दोहे और उक्तियाँ !! - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 2 जून 2010

दोहे और उक्तियाँ !!

प्रेम प्रेम सब कोई कहे प्रीत न जाने कोय।
आठ पहर बहता रहे प्रेम कहावे सोय 

- कबीर -

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