नितीश की तानाशाही के खिलाफ बिगुल, ललन सिंह का इस्तीफा ! - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

सोमवार, 1 फ़रवरी 2010

नितीश की तानाशाही के खिलाफ बिगुल, ललन सिंह का इस्तीफा !


बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यशैली को लेकर नाराज जेडी (यू) के प्रदेश अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़ने का कोई सवाल नहीं उठता।

ललन ने शरद यादव के घर पर उनसे करीब दो घंटे की मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, 'मैंने बिहार प्रदेश अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंप दिया है।' मुंगेर से सांसद ललन ने कहा,'शरद यादव चाहते थे कि मैं अपना इस्तीफा वापस ले लूं। उनका कहना था कि 10 दिन का समय दिया जाए। मैंने साफ कह दिया कि वह इस्तीफा वापस नहीं लेंगे और इस पद पर नहीं रहेंगे। इसलिए उनके इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया जाए।'

जेडी (यू) छोड़ने की अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, 'तरह-तरह के प्रचार चल रहे हैं और तरह तरह के भ्रम फैलाए जा रहे हैं। मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि यह घर जेडी(यू) मेरा है। इस घर को बनाने में मेरा योगदान किसी से ज्यादा नहीं तो कम भी नहीं है। मैं इस घर में हूं और अंतिम दिन तक रहूंगा। किसी किराये के मकान में जाने की जरूरत नहीं।' उन्होंने कहा कि जो इस दल के दुश्मन हैं वहीं इस तरह का भ्रम फैला रहे हैं और मुद्दों से ध्यान हटाने का प्रयास कर रहे हैं।

शरद यादव ने कहा कि ललन सिंह ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बताया, 'ललन सिंह ने कुछ सवाल भी उठाए हैं। मैंने इस्तीफे पर विचार के लिए उनसे 10-15 दिन का समय देने को कहा है ताकि बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जा सके।'

उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार पर एक तानाशाह की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए ललन सिंह ने जेडी (यू) के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। सिंह ने कुछ दिन पहले शरद यादव से बातचीत की थी और प्रदेश अध्यक्ष पद के दायित्व से मुक्त करने की इच्छा जताई थी। ललन ने नीतीश कुमार पर पाटीर् के बारे में लिए जाने वाले निर्णयों में उनसे विचार-विमर्श नहीं करने का आरोप लगाया है और कहा है कि पार्टी के निर्णयों के बारे में उन्हें जानकारी अखबारों के माध्यम से मिलती है। वे ऐसा अनुभव करते हैं कि जब से वे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद पर नियुक्त हुए हैं निर्णय लेने में उनकी कोई भूमिका नहीं होती।

कोई टिप्पणी नहीं: