये कदम उठाये जाने के लिये मार्ग निकाला जावेगा । मामा बालेश्वर दयाल की कर्मभूमि का चयन इसलिये हुआ है  कि मामाजी ने जीवन पर्यन्त समाज के शोषण एवं उनके समग्र विकास के लिये आवाज बुलंद की थी । समाज में शोषण के विरुद्ध आवाज बुलंद करने के अलावा उनका जीवन स्तर भी सुधरे  तथा मुख्य धारा में वे समाहित हो इसके लिये हमने आयोजन करना तय किया है । 208 किलो मीटर लम्बी यह आदिवासी चेतना यात्रा प्रतिदिन 20 किलोमीटर चलेगी एवं रात्री विश्राम गा्रमीण क्षेत्रों में किया जावेगा । महात्मा गांधी द्वारा बताये गये मार्ग पर चलते हुए गांधीवादी तरिके से ही यह यात्रा आयोजित होगा । 19 जनवरी को बामनिया से प्रारंभ होकर खवासा- सागवा में रात्री विश्राम करेगी । 20 जनवरी को सागवा से कोटडा व थांदला में रात्री विश्राम, 21 जनवरी को थांदला से फुट तालाब व कल्लीपुरा मे रात्री विश्राम,, 22 जनवरी को कल्लीपुरा से संदला, बडी ढेबर में रात्री विश्राम , 23 जनवरी को बडी ढेबर से झाबुआ बायपास होकर रामा में रात्री विश्राम, 24 जनवरी को रामा से रवाना होकर रोटला, रातीमाली,व धांदल पुरा में रात्री विश्राम, 25 जनवरी को धांदलपुरा से दौलत पुरा, सेमलखेडी व बोरी में रात्री विश्राम, 26 जनवरी कोि बोरी से ग्याबनी सागर, सियाली एवं बन मे रात्री विश्राम, 27 जनवरी को बन से रानापुर, टिकडी होकर चारोलीपाडा में रात्री विश्राम, 28 जनवरी को चारोलीपाडा से पलवन,पिटोल होकर कुंदनपुर मे रात्री विश्राम, 29 जनवरी को कुंदनपुर से कंजावानी एवं देवली में रात्री विश्राम, तथा अन्तिम दिन 30 जनवरी को देवली से रवना होकर आजाद नगर भाबरा में चेतना यात्रा का समापन होगा । डा. भूरिया ने कहा कि  समाज का उत्थान होगा तो ही देश का उत्थान होगा ।  उन्होने वनवासी शब्द की जगह आदिवासी शब्द के उपयोग करने के बारे में भी विस्तार से बताते हुए कहा कि वनवासी वह होता है तो वनो जंगलों में रहता है। आज जंगल साफ हो चुके है तथा शिक्षा के प्रचार-प्रसार के चलते आदिवासी समाज भी काफी विकसित हो चुका है । आदिवासी शब्द को संविधान में लेना चाहिये । उन्होने कहा कि आत्म सम्मान  एवं आत्म गौरव को बचाने के लिये इस यात्रा के आयोजन का संकल्प लिया गया है। डा. भूरिया ने इस दौरान ने प्रेस द्वारा पुछे गये प्रश्नो कंा भी उत्तर दिया । कार्यक्रम का संचालन प्रकाश रांका ने किया तथा आभार प्रदर्शन आचार्य नामदेव एवं साबिर फिटवेल ने व्यक्त किया ।

श्री राधा-कृष्ण बिहारी मंदिर पर प्रथम दिन भडारे एवं दूसरे दिन महाआरती का हुआ आयोजन
  • श्री राधाकृष्ण बिहारी मंदिर समिति एवं आसरा पारमार्थिक ट्रस्ट ने किया संयुक्त आयोजन

