यमुना फिर खतरे के निशान से ऊपर , स्थिति गंभीर !! - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 21 सितंबर 2010

यमुना फिर खतरे के निशान से ऊपर , स्थिति गंभीर !!


उत्तर प्रदेश से जो़डने वाला यमुना पर बना पुल मंगलवार को बंद कर गया। इस बीच नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा है कि स्थिति गंभीर है लेकिन इससे निपटने के लिए सभी प्रबंध कर लिए गए हैं।

मुख्य मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ""स्थिति गंभीर है लेकिन हमने सभी जरूरी इंतजाम कर लिए हैं।"" हरियाणा से 7.44 लाख क्यूसेक जल छो़डे जाने के बाद यमुना का जलस्तर मंगलवार सुबह बढ़कर 206.16 हो गया है जो खतरे के निशान से 1.33 मीटर ऊपर है। केन्द्रीय जल आयोग के मुताबिक बुधवार को जलस्तर 207 मीटर तक पहुंचने का अनुमान है जो खतरे के निशान से 2.17 मीटर ऊपर होगा। कश्मीरी गेट पर स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने कहा, ""मंगलवार सुबह जलस्तर 206 मीटर से ऊपर चला गया, इस कारण हमें ओल्ड रेलवे पुल को बंद करना प़डा।"" पुल के बंद होने से दिल्ली और उत्तर प्रदेश को जो़डने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-24 पर वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है और उससे निकलने वाली स़डकों पर जाम की स्थिति है। ओल्ड रेलवे पुल का निर्माण 1868 में हुआ था। एक रेलवे अधिकारी ने बताया कि इस पुल के बंद होने के बाद रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से चलने वाली दो दर्जन से ज्यादा रेलगाç़डयों का मार्ग परिवर्तित किया गया है। हरियाणा के हथनिकुंड बैराज से पानी छो़डे जाने के बाद दिल्ली में यमुना का जलस्तर 204.3 मीटर के खतरे के निशान से काफी ऊपर चला गया है। यमुना में जलस्तर बढ़ने के साथ राजधानी के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति है और न्यू उस्मानपुर, सरिता विहार, कालिंदी कुंज, जामिया नगर और वजीराबाद जैसे इलाकों को खाली कराकर वहां के लोगों को अस्थाई शिविरों में भेजा गया है। दिल्ली के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री राज कुमार चौहान ने सोमवार को कहा कि पिछले 100 सालों में ऎसा पहली बार हुआ है जब यमुना में इतनी ज्यादा मात्रा में जल छो़डा गया है। उन्होंने कहा, ""सरकार ने स्थिति से निबटने के लिए पर्याप्त प्रबंध किए हैं। नदी के नजदीक करीब 75 बोटें, 68 गोताखोरों, नाविकों और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल के एक दल को तैनात किया गया है।"" उन्होंने निचले इलाकों के लोगों से ऊपरी इलाकों में बने शिविरों में आने की अपील की है।

1 टिप्पणी:

बेनामी ने कहा…

top [url=http://www.c-online-casino.co.uk/]free casino[/url] hinder the latest [url=http://www.casinolasvegass.com/]online casino[/url] autonomous no set aside perk at the foremost [url=http://www.baywatchcasino.com/]no lay down reward
[/url].