परमाणु अप्रसार की दिशा में भारत के योगदान की प्रशंसा करते हुए जापान ने शनिवार को कहा कि यदि नई दिल्ली कोई सैन्य परमाणु परीक्षण करता है तो टोक्यो द्विपक्षीय परमाणु सहयोग स्थगित कर देगा। जापान के विदेश मंत्री कात्सुया ओकाडा ने कहा, ""परमाणु अप्रसार की दिशा में तथा एक परमाणु मुक्त दुनिया की रचना के लिए भारत की ओर से किए गए प्रयासों की मैं सराहना करता हूं।"" ओकाडा से जब भारत-जापान के बीच एक परमाणु समझौते हेतु परमाणु बातचीत शुरू किए जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने संवाददाताओं को बताया, ""संभवत: एक विदेश मंत्री के रूप में मुझे यह एक सबसे कठिन निर्णय लेना प़डा था।"" ओकाडा भारत के साथ बातचीत के लिए शनिवार को यहां पहुंचे हैं। बातचीत में दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु सहयोग की संभावना भी शामिल होगी। जापानी प्रधानमंत्री नाओतो कान से मिली मंजूरी के बाद भारत और जापान ने पहले दौर की परमाणु बातचीत 28-29 जून को आयोजित की थी। टोक्यो ने सितंबर 2008 में 46 देशों के परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में वैश्विक परमाणु व्यापार बहाल किए जाने की नई दिल्ली के प्रयास का समर्थन किया था। ओकाडा ने हालांकि कहा कि भारत के साथ परमाणु सहयोग एक परमाणु मुक्त दुनिया के सृजन के हमारे लक्ष्य को दरकिनार कर नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि जापान उन देशों के साथ परमाणु सहयोग करेगा, जिन्होंने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं किया है। |
रविवार, 22 अगस्त 2010
परमाणु परीक्षण की स्थिति में जापान परमाणु सहयोग समाप्त कर देगा !!
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