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झाबुआ। शहर के छोटा तालाब स्थित श्री राधा-कृष्ण बिहारी मंदिर पर मकर सक्राति के पावन महापर्व एवं मंदिर के 13वें प्रतिष्ठा दिवस पर श्री राधाकृष्ण बिहारी मंदिर समिति एवं आसरा पारमार्थिक ट्रस्ट झाबुआ द्वारा संयुक्त रूप से दो दिवसीय आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम दिन 14 जनवरी को भोजन (प्रसादी) का आयोजन हुआ तो दूसरे दिन 15 जनवरी को मंदिर की प्रतिष्ठा दिवस पर महाआरती हुई एवं महाप्रसादी का वितरण किया गया। यह जानकारी देते हुए राधाकृष्ण बिहारी मंदिर समिति के गोपाल बैरागी एवं आसरा पारमार्थिक ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष राजेष नागर ने बताया कि प्रथम दिन 14 जनवरी को प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी मंदिर समिति एवं आसरा ट्रस्ट की ओर से भंडारे का आयोजन किया गया। यह भंडारा दोपहर साढ़े 12 से 3 बजे तक चला। जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोगों ने पहुंचकर लाभ प्राप्त किया। साथ ही इस अवसर पर दान-पुण्य करते हुए वस्त्र, कंबल आदि भी दान किए गए। इसमें ट्रस्ट की श्रीमती वंदना व्यास, सुषीला भट्ट, हसमुति परिहार, पाविनी व्यास के साथ नीरजसिंह राठौर, रविराजसिंह राठौर, सुनील चैहान एवं समिति के गोपाल बैरागी ने अपनी सराहनीय सेवाएं प्रदान की। रात्रि में संगीतमय सुंदरकांड का आयोजन किया गया, जिसका लाभ नीरजसिंह राठौर द्वारा लिया गया।

राधा-कृष्णजी का किया गया विषेष श्रृंगार
सोमवार को श्री राधा-कृष्ण बिहारी मंदिर का 13 प्राण-प्रतिष्ठा दिवस के उपलक्ष में सुबह 6 बजे भगवान का अभिषेक पश्चात् मनमोहक श्रृंगार किया गया। 9 से 11 बजे तक मंदिर परिसर में भजन-किर्तन किए गए। दोपहर ठीक साढ़े 11 बजे महाआरती का आयोजन हुआ। जिसमंे मुख्य यजमान के रूप मंे ट्रस्ट के सुधीर कुषवाह एवं श्रीमती लीना नागर ने महाआरती करने का लाभ लिया। पश्चात् महाप्रसादी वितरित की गई।

दान-दाताओ का किया गया सम्मान
दोपहर में मंदिर परिसर में मंदिर के विस्तारीकरण के विषेष सहयोगी विद्यारामजी शर्मा, नीरजसिंह राठौर, अषोक व्यास, श्रीमती लीना राजेष नागर का सम्मान केषरिया दुपट्टा पहनाकर डाॅ. केके त्रिवेदी, जितेन्द्र पटेल, सुरेष अग्रवाल, श्रीमती अर्चना राठौर, सीमा चैहान, आषा त्रिवेदी, पवित्रा भावसार, श्रीमती वंदना व्यास, पाविनी व्यास, हसमुति परिहार, कुंता सोनी, चंचला सोनी, सुषीला भट्ट आदि द्वारा किया गया। प्रतिष्ठा दिवस के उपलक्ष में दिनभर मंदिर में भगवान के दर्षन एवं पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहीं। रात्रि में मंदिर पर आकर्षक विद्युत सज्जा भी आकर्षण का केंद्र रहीं।

स्वर्णकार महिला मंडल ने हल्दी कुमकुम का अभिनव आयोजन किया
  • मदर टेरेसा आश्रम में जाकर की सेवा

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झाबुआ । मकर संक्रांति के अवसर पर स्थानीय श्री मेढ क्षत्रिय स्वर्णकार महिला मंडल द्वारा राधाकृष्ण मार्ग स्थित समाज के श्री सत्यनारायण मंदिर पर हल्दी  कुमकुम का अभिनव कार्यक्रम आयोजित किया गया ।जिसमे महिलाओं द्वारा सुहागिन महिलाओं के बीच हल्दी कुमकुम किया गया । समाज की श्रीमती चंचला सोनी एवं श्रीमती कुंता सोनी के मागदर्शन में सभी महिलाओं को उपहार दिये गये तथा इस अवसर पर एक मिनट प्रतियोगिता का आयोजन किया जिसमें प्रथम स्थान पर श्रीमती बरखा सोनी एवं निता सोनी, द्वितीय स्थान पर श्रीमती शिवकुमारी सोनी एवं निर्मला सोनी एवं तृतीय स्थान पर श्रीमती वर्षा सोनी एवं चंदा सोनी रही जिन्हे पुरस्कार प्रदान किये गये । हल्दी कुमकुम के इस आयोजन में श्रीमती रूकमणी सोनी, विमला सोनी, सुनिता सोनी, ललिता सोनी, ज्योति सोनी, दीपा सोनी, राधा सोनी, मीना सोनी, क्षमा सोनी, बुलकुल सोनी, कामना सोनी,शारदा सोनी, मोना सोनी, आदि उपस्थित रहे । वही सेवा भावना के तहत स्वर्णकार समाज की महिलाओं द्वारा सांेमवार को संत टेरेसा निराश्रत आश्रम में जाकर वहां निवासरत गरीबों के बीच जाकर उन्हे नाश्ता, फल, बिस्कीट आदि का वितरण भी किया गया तथा संका्रति के अवसर पर उन्हे तिल गुड आदि खिलाया गया । श्रीमती चंचला सोनी के अनुसार स्वर्णकार महिला मंडल मानव सेवा के साथ ही समाज सेवा एवं पर्यावरण के क्षेत्र में भी पूरी तत्परता से काम कर रहा है ।

