पुलिस ने यह जानकारी देते हुए बताया कि लोधी रोड इलाके में अपराहन तीन बजकर 10 मिनट पर यह हादसा हुआ, जिसमें पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए। दिल्ली सरकार के सूत्रों ने बताया कि चंडीगढ़ स्थित पीएनआर इंफ्रा नामक कंपनी साढ़े दस करोड़ रुपये की लागत से एक अन्य ओवरब्रिज के साथ इस ओरवब्रिज का निर्माण कर रही थी।
इस पुल को जल्द ही पूरा किया जाना था और यह पार्किंगस्थल को मुख्य जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से जोड़ने के लिए बनाया जा रहा था। राष्ट्रमंडल खेलों के उद्घाटन और समापन समारोह इसी स्टेडियम में आयोजित किए जाने हैं।
दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मजदूर पुल के एक हिस्से पर कंक्रीट का मसाला डाल रहे थे, तभी पुल ढह गया। लोनिवि के मुख्य अभियंता राकेश मिश्रा ने स्वीकार किया कि यह हादसा एक झटका है, लेकिन साथ ही विश्वास व्यक्त किया कि पुल का निर्माण तीन अक्टूबर को खेलों की शुरुआत से पहले पूरा हो जाएगा। सोमवार को भी स्टेडियम में बनाई जा रही एक छतरी गिर जाने से एक अधिकारी सहित दो पुलिकर्मी घायल हो गए थे। इस पूरे हादसे में सबसे दिलचस्प बात यह रही कि राष्ट्रमंडल खेलों पर बने मंत्री समूह के प्रमुख जयपाल रेड्डी ने बारिश को ब्रिज गिरने की वजह बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 20 दिन से भारी बारिश हो रही है। मुझे ब्रिज के गिरने के बारे में तो ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन इस बात का भरोसा है कि खेलों का आयोजन विश्व स्तरीय होगा।
लोनिवि के मुख्य अभियंता की राय हालांकि इससे अलग है। उन्होंने कहा कि इसकी वजह बारिश नहीं है। कुछ गलत हुआ, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। हम इसके तमाम पहलुओं पर विचार कर रहे हैं। इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना करार देते हुए मिश्रा ने कहा कि शायद ब्रिज के पिन में से एक गिर गया, जिससे यह ढह गया।
पुलिस उपायुक्त एचजीएस धालीवाल ने कहा कि ब्रिज ढहने के सिलसिले में दुर्घटना का मामला दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घायलों को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के फौरन बाद टूटे हुए ब्रिज के मलबे को हटाने के लिए क्रेनों को लगाया गया है।

1 टिप्पणी:
लगता है कि देश कि नाक काटकर ही रहेगी, भगवान भी शायद ऐसा ही चाहता है ....
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