हमें सबसे प्रेम हो। कोई भी पराया नहीं है। केवल नारायण ही सब जीवों में बसते हैं। उसके सिवा कुछ भी नहीं है। कभी ऐसा विचार न करो कि केवल तुम ही समझदार हो और अन्य मूर्ख हैं। ~~~~~
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