विश्व पटल पर उभरता हुआ झाबुआ का हलमा छायाचित्र प्रदर्षनी का उद्घाटन आज
  • हलमा कार्यक्रम के पोस्टरों का हुआ विमोचन

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झाबुआ। झाबुआ का हलमा पर्यावरण संरक्षण का एक अनुकरणीय उदाहरण बन रहा है। जिसमें जल के लिए जन के दायित्व का निर्वहन, परमार्थ के लिए जुटने का निर्वहन, निस्वार्थ श्रमदान का निर्वहन, उत्कृष्ट प्रबंधन का निर्वहन शामिल है। इसी संबंध में विष्व पटल पर उभरता हुआ झाबुआ का हलमा छायाचित्र प्रदर्षनी का आयोजन शहर के पैलेस गार्डन पर 16 से 18 जनवरी तक किया जा रहा है। शुभारंभ 16 जनवरी को दोपहर 11 बजे होगा। इसी को लेकर हलमा आयोजन के पोस्टरों का विमोचन भी शहर के राजवाड़ा चैक पर किया गया।
संपूर्ण आयोजन की विस्तृत जानकारी देते हुए षिवगंगा के नीरजसिंह राइौर ने बताया कि 16 से 18 जनवरी तक चलने वाली इस प्रदर्षनी में झाबुआ और ग्रामीण क्षेत्र के अनेक विद्यालयों के साथ कई सामाजिक संस्थाएं एवं युवा वर्ग भाग लेंगे। ऐसी ही प्रदर्षनी पूर्व में इंदौर में भी लगाई गई थी। जिसे काफी सराहना मिली थी एवं प्रदर्षनी में हजारों लोगों ने षिरकत थी। विदेष के भी कई लोगों ने झाबुआ की इस परंपरा को समझा और इसे ग्लोबल वार्मिंग जैसे विकराल समस्या के समाधान के रूप में देखा और झाबुआ का विष्व पटल पर उभरता रूप देखा।

श्रीमती भारती सोनी ने की है विषेष पहल
इस महान परंपरा को चित्रकला के माध्यम से झाबुआ निवासी श्रीमती भारती सोनी ने अभिव्यक्त किया है। उनकी चित्रकलाओं की प्रदर्षनी भी इंदौर में लगाई गई थी। उनके इस कार्य से झाबुआ और यहां की परंपराएं गौरवान्वित हुई है। नीरजसिंह राठौर ने बताया कि उनकी इन चित्रकलाओं और केवल 4 घंटों में 30 हजार हाथों से उकेरी गई वर्षा जल संचय की अद्भुत कलाकृति बनने की प्रक्रिया में चमत्कृत करने वाले पलों को कैमरे में कैद कर प्रदर्षनी में लगाया गया है। प्रदर्षनी का उद्घाटन 16 जनवरी को दोपहर 11 बजे पुलिस अधीक्षक महेषचन्द्र जैन एवं सकल व्यापारी संध अध्यक्ष नीरजसिंह राठौर करेंगे एवं प्रदर्षनी के समापन पर अतिथि के रूप में कलेक्टर आषीष सक्सेना एवं अपर कलेक्टर एसपीएस चैहान और अध्यक्ष उल्लास जैन रहेंगे। श्रीमती भारती सोनी ने शहरवासियों से इस प्रदर्षनी मंे बड़ी संख्या मंे शामिल होकर सफल बनाने की अपील की है।

पोस्टरों का किया गया विमोचन
इसी क्रम में हलमा आयोजन के पोस्टरों का विमोचन शहर के राजवाड़ा चैक पर सोमवार को सुबह साढ़े 10 बजे वरिष्ठजनों केके त्रिवेदी, संजय शाह,  कमलेष पटेल, संजय कांठी राजेष नागर, राजेन्द्र भंडारी, हरिष लाला शाह, अमित जैन, देवेन्द्रंिसह चैहान, राजेष शाह, जितेन्द्र पटेल, रितेष कोठारी, देवेन्द्र पोरवाल, उल्लास जैन, राजेष मेहता, नीरजसिंह राठार, विकास शाह, सुभाष राजपूत, राजारामजी कटारा, भंवरसिंह भयड़िया, एचसी टलर, संजय डाबी, नीतिन धाकड़, प्रियांष चैधरी, शंकर जमरा, विरेन्द्र वसुनिया आदि द्वारा किया गया।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी को मनाया जाएगा

झाबुआ । राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी 2018 को बूथ एवं जिला स्तर पर मनाया जाएगा। जिला स्तर एवं बूथ स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में नये जुडे मतदाताओं को ईपीक पहचान पत्र वितरित किये जायेगे एवं नये मतदाताओं के नाम जोडे जायेगे। मतदाताओं को उनके अधिकार एवं उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक किया जाएगा। जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में निबंध वाद-विवाद, चित्रकला एवं स्लोंगन प्रतियोगिता में विजेता रहे विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।

आनंद उत्सव वीडियों एवं फोटो प्रतियोगिता में भाग ले

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झाबुआ । जिले में 14 से 21 जनवरी के बीच ग्रामीण क्षेत्रो में आयोजित आनंद उत्सव के रोमांच और आनंद को कैमरे में कैद कर वीडियों या फोटो राज्य आनंद संस्थान को वेबसाइट पर पुरस्कृत के लिए वीडियों फोटों बटन क्लिक कर भेजे। फोटो अथवा वीडियों ूूूण्ंदंदकेंदेजींदउचण्पद  पर अपलोड किये जा सकेगे। वीडियों/फोटो प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार (एक) 15 हजार रूपये, द्वितीय पुरस्कार (दो) 10 हजार रूपये के एवं तृतीय पुरस्कार (तीन) 5 हजार रूपये के रखे गये है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागी अधिकतम 90 सेकण्ड का वीडियों एवं अधिकतम तीन फोटो ही भेज सकते है।

बुजुर्ग, महिला एवं बच्चे सभी ने आनंद उत्सव में की सहभागिता, आनंद उत्सव का जिले में हुआ आगाज

झाबुआ । जिले में 14 जनवरी से आनंद उत्सव का आगाज हो गया है। ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित आनंद उत्सव में गांव के बुजुर्ग, महिला एवं बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। ग्राम स्तर पर स्थानीय खेल कबड्डी, खो-खो, 100 एवं 200 मीटर की दौड, कुर्सी दौड, भजन, गायन, इत्यादि प्रतियोगिताएॅ आयोजित की गई। गाॅव में आनंद उत्सव के समापन के बाद सामूहिक भोज का आयोजन भी किया गया।

महिलाओं एवं बुजुर्गो में हुई रस्साकशी
रामा ब्लाक की ग्राम पंचायत झिरी एवं उमरकोट में आयोजित आनंद उत्सव के दौरान महिलाओं एवं बुजुर्गो की रस्साकशी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बुजुर्गो, युवाओं एवं महिलाओं ने आयोजित आनंद उत्सव के दौरान प्रतियोगिता में बढ-चढ कर हिस्सा लेकर आनंद की अनुभूति की। पेटलावद ब्लाक के ग्राम बेकल्दा में, थांदला ब्लाक के ग्राम पंचायत कलस्टर देवका, बालवासा एवं झारणी में आनंद उत्सव के दौरान बच्चों ने कबड्डी, खो-खो दौड जैसे स्थानीय खेल खेले। उत्सव के दौरान 100 एवं 200 मी. की दौड के साथ ही कुर्सी दौड का आयोजन किया गया।

उत्खनिपट्टा पर आपत्ति हो, तो 15 दिवस के भीतर दर्ज करे

झाबुआ । जिला खनिज अधिकारी देविका परमार ने बताया कि आवेदक श्रीमती नीलम पति एस के असाड निवासी झाबुआ द्वारा ग्राम गडवाडा ब्लाक झाबुआ पटवारी हल्का नं. 17 जिला झाबुआ की शासकीय भूमि का उत्खनिपटटा प्राप्त करने हेतु 6 दिसम्बर 2017 को आवेदन दिया है। क्षैत्र के किसी व्यक्ति को कोई आपत्ति हो तो 15 दिवस के भीतर खनिज कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर मय प्रमाण के प्रस्तुत करे। निर्धारित अवधि पश्चात प्राप्त आपत्ति पर किसी प्रकार का विचार नहीं किया जावेगा।

फलिये-फलिये, झोपडे-झोपडे पहुॅच रही फलिया नू जात्रा

हमारे पत्रकार मित्र बधाई और शुभकामना मांगते हुए कहते हैं "आप सभी की दुआओं से हमने भी एक्यूप्रेशर शोध संस्थान से डाक्टेरियट कर लिया है! अब हम डा. हेमन्त कुमार सिंह (M. D. Acu) लिखने के अधिकारी हो गए हैं, बस इसी तरह से आप सभी का सानिध्य और आशीर्वाद बनी रहे हैं" क्या मधुबनी का पत्रकार बिरादरी अनपढ़ जाहिल या बिलकुल पढ़ा लिखा नहीं है जो इस तरह के फर्जी लोगों को ससम्मान डॉक्टरेट की उपाधि के साथ स्वीकार कर बधाई भी देता है--- जानकारी जरूरी है कि डिप्लोमा कोर्स की कुछ सीमाएं होती हैं जो डिग्री तक की अहर्ता नहीं रखता ---- वाकई ये भय करने वाला है कि इस तरह के आपराधिक कृत्य वाले लोग अपने आप को पत्रकार संगठन का अध्यक्ष घोषित कर लेते हैं !!
झाबुआ ।  जिले में हर व्यक्ति तक पहुंचने एवं उसे पात्रतानुसार शासन की योजना से लाभान्वित करने के उद्देश्य से सुशासन पखवाडे के अंतर्गत नागरिकों एवं क्षेत्रीय शिकायतो/समस्याओं के निराकरण के संबंध में ‘‘फलिंया-नू-जात्रा‘ का आयोजन किया जा रहा है। हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिये संपूर्ण जिले में जात्राएॅ आयोजित कर शासकीय सेवक फलिये फलिये एवं घर-घर जाकर ग्रामीणो की समस्याएॅ जान रहे है। ग्रामीणो को शासकीय योजनाओ के बारे में बता कर पात्रतानुसार छूटे हुवे लागो को लाभ के चिन्हित कर रहे है।

सफलता की कहानी : 4 हजार रूपये कमा ने वाला दीपेश कमा रहा 50 हजार
  • 4 युवाओ को भी उपलब्ध कराया रोजगार

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झाबुआ । प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अपने उददेश्य के अनुरूप आदिवासी गरीब व बेरोजगार युवाओ को विकास की मुख्यधारा से जोडने का काम कर रही है। आदिवासी बाहुल्य झाबुआ जिले के श्री दीपेश पिता मुरलीधरण आचार्य निवासी गोपाल काॅलोनी झाबुआ को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना ने कियोस्क एवं आधार सेवा सेन्टर का मालिक बना दिया। दीपेश ने स्वयं तो रोजगार प्राप्त किया ही साथ ही 4 अन्य युवाओं को भी रोजगार उपलब्घ करवाया। दीपेश को कियोंस्क एवं आधार सेवा ईकाई के संचालन से प्रतिमाह 45 से 50 हजार रूपये आय होती है। दीपेश को स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए 2.09 लाख रूपये ऋण मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजनांतर्गत स्वीकृत हुआ एवं उन्होने शहीद चन्द्रशेखर आजाद महाविद्यालय झाबुआ के पास कियोस्क एवं आधार सेवा ईकाई का काम शुरू कर दिया। चर्चा के दौरान दीपेश ने बताया कि वे एक सामान्य परिवार के युवा है उन्होंने बी.काम स्नातक तक पढाई की है। वह अपने जीविकोपार्जन के लिए रोजगार की तलाश में इधर-उधर कम्प्यूटर सेंटर पर काम करके 4 हजार रूपये मासिक कमा पाते थे। बैंक अधिकारी व उद्योग विभाग के कर्मचारियों के संपर्क में आने के बाद मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अंतर्गत बैंक आॅफ महाराष्ट्र शाखा झाबुआ व्दारा रू. 2.09 लाख ऋण उपलब्ध कराया गया। योजना का लाभ लेकर स्वयं का कियोस्क एवं आधार कार्ड सेवा ईकाई स्थापित की। जिससे प्रतिमाह 45 से 50 हजार रूपये आय होती है। अन्य खर्चे हटा देने के बाद शुद्ध 15000-20000 रू. प्रति माह आय हो जाती है। सेन्टर से होने वाली आय में से लोन की बैंक किश्त भी जमा हो जाती है और परिवार का भरण पोषण भी अच्छे से हो जाता है और दीपेश ने बच्चे की अच्छी शिक्षा के लिये उसका प्रवेश इन्दौर पब्लिक स्कूल झाबुआ में करवाया एवं निवास पर एक और कियोस्क सेन्टर प्रारंभ कर दिया है, जिससे उसे और अतिरिक्त आय होने लगी है।